अफगानिस्तान संकट: राष्ट्रपति बाइडन का देश के नाम संबोधन, जानिए क्या-क्या कहा
{"_id":"612e5d828ebc3e7f42300c6f","slug":"us-president-joe-biden-to-address-nation-on-not-extending-deadline-to-withdraw-troops-from-afghanistan","type":"live","status":"publish","title_hn":"अफगानिस्तान संकट: राष्ट्रपति बाइडन का देश के नाम संबोधन, जानिए क्या-क्या कहा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Wed, 01 Sep 2021 01:53 AM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 01 Sep 2021 01:53 AM IST
खास बातें
30 अगस्त को अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी पूरी होने के एक दिन बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन देश को संबोधित किया। इस दौरान बाइडन बताएंगे कि उन्होंने युद्धग्रस्त देश से अमेरिकी सैनिकों की वापसी का तारीख आगे क्यों नहीं बढ़ाई। बाइडन ने एक बयान ने कहा कि यह फैसला संयुक्त प्रमुखों की सर्वसम्मत सिफारिश के आधार पर लिया गया था। भारतीय समयानुसार यह संबोधन मंगलवार देर रात करीब 12.45 बजे होगा।
विज्ञापन
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
लाइव अपडेट
01:00 AM, 01-Sep-2021
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का देश को संबोधन
अफगानिस्तान से सैन्य वापसी के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का देश को संबोधित किया। इस दौरान बाइडन ने क्या-क्या कहा पढ़ें-- हमने जो अफगानिस्तान में किया वो गर्व की बात है
- हमारी मौजूदगी में अफगानिस्तान में शांति रही
- अफगानिस्तान में हमारा मिशन कामयाब रहा
- 1 लाख 25 हजार से अधिक लोग निकाले गए
- पेशेवर तरीके से लोगों को निकाला गया
- जो हमने किया उसे भुलाया नहीं जा सकता
- काबुल छोड़ने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं था
- सेना वापसी के अभियान की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं
- अमेरिकी हितों के लिए काबुल छोड़ा
- हमने अफगानिस्तान में तीन लाख सैनिकों को तैयार किया था
- दो दशकों में अफगानिस्तान में कई घटनाए हुईं
- हमने वहां लाखों-करोड़ों डॉलर खर्च किए
- मैं जंग को बढ़ाना नहीं चाहता था
- 100 से लेकर 200 अमेरिकी नागरिक वहां मौजूद हैं
- जो अमेरिकी आना चाहेंगे, हम लेकर आएंगे
- नागरिकों को निकालने की समय सीमा 31 अगस्त थी
- अशरफ गनी के भागने से अफगानिस्तान में अराजकता फैली
- तालिबान ने 5 हजार कमांडो को जेल से छुड़ाया
- अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंक के लिए ना हो
- हम चीन से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं
- रूस से भी हमें चुनौती मिल रही है
- हम नए तरीके से आगे बढ़ना चाहते हैं
- हमारी विदेश नीति देश हित में होनी चाहिए
- अफगानी लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे
- महिलाओं, बच्चों, व मानवाधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे
- 20 साल की हमारी लड़ाई बहुत मुश्किल थी
- ये मिशन अमेरिका के लिए महंगा साबित हुआ है
- हमने वहां बहुत संघर्ष किया है
- मैं अमेरिका के सम्मान को सर्वोपरि रखता हूं
11:26 PM, 31-Aug-2021
काबुल में अमेरिकी दूतावास बंद, जापानी अधिकारी तुर्की शिफ्ट
अफगानिस्तान में अमेरिक और जापान के दूतावासों ने मंगलवार को अपना कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया। काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने काबुल से अपने कर्मियों को वापस बुला लिया है, लेकिन हम कतर के दोहा से अफगानिस्तान में अमेरिकी नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता करना जारी रखेंगे। उधर, जापान के शीर्ष राजनयिक भी अस्थायी तौर पर अफगानिस्तान से अपने तुर्की दूतावास में चले गए। लेकिन उनकी योजना कतर शिफ्ट होने की है, जहां तालिबान का भी राजनीतिक मुख्यालय है। तालिबान के शासन वाले अफगानिस्तान में कतर की आगे भी बेहद अहम राजनीतिक भूमिका निभाने की संभावना है।
विज्ञापन
11:11 PM, 31-Aug-2021
तालिबान का असली रुख सामने आने का इंतजार
तालिबान को मान्यता देने को लेकर भारत अपना रुख स्पष्ट करने की हड़बड़ी में नहीं है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अब तक तालिबान ने वहां भारतीय नागरिकों और हिंदू-सिख अल्पसंख्यकों को निशाना नहीं बनाया है। लेकिन विदेशी सैनिकों के अफगानिस्तान से निकलने के बाद अब तालिबान जल्द ही सरकार का गठन करेगा और तब कई मुद्दों पर उसका असली रुख स्पष्ट होगा। इसलिए भारत इस मामले में और इंतजार करने के मूड में है। इसमें यह भी देखा जाएगा कि नई सरकार में पूरी तरह तालिबान की अकेली सत्ता होगी या अन्य अफगान नेताओं को भी इसमें जगह दी जाएगी।
10:54 PM, 31-Aug-2021
बाइडन का यह संबोधन अमेरिकी समयानुसार मंगलवार की दोपहर 2.45 बजे और भारतीय समयानुसार मंगलवार देर रात करीब 12.15 बजे होगा। व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति के संबोधन के लिए अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइवस्ट्रीम की व्यवस्था की है जिससे दर्शक उन्हें रियल टाइम में सुन सकें।
10:42 PM, 31-Aug-2021
इन मुद्दों पर बात कर सकते हैं बाइडन
बाइडन का यह संबोधन तालिबान और अमेरिका के भविष्य के संबंधों का खाका भी पेश कर सकता है। इस दौरान बाइडन यह भी बता सकते हैं कि अमेरिका की ओर से तालिबान को कोई आर्थिक मदद दी जाएगी या नहीं। वहीं, वह इस पर भी बात कर सकते हैं कि अफगानिस्तान में फिर आतंकियों के सिर उठाने पर वह क्या कदम उठाएंगे।10:30 PM, 31-Aug-2021
आलोचना का सामना कर रहे बाइडन
तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। इसके पीछे की मुख्य वजह यहां से अमेरिकी सैनिकों की वापसी बताया जा रहा है। इसे लेकर जो बाइडन को खासी आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा है। हालांकि, बाइडन खुद शुरुआत से ही अपने फैसले पर डिगे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
10:22 PM, 31-Aug-2021
अफगानिस्तान संकट: राष्ट्रपति बाइडन का देश के नाम संबोधन, जानिए क्या-क्या कहा
राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को (स्थानीय समय के अनुसार) एलान किया कि मैं अफगानिस्तान में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी को 31 अगस्त से आगे न बढ़ाने के अपने फैसले पर स्पष्टीकरण देने के लिए देश को संबोधित करूंगा। व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में की गई यह घोषणा अफगानिस्तान में 20 साल से अमेरिका की सैन्य मौजूदगी समाप्त होने के एक दिन बाद की गई है।