अमेरिका मध्यावधि चुनाव LIVE: सीनेट के बाद डेमोक्रेट्स ने हाउस में भी हासिल किया बहुमत; इल्हान उमर फिर जीतीं
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए मंगलवार को (स्थानीय समय) मतदान कराए गए। नियमों के मुताबिक वोटिंग खत्म होने के साथ गिनती भी शुरू हो गई। मतदाताओं के बीच कई मुद्दों पर चर्चा देखी गई। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सफल प्रत्याशियों को बधाई देनी शुरू कर दी है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों के लिए मतदान कराए गए हैं। अमेरिका में वोटिंग के बाद अब नतीजों से जुड़े अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें
लाइव अपडेट
ट्रंप से बदला लेने के बजाय महंगाई पर ध्यान देंगे डेमोक्रेट्स, जेफ्रीज बोले- प्रशासन की गड़बड़ियों की जांच भी होगी
अमेरिका में संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा है कि डेमोक्रेट्स का मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से राजनीतिक बदला लेना नहीं, बल्कि लोगों की बढ़ती जीवनयापन लागत को कम करने पर ध्यान देना होगा। जनवरी में सदन का नियंत्रण मिलने के बाद जेफ्रीज के स्पीकर बनने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि पार्टी ट्रंप प्रशासन में किसी भी संभावित गड़बड़ी की जांच से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर जांच करना, कानून और संविधान के मुताबिक कार्रवाई करना तथा दोषियों को जवाबदेह ठहराना उनकी जिम्मेदारी होगी। वहीं, हाउस ओवरसाइट कमेटी के संभावित नए अध्यक्ष और कैलिफोर्निया के डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने ट्रंप के करीबियों को दो टूक संदेश देते हुए कहा, 'वकील कर लीजिए।'स्पेन के प्रधानमंत्री ने किया डेमोक्रेट्स की जीत का स्वागत; बोले- जनता ने नफरत को नकारा
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रदर्शन पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने खुशी जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कई मुद्दों पर मतभेद रखने वाले सांचेज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि अमेरिकी जनता ने ऐसी नीतियों के खिलाफ मतदान किया है, जो लोगों को सिर्फ गरीबी की ओर धकेलती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने नफरत, लिंगभेद, जलवायु परिवर्तन को नकारने वाली सोच और अभिजात वर्ग के विशेषाधिकारों के खिलाफ अपना फैसला सुनाया है।अमेरिकी चुनाव का असर: दुनिया के शेयर बाजारों में लौटी तेजी, डॉलर संभला; AI कंपनियों पर बढ़ सकती है सख्ती
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बाद दुनिया के शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और डॉलर भी संभल गया। दरअसल, निवेशकों को आशंका थी कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली अमेरिकी संसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र पर निगरानी और नियमन बढ़ा सकती है। इसी चिंता के चलते मंगलवार रात एशियाई बाजारों में एआई कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई थी और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्पों का रुख किया था। हालांकि, चुनाव नतीजे सामने आने के बाद यूरोपीय बाजारों में तेजी दिखी। एमएससीआई का ऑल-वर्ल्ड इंडेक्स 0.13 प्रतिशत और यूरोप का स्टॉक्स 600 इंडेक्स 0.5 प्रतिशत चढ़ गया। अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में भी तेजी लौटी, जो रात में दो प्रतिशत तक गिर गया था।अमेरिकी चुनाव में ट्रंप की हार से यूरोप में खुशी की लहर
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कमजोर पड़ने से यूरोपीय देशों में खुशी का माहौल है। यूरोप के राजनयिकों को उम्मीद है कि चुनाव नतीजों से ट्रंप के कार्यकाल का अंत करीब आ सकता है। ब्रसेल्स में राजनयिकों ने नतीजों का स्वागत किया है। एक राजनयिक ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि यूरोप में इस बात को लेकर राहत है कि यह ट्रंप युग के अंत की शुरुआत हो सकती है और यूरोपीय देशों से ज्यादा खुश कोई नहीं है। दरअसल, ट्रंप की टैरिफ नीतियों, यूक्रेन के प्रति उनके रुख और ग्रीनलैंड को लेकर दी गई धमकियों से यूरोपीय देश चिंतित रहे हैं। हालांकि, चुनाव नतीजों के बाद भी अमेरिकी नीतियों में बड़े बदलाव की कोई गारंटी नहीं है।
अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत से दुनिया के शेयर बाजारों में उछाल, ट्रंप को झटका लगने के बाद तेल के दाम गिरे
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत मिलने के बाद बुधवार को दुनिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में भी बढ़त दर्ज की गई। एसएंडपी 500 का वायदा कारोबार 0.2 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज का वायदा 0.4 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि तेल की कीमतों में गिरावट आई। चुनाव नतीजों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के शासन के खिलाफ जनता के बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। इससे अब अमेरिकी संसद में ट्रंप के फैसलों और नीतियों का विरोध बढ़ने की संभावना है।
'अमेरिका में डीईआई की वापसी': डेमोक्रेट्स की जीत पर रो खन्ना बोले- मुझे इस अमेरिका से प्यार है
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा कि अमेरिका में विविधता, समानता और समावेश (डीईआई) की वापसी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत का जिक्र किया। खन्ना ने कहा कि अमेरिका में अब तीन अश्वेत गवर्नर हैं। टेक्सास को पहली लैटिना महिला गवर्नर मिली हैं। इसके अलावा देश को पहला मुस्लिम अमेरिकी सीनेटर और पहला खुले तौर पर समलैंगिक सीनेटर भी मिला है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे इस अमेरिका से प्यार है।'दरअसल, डीईआई का पूरा नाम डायवर्सिटी, इक्विटी और इन्क्लूजन है, जिसका मतलब विविधता, समानता और समावेश से है। इसके तहत समाज और कार्यस्थलों पर अलग-अलग नस्ल, धर्म, लिंग और समुदाय के लोगों को समान अवसर देने पर जोर दिया जाता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सरकारी संस्थानों में डीईआई से जुड़ी कई पहलों को खत्म करने के कदम उठाए थे। ऐसे में चुनाव में अल्पसंख्यक समुदायों के उम्मीदवारों की जीत को रो खन्ना ने इन नीतियों के खिलाफ एक अहम संदेश के तौर पर पेश किया।
अमेरिकी चुनाव नतीजों पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा बोले- दुनिया के रिश्तों में नए दौर की होगी शुरुआत
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी चुनाव के नतीजे दुनिया के देशों के आपसी रिश्तों को प्रभावित करेंगे और वैश्विक संबंधों में नया अध्याय शुरू हो सकता है।
अब्दुल अल-सईद बने अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर
अमेरिका के मिशिगन राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीत लिया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया है। अब्दुल अल-सईद अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं। अब्दुल अल-सईद ने जनता का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि वे लोगों की सेवा उसी प्यार, खुले विचारों, मेहनत और ईमानदारी के साथ करना चाहते हैं, जो उन्हें जनता से मिली है। अब्दुल ने कहा कि उनके जीवन के सबसे मुश्किल समय में लोगों ने उनका साथ दिया। जनता ने उन्हें हिम्मत, भरोसा और आगे बढ़ने की उम्मीद दी। अब वे इस प्यार और विश्वास को वाशिंगटन तक लेकर जाना चाहते हैं और वहां लोगों की आवाज बनकर काम करना चाहते हैं।#WATCH | #USMidtermElections 2026 | Michigan Democratic Senate Nominee Abdul El-Sayed says, "I cannot wait to serve you with the same big-heartedness, open-mindedness, grit, and earnestness that you've shown me... You gave me grace and strength in my lowest moments, and the hope and inspiration that powered my best. I hope I can bring it all with me to Washington in your service. The last month has brought the stakes of this election into sharp relief. Ours, this beautiful movement, was built over the past year and a half, campaigning across Michigan's biggest cities and its smallest towns. We spoke of a brighter, a bigger, more hopeful Michigan. Theirs, an astroturfed, corporate-funded advertising campaign built to deceive and distract..." (Source: Reuters)
— ANI (@ANI) November 4, 2026
उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से उनका चुनावी अभियान मिशिगन के बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक चला। इस दौरान उन्होंने लोगों के सामने एक बेहतर, विकसित और उम्मीदों से भरे मिशिगन का सपना रखा। अब्दुल ने विरोधी पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ बड़े कारोबारी समूहों के पैसों से प्रचार अभियान चलाया गया। इसका मकसद लोगों को गुमराह करना और असली मुद्दों से ध्यान हटाना था।