फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Live

LIVE: नेपाल बाढ़ में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 175 हुआ; विदेश मंत्रालय ने कहा- 300 से ज्यादा भारतीय अभी भी लापता

Thu, 27 Aug 2026 12:52 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 27 Aug 2026 12:52 PM IST
खास बातें

नेपाल में बुधवार को आई भयंकर त्रासदी में मृतकों का आंकड़ा 150 के पार पहुंच गया है। तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ अपने रास्ते में सबकुछ बहाकर ले गई। इस बाढ़ में कई पुल, हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए। एक हजार के करीब लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं। 

विज्ञापन
LIVE: Nepal flood live updates death toll rises rescue operation missing including indians
नेपाल बाढ़। - फोटो : पीटीआई

लाइव अपडेट

12:51 PM, 27-Aug-2026

नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद केरल के 53 लोग फंसे, इनमें बच्चे भी शामिल

केरल सरकार की एजेंसी NORKA रूट्स ने कहा है कि नेपाल की बाढ़ में केरल के 53 लोग फंसे हुए हैं।  NORKA रूट्स, विदेश में रहने वाले केरल के लोगों के मामलों और कल्याणकारी सेवाओं का कामकाज देखती है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में NORKA रूट्स के CEO राजेश माधवन ने बताया, 'इससे हमने लगभग 53 केरलवासियों की पहचान की, जिनमें परिवार के सदस्य, वयस्क और बच्चे शामिल हैं।'

माधवन ने बताया कि NORKA रूट्स के पास इन सभी 53 लोगों के संपर्क नंबर हैं, लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण अभी उनसे सीधे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा, 'हम अभी तक सीधे संपर्क नहीं कर पाए हैं, लेकिन हमें सामान्य तौर पर यह पता है कि वे सुरक्षित हैं।'
12:42 PM, 27-Aug-2026

नेपाल में आई तबाही पर संघ ने जताया दुख, मदद के लिए बढ़ाए हाथ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नेपाल में आई तबाही पर गहरा दुख जताया है। साथ ही संगठन ने नेपाल की हरसंभव मदद की भी पेशकश की है। संघ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर नेपाल की त्रासदी पर दुख जताया। साथ ही कहा हम पीड़ितों की मदद के लिए तैयार हैं और हरसंभव मदद करने का प्रयास करेंगे। दरअसल तिब्बत में एक ग्लेशियर ने टूटकर भोटेकोशी नदी की सहायक ल्हेंदे नदी के प्रवाह को रोक दिया। इससे एक झील बनी, जो पानी के दबाव में टूटकर नेपाल-चीन बॉर्डर पर स्थित रसुवागढ़ी में भारी तबाही लाई। 
 
विज्ञापन
12:33 PM, 27-Aug-2026

तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा में दी लापता लोगों की जानकारी

तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने विधानसभा को बताया कि सरकार बचाव कार्य और तमिलनाडु के मानसरोवर यात्रा तीर्थयात्रियों की स्थिति पर नजर रख रही है, और 20 तीर्थयात्रियों को वापस लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री राजमोहन ने कहा कि चेन्नई की एक टूर एजेंसी 57 लोगों के अलावा 49 तीर्थयात्रियों को भी मानसरोवर यात्रा पर ले गई थी, और उनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
12:16 PM, 27-Aug-2026

नेपाल की मदद के लिए आगे आए दुनिया के कई देश

नेपाल में आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है। ऐसे में दुनिया के कई देश नेपाल की मदद के लिए आगे आए हैं। भारत ने बड़ी संख्या में राहत सामग्री नेपाल रवाना की है। वहीं अमेरिका ने नेपाल की आर्थिक मदद करने का एलान किया है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र भी नेपाल सरकार के साथ मिलकर नेपाल में राहत और बचाव अभियान चला रहा है। यूरोपीय संघ ने भी नेपाल की मदद की पेशकश की है। 
11:49 AM, 27-Aug-2026

नेपाल बाढ़ में मृतकों का आंकड़ा 175 हुआ

नेपाल में बुधवार को आई त्रासदी में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 175 हो गया है। नेपाल सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सैंकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें 28 देशों के 476 विदेशी नागरिक शामिल हैं। नेपाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि लापता लोगों में नेपाली सेना के 44, नेपाली पुलिस के 28 और नेपाल सशस्त्र बलों के 13 जवान भी लापता हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने कहा है कि लापता लोगों में 579 पर्यटक है। 
11:18 AM, 27-Aug-2026

नेपाल बाढ़ पर दुनियाभर के नेताओं ने जताया शोक, हर संभव मदद को लेकर दिखाई एकजुटता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 162 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस त्रासदी को लेकर दुनियाभर के नेताओं ने दुख जताते हुए नेपाल और पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता जाहिर की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने त्रासदी को लेकर गहरा दुख जताते हुए यूरोप की ओर से अधिक से अधिक सहायता की बात कही।

यूरोपीय संघ की अध्यक्ष ने जताया दुख
अध्यक्ष उर्सुला वॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, 'नेपाल और चीन में आई विनाशकारी बाढ़ ने कई समुदायों को बुरी तरह प्रभावित किया है। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, खासकर उन परिवारों के साथ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है या जो अब भी उनके बारे में किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं। हम उन बहादुर राहत और बचाव कर्मियों को भी याद कर रहे हैं जो कठिन परिस्थितियों में लोगों की मदद कर रहे हैं।'

उन्होंने बताया कि नेपाल में प्रभावित इलाकों का नक्शा तैयार करने और जमीनी स्तर पर राहत कार्यों में सहायता देने के लिए कोपरनिकस प्रणाली को सक्रिय किया गया है। यूरोपीय संघ जरूरत पड़ने पर और अधिक सहायता देने के लिए भी तैयार है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बोले- राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर रहे
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, 'नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस आपदा में कई लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी पूरी एकजुटता और सहानुभूति है।'

नेपाल में संयुक्त राष्ट्र सरकार के नेतृत्व में चलाए जा रहे राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े साझेदार संगठन बाढ़ प्रभावित समुदायों की मदद के लिए राहत सामग्री और कर्मियों को तेजी से जुटा रहे हैं।

नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन ने भी इस आपदा पर गहरा दुख जताते हुए 'एक्स' पोस्ट में लिखा, 'नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति हम गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हैं। वहीं, जो लोग अपने परिवार या करीबी लोगों की खबर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें हम हिम्मत और शक्ति की कामना करते हैं। हम कठिन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य कर रहे नेपाली अधिकारियों और आपदा राहतकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हैं। हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जिसमें प्रभावित क्षेत्र में मौजूद डच नागरिकों की स्थिति भी शामिल है।'

जापान की प्रधानमंत्री ने भी संवेदनाएं जाहिर कीं
वहीं, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने भी नेपाल बाढ़ त्रासदी पर दुख व्यक्त किया। तकाइची ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, 'नेपाल में आई व्यापक बाढ़ के मद्देनजर, मैं नेपाल सरकार और नेपाल की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पांच जापानी नागरिक लापता हैं, जो मेरे लिए गहरी चिंता का विषय है। नेपाल स्थित जापानी दूतावास ने उनसे संपर्क करने की कई कोशिशें की हैं, लेकिन अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। दूतावास ने उनकी तलाश में सहायता का अनुरोध भी किया है।'
विज्ञापन
विज्ञापन
10:27 AM, 27-Aug-2026

कस्टम अधिकारी ने बताया- पानी की 100 मीटर ऊंची लहर ने सबकुछ किया तबाह

काठमांडू पोस्ट के अनुसार, रसुवा में मुख्य कस्टम अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि जब वे बाहर भागे, तो उन्होंने पानी की एक दीवार देखी जो ऊपर की तरफ से तिमुरे बाजार की ओर तेजी से बढ़ रही थी और उसके पीछे धुएं का गुबार जैसा कुछ दिख रहा था। ढुंगाना ने नेपाली मीडिया को बताया, 'यह बाढ़ थी, जो लगभग 100 मीटर ऊंची लहर की तरह उठ रही थी और उसने बाजार को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही पल में बाजार खत्म हो गया।'
10:15 AM, 27-Aug-2026

नेपाल सरकार ने बयान जारी कर दी जानकारी

  • नेपाल सरकार ने एक बयान जारी कर बताया है कि अब तक 162 शव मिल चुके हैं। इनमें से 27 शव धाडिंग में, 12 नुवाकोट में, दो शव रसुवा में, 20 गोरखा में, 26 नवालपारासी पूर्व में, 9 तानाहुन में, 64 चितवन में और 5 शव नवालपारासी पश्चिम से बरामद हुए हैं।
  • विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में लापता लोगों के आंकड़ों में अंतर है। करीब सात सौ लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में नेपाली सेना के 44 जवान, नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सशस्त्र बल के 12 जवान भी लापता हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग ने बताया है कि 579 पर्यटक लापता हैं, जिनमें से 466 विदेशी और 113 नेपाली पर्यटक शामिल हैं। 
  • नेपाल सरकार ने बताया है कि 132 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें 111 नेपाली नागरिक और 21 विदेशी नागरिक शामिल हैं। 
  • भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से 14 सस्पेंशन पुल, 25 परिवहन पुल और 40 किलोमीटर लंबाई की सड़क तबाह हो गई है। बाढ़ की चपेट में आकर 63 लोग घायल हुए हैं। 
09:37 AM, 27-Aug-2026

ईशा फाउंडेशन के तीर्थयात्री फंसे, नहीं हो पा रहा उनसे संपर्क

नेपाल में आई बाढ़ में ईशा फाउंडेशन के कई तीर्थयात्री भी फंसे हुए हैं। फाउंडेशन की समन्वयक मां गंभीरी ने बताया कि अभी तक ईशा फाउंडेशन के तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि हम अधिकारियों से कुछ जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सबकुछ पता चला जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले हमारे 21 समूह हैं। कई समूह अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर चुके हैं, जबकि अन्य रास्ते में हैं।  वहीं कुछ शुरू करने वाले हैं। 
09:30 AM, 27-Aug-2026

नेपाल के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज, सेना-पुलिस की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटीं

नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने गुरुवार को जानकारी कि रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने सुबह से ही तटीय और प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'बुधवार को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने आज सुबह से ही तटीय और प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं। नेपाली सेना ने बुधवार रात ही प्रभावित इलाकों में जरूरतमंद नागरिकों की मदद के लिए खाने-पीने की जरूरी चीजें, टेंट और दवाइयां जैसी राहत सामग्री पहुंचा दी थी।'

पोस्ट में कहा गया, 'सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर भी बचाव और खोज अभियानों में काफी मदद और सहयोग कर रहा है। बुधवार को जैसे ही बाढ़ आई, नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की टीमों के साथ-साथ सेना और प्राइवेट सेक्टर के हेलीकॉप्टरों को लगाकर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। सेना की टीम ने पूरी रात लगातार बचाव अभियान चलाया।'

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि गुरुवार सुबह से ही तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और नदी के किनारे वाले इलाकों में नेपाली सेना और प्राइवेट सेक्टर के हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ पैदल टीमों को और अधिक सक्रिय करके फंसे हुए लोगों को बचाने और लापता लोगों की खोज का काम तेज कर दिया गया है। सरकार ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है और अपना पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर केंद्रित किया है।

नेपाल में मची इस तबाही में अब तक 162 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाल पुलिस के अनुसार, रसुवा में 2, नुवाकोट में 12, धादिंग में 27, चितवन में 64, गोरखा में 20, तनहुं में 9, एनपी पूर्व में 26 और एनपी पश्चिम में 2 लोगों के शव मिले हैं। अभी सैकड़ों पर्यटक, मजदूर और अन्य लोग लापता हैं। रसुवा जिले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में सबसे अधिक तबाही हुई। बाढ़ ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ इलाकों में आवाजाही ठप हो गई। बताया गया कि यह पानी तिब्बत की तरफ से आया था।
Load More
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed