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Hanuman Janmotsav 2025 Live: हनुमान जन्मोत्सव पर रखा है व्रत, इस शुभ मुहूर्त में करें इस व्रत का पारण

Sat, 12 Apr 2025 04:38 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sat, 12 Apr 2025 04:38 PM IST
खास बातें

Hanuman Jayanti Wishes Puja Vidhi Mantra Live : हनुमान जयंती पर पूजा का दूसरा शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 46 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। आज हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व है। इस दिन हनुमान जी की उपासना और साधना से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूजन के बाद विधिपूर्वक करें व्रत का समापन।

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Hanuman Jayanti 2025 Live Lord Hanuman Janmotsav Wishes Shubhkamnaye Puja Vidhi Mantra Bhog Muhurat
हनुमान जयंती 2025 - फोटो : amar ujala

लाइव अपडेट

04:37 PM, 12-Apr-2025

Hanuman Jayanti Vrat Paran Niyam: हनुमान जयंती व्रत पारण नियम 

  • सुबह स्नान कर हनुमान जी का ध्यान करें।
  • मंदिर जाकर चोला व सिंदूर अर्पित करें।
  • पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा मांगें, 5 दीपक जलाएं।
  • आरती करें, हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ करें।
  • ॐ हनुमंते नमः मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • अंत में ज़रूरतमंदों को भोजन या दान दें।
04:34 PM, 12-Apr-2025

Hanuman Jayanti 2025 Paran Time: हनुमान जयंती व्रत पारण का शुभ मुहूर्त 

हनुमान जयंती पर यदि आपने व्रत रखा है तो अगले दिन यानी 13 अप्रैल 2025 को इसका पारण किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, 13 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 58 मिनट के बाद पूजा अर्चना करके व्रत का समापन करें। 
 
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04:15 PM, 12-Apr-2025

Hanuman Jayanti 2025 Bhajan: हनुमान जयंती पर सुनें ये भजन

दुनिया चले ना श्री राम के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना ।

जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैंने समझ ली है,
रावण मरे ना श्री राम के बिना, लंका जले ना हनुमान के बिना ॥

लक्ष्मण का बचना मुश्किल था, कौन बूटी लाने के काबिल था,
लक्ष्मण बचे ना श्री राम के बिना, बूटी मिले ना हनुमान के बिना ॥

सीता हरण की कहानी सुनो, ‘बनवारी’ मेरी जुबानी सुनो,
वापिस मिले ना श्री राम के बिना, पता चले ना हनुमान के बिना ॥

बैठे सिंघासन पे श्री राम जी, चरणों में बैठे हैं हनुमान जी,
मुक्ति मिले ना श्री राम के बिना, भक्ति मिले ना हनुमान के बिना ॥

हे दुःख भंजन मारुति नंदन 


हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥

अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता, दुखिओं के तुम भाग्यविधाता।
सियाराम के काज सवारे, मेरा करो उद्धार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार॥

अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी, तुम पर रीझे अवधबिहारी ।
भक्तिभाव से ध्याऊं तोहे, कर दुखों से पार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ।
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥

जपूं निरंतर नाम तिहरा, अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा ।
रामभक्त मोहे शरण मे लीजे, भाव सागर से तार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥


कीजो केसरी के लाल 


कीजो केसरी के लाल मेरा छोटा सा यह काम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम,
मैं राम संग जपता तुम्हारा सदा नाम,
अपने राम जी से कह देना जय सिया राम

दीन हीन के सहारे महावीर तुम हो,
अपने भक्तो की जगाते तकदीर तुम हो,
हर दुखिया का हाथ तुम लेते हो थाम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम

महाबली महायोद्धा महासंत तुम हो,
लाते सूखे हुए बागो में बसंत में तुम हो,
तेरी भक्ति से आत्मा को मिलता आराम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम

पूरी सदा ही हमारी हर आस करना,
बाबा भक्तो को कभी ना निराश करना,
दोनों चरण तुम्हारे हैं ‘लख्खा’ के सुखदाम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम
 
04:00 PM, 12-Apr-2025

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हनुमान जयंती पर अष्टधातु हनुमान मूर्ति की पूजा की।

03:50 PM, 12-Apr-2025

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हनुमान जयंती के अवसर पर प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की।


03:46 PM, 12-Apr-2025

घर पर करें हनुमान जी की पूजा इस आसान विधि से

  • हनुमान जन्मोत्सव के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें और लाल या नारंगी कपड़ा बिछाएं।
  • उस पर हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें, साथ में भगवान राम और माता सीता की तस्वीर भी रखें।
  • सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर रखें, साथ ही लाल फूल, माला, जनेऊ, दीपक, धूप, कपूर, नारियल, गुड़-चना, लड्डू, केला, पंचामृत और तुलसी पत्ते रखें।
  • गंगाजल, अक्षत और फूल लेकर संकल्प लें और मन में अपनी मनोकामना दोहराएं।
  • सबसे पहले भगवान राम और माता सीता की पूजा करें, फिर हनुमान जी को गंगाजल से स्नान कराएं।
  • सिंदूर और चमेली के तेल से हनुमान जी को चोला चढ़ाएं, नए वस्त्र और जनेऊ पहनाएं।
  • लाल फूल और माला अर्पित करें, फिर गुड़-चना, लड्डू, फल और पंचामृत का भोग लगाएं। 
  • दीपक जलाएं, धूप दिखाएं और हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
  • अंत में आरती करें और हुई भूल-चूक के लिए क्षमा याचना करें।
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03:33 PM, 12-Apr-2025

Hanuman Jayanti 2025: हनुमान जयंती दो बार क्यों मनाई जाती है?

हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है क्योंकि इससे जुड़ी दो धार्मिक घटनाएं हैं। पहली बार चैत्र पूर्णिमा को इसे भगवान हनुमान के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। दूसरी बार कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को यह पर्व उनके अमरत्व प्राप्त करने की स्मृति में मनाया जाता है। दोनों ही अवसर भक्तों के लिए पवित्र माने जाते हैं, और श्रद्धालु इन दिनों व्रत, पूजा और भक्ति के माध्यम से हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
03:15 PM, 12-Apr-2025

Hanuman Jayanti 2025: बजरंग बाण का करें पाठ 


॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करै सनमान।
तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥


॥ चौपाई ॥
जय हनुमन्त सन्त हितकारी।सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥
जन के काज विलम्ब न कीजै।आतुर दौरि महा सुख दीजै॥

जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा।सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥
आगे जाय लंकिनी रोका।मारेहु लात गई सुर लोका॥


जाय विभीषण को सुख दीन्हा।सीता निरखि परम पद लीन्हा॥
बाग उजारि सिन्धु महं बोरा।अति आतुर यम कातर तोरा॥

अक्षय कुमार मारि संहारा।लूम लपेटि लंक को जारा॥
लाह समान लंक जरि गई।जय जय धुनि सुर पुर महं भई॥

अब विलम्ब केहि कारण स्वामी।कृपा करहुं उर अन्तर्यामी॥
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता।आतुर होइ दु:ख करहुं निपाता॥

जय गिरिधर जय जय सुख सागर।सुर समूह समरथ भटनागर॥
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले।बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥


गदा बज्र लै बैरिहिं मारो।महाराज प्रभु दास उबारो॥
ॐकार हुंकार महाप्रभु धावो।बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो॥

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा।ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा॥
सत्य होउ हरि शपथ पायके।रामदूत धरु मारु धाय के॥

जय जय जय हनुमन्त अगाधा।दु:ख पावत जन केहि अपराधा॥
पूजा जप तप नेम अचारा।नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥

वन उपवन मग गिरि गृह माहीं।तुमरे बल हम डरपत नाहीं॥
पाय परौं कर जोरि मनावों।यह अवसर अब केहि गोहरावों॥


जय अंजनि कुमार बलवन्ता।शंकर सुवन धीर हनुमन्ता॥
बदन कराल काल कुल घालक।राम सहाय सदा प्रतिपालक॥

भूत प्रेत पिशाच निशाचर।अग्नि बैताल काल मारीमर॥
इन्हें मारु तोहि शपथ राम की।राखु नाथ मरजाद नाम की॥

जनकसुता हरि दास कहावो।ताकी शपथ विलम्ब न लावो॥
जय जय जय धुनि होत अकाशा।सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा॥

चरण शरण करि जोरि मनावों।यहि अवसर अब केहि गोहरावों॥
उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई।पांय परौं कर जोरि मनाई॥

ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता।ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥
ॐ हं हं हांक देत कपि चञ्चल।ॐ सं सं सहम पराने खल दल॥

अपने जन को तुरत उबारो।सुमिरत होय आनन्द हमारो॥
यहि बजरंग बाण जेहि मारो।ताहि कहो फिर कौन उबारो॥

पाठ करै बजरंग बाण की।हनुमत रक्षा करै प्राण की॥
यह बजरंग बाण जो जापै।तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे॥

धूप देय अरु जपै हमेशा।ताके तन नहिं रहे कलेशा॥

॥ दोहा ॥
प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै,सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥
03:00 PM, 12-Apr-2025

Hanuman Jayanti 2025 Favourite Flowers: हनुमान जयंती के प्रिय फूल  

गेंदा – शक्ति और आरोग्य का प्रतीक
गुड़हल – आत्मविश्वास और विजय दिलाने वाला
लाल गुलाब – भक्ति और एकाग्रता में सहायक
कनेर – समर्पण, दीर्घायु और बाधाओं से रक्षा करने वाला
02:40 PM, 12-Apr-2025

Hanuman Lucky Leaves : हनुमान जी को प्रिय पत्ते

हनुमान जी को हमेशा ये पत्ते अर्पित करना चाहिए। बेलपत्र से वीरता, तुलसी दल से भक्ति में स्थिरता, आक के पत्ते से शत्रु बाधा दूर होती है। पीपल के पत्ते शनि दोष और मानसिक तनाव में राहत देते हैं।
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