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Sawan 2026: सावन आज से शुरू, जानिए शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का महत्व और कब है सावन शिवरात्रि

Thu, 30 Jul 2026 02:11 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 30 Jul 2026 02:11 PM IST
खास बातें

Sawan First Day 2026 Wishes Puja Vidhi Live Updates in Hindi: हिंदू कैलेंडर के अनुसार सावन साल का पांचवां महीना होता है। श्रावण माह में शिव जी की पूजा-उपासना का विशेष महत्व होता है। आज से सावन का महीना शुरू हो गया है, जिसका समापन 28 अगस्त को होगा। सावन में भगवान शिव को जल, बेलपत्र, दूध, दही और शहद अर्पित करना बहुत ही शुभ होता है। सावन का महीना भगवान शिव को सबसे ज्यादा प्रिय होता है और इस माह शिव जी की पूजा करने से महादेव जल्द प्रसन्न होते हैं। 

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Sawan 2026 Live Updates Savan First Day Puja Vidhi Shubh Muhurat Samagri And Wishes in Hindi
30 जुलाई से सावन का महीना शुरू - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

01:54 PM, 30-Jul-2026

Sawan Katha 2026: समुद्र मंथन से जुड़ी है श्रावण मास की महिमा

पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के समय जब कालकूट विष निकला तो उसके प्रभाव से संपूर्ण सृष्टि संकट में पड़ गई। तब भगवान शिव ने समस्त प्राणियों की रक्षा के लिए उस विष का पान कर लिया। विष की तीव्रता को शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर निरंतर जल अर्पित किया। धार्मिक मान्यता है कि तभी से श्रावण मास में शिवलिंग पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करने की परंपरा प्रारंभ हुई। इस कारण इस मास में जल चढ़ाने का विशेष महत्व माना जाता है।
01:15 PM, 30-Jul-2026

Sawan 2026: सावन में शिव आराधना करने से मिलता है पुण्य

सावन के महीने में शिव आराधना का विशेष महत्व होता है। शिव पुराण के अनुसार श्रावण में भगवान शिव की पूजा करने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है और हर तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस महीने  "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का पाठ तथा बिल्वपत्र, धतूरा, आक, भस्म और शुद्ध जल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। इसे मानसिक शांति, आरोग्य और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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12:48 PM, 30-Jul-2026

Sawan 2026: 30 दिनों का सावन, 4 सोमवार और 4 मंगला गौरी व्रत 

सावन का पवित्र महीना आज से शुरू हो गया है, जो 28 अगस्त तक चलेगा। इस तरह से सावन का महीना इस वर्ष 30 दिनों का होगा। जिसमें 3, 10, 17 और 24 अगस्त को चार सावन सोमवार व्रत रखें जाएंगे। इसके अलावा 4 मंगला गौरी व्रत भी होंगे जो 4, 11, 18 और 25 अगस्त को होगा। वहीं सावन माह में कामिका एकादशी, सावन शिवरात्रि, हलियाली अमावस्या, हरियाली तीज, नाग पंचमी, पुत्रदा एकादशी और रक्षाबंधन से जैसे महत्वपूर्ण व्रत आएंगे। वहीं इस सावन दो ग्रहण होंगे, जिसमें 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण और 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण होगा।
12:24 PM, 30-Jul-2026

Sawan Somwar 2026 Kab Hai: सावन सोमवार और कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व

सनातन धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व होता है। यह महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है और इसमें शिवजी की जो भी उपासना करता है उसकी हर एक मनोकामना जल्द से जल्द पूरी होती है। सावन महीने में आने वाले हर सोमवार और कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व होता है। सावन सोमवार पर शिवभक्ति शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजा अर्चना करते हैं। इस दिन कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। इसके कांवड यात्रा में पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यतओं के अनुसार सावन सोमवार का व्रत रखने से विशेष कृपा मिलती है। इस वर्ष सावन महीने में चार सोमवार व्रत पड़ेंगे। 
11:43 AM, 30-Jul-2026

Sawan Shiv Mantra 2026: सावन में मनचाहा जीवनसाथी के लिए मंत्र

सावन में कुंवारी कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने की मनोकामना के लिए सावन सोमवार का व्रत रखती हैं। शास्त्रों में कहा गया है अगर सावन के महीने में रोजाना 11 बार इस मंत्र का जाप करें तो मनचाहा वर प्राप्त होता है। 

मंत्र
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं।
चिदाकाश माकाश वासं भजेहं।।
11:36 AM, 30-Jul-2026

Sawan 2026: सावन महीने में शिवमंत्रों का जाप का महत्व

सावन का महीना शिव आराधना और पूजा फल की प्राप्ति के लिए बहुत ही खास होता है। सावन में शिव मंत्रों का जाप करना बहुत ही फलदायी होता है। जीवन में सुख और वैभव की प्राप्ति के लिए शिवजी के अघोर मंत्र का जाप सावन में हर दिन करना चाहिए।

सुख और वैभव की प्राप्ति के लिए मंत्र
ऊं अघोरेभ्यो अथघोरेभ्यो, घोर घोर तरेभ्य:। सर्वेभ्यो सर्व शर्वेभ्यो, नमस्ते अस्तु रूद्ररूपेभ्य:।।
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11:09 AM, 30-Jul-2026

Shiv Aarti Om Jai Shiv Omkara: सावन में शिव आरती का महत्व... ऊं जय शिव ओंकारा...

भगवान शिव का प्रिय महीना सावन आज से आरंभ हो चुका है। हिंदू धर्म में सावन माह का विशेष महत्व होता है और यह महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। सावन में शिवलिंग पूजा का विशेष महत्व होता है। सावन माह के दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने का खास महत्व होता है। इसके अलावा शिवजी की पूजा में मंत्र, चालीसा का पाठ और अंत में आरती करने के खास महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार पूजा के अंत में आरती करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। आइए पढ़ते हैं भगवान शिव की संपूर्ण आरती.... ऊं जय शिव ओंकारा...

शिव जी की आरती 

ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।

 
10:38 AM, 30-Jul-2026

Sawan Puja Vidhi 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा कैसे करें ?

सावन का महीना आज से शुरू हो चुका है और इसके साथ ही शिव मंदिरों में शिवभक्तों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है और इस माह में शिवजी की पूजा करने से सभी भोलेभंडारी सभी तरह का मनोकामनाएं पूरी होती है। सावन के महीने में शिवलिंग का विशेष रूप से अभिषेक और पूजन किया जाता है। आइए जानते हैं सावन में शिवलिंग के पूजा कैसे करें।

- सावन में शिवजी की पूजा और दर्शन करने के लिए सुबह का समय अच्छा होगा लेकिन किसी कारण से अगर आपके समय का अभाव है तो शाम के समय भी शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं। 
- शिवजी की पूजा में तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
- इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से शिवलिंग का अभिषेक करें। 
- पूजा के दौरान लगातार मन में ऊं नम: शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। 
- शिवजी की पूजा बेलपत्र, चंदन, भस्म, धतूरा, शमी पत्र, इत्र, आंकड़े और फूल अर्पित करें।
- पूजन सामग्री के दौरान भोग लगाएं और धूप और दीपक जलाएं।
- शिवजी का आरती करें और पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा मांगे। 
 
10:18 AM, 30-Jul-2026

Sawan Wishes Hindi: सावन महीने की शुभकामना संदेश

आज से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। जो 28 अगस्त तक चलेगा। हिंदू धर्म में सावन के महीने के विशेष महत्व होता है, जिसमें शिवजी और माता पार्वती की पूजा करने का विधान होता है। इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे जो 3 , 10, 17 और 24 अगस्त को होंगे। सावन के शुरू होने पर लोग अपने दोस्तों और सगे-संबंधियों का शुभकामना संदेश भेजते हैं। आइए पढ़ते हैं सावन महीने की शुभकामना संदेश।

सावन शुभकामना संदेश 

अद्भुत भोले तेरी माया,
अमरनाथ में डेरा जमाया
नीलकंठ में तेरा साया,
तू ही मेरे दिल में समाया
सावन की हार्दिक शुभकामनाएं

ना किसी अभाव में जीते हैं,
ना किसी के प्रभाव में जीते हैं
भगवान शिव के भक्त हैं हम,
सिर्फ अपने स्वभाव में जीते हैं
सावन की हार्दिक शुभकामनाएं

भगवान शिव की भक्ति में है शक्ति
जो दिल से करता है पूजा
उसकी पूरी होती है हर मनोकामना
भगवान शिव की बरसती असीम कृपा
सावन की हार्दिक शुभकामनाएं 2026

शिव की जटाओं जैसी शीतलता मिले,
मन को हर पल सुकून की राहत मिले
दूर हों जीवन के सारे गम और अंधेरे,
महादेव करें खुशियों से उजाले घनेरे
सावन की शुभकामनाएं

शिव की शक्ति, शिव की भक्ति,
सावन के महीने में मिले आपको हर खुशी और समृद्धि
सावन के पावन महीने की हार्दिक शुभकामनाएं
हर हर महादेव
09:58 AM, 30-Jul-2026

Sawan Ki Shivratri 2026: कब है सावन की शिवरात्रि और महत्व 

सावन के महीने शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। सावन शिवरात्रि का पर्व कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार इस बार चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 11 अगस्त को सुबह 04 बजकर 53 मिनट से होगी और इसका समापन 12 अगस्त को देर रात 01 बजकर 51 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन रात्रि के चारों पहर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। 
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