Hanuman Jayanti 2024 Live: हनुमान जी की पूजा का दूसरा शुभ मुहूर्त आरम्भ, इस विधि से करें व्रत का पारण
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Tue, 23 Apr 2024 08:40 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 23 Apr 2024 08:40 PM IST
खास बातें
Hanuman Jayanti 2024 wishes Puja Vidhi Mantra in Hindi:रात्रि 8 बजकर 14 मिनट पर पूजन का दूसरा शुभ मुहूर्त आरम्भ हो गया है और यह मुहूर्त रात्रि 09 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। आज हनुमान जन्मोत्सव का पर्व है। आज के दिन हनुमंत उपासना और साधना करने से बजरंगबली की विशेष कृपा मिलती है। पूजन के बाद इस विधि से करें व्रत का पारण।
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Hanuman Janmotsav 2024
- फोटो : Amar Ujala
लाइव अपडेट
08:39 PM, 23-Apr-2024
ऐसे करें व्रत का पारण
हनुमान जन्मोत्सव के व्रत का पारण करने के लिए शाम के समय गेंहू के आटे की पूड़ी, पराठा या हलुआ खा सकते हैं। इस दौरान नमक का सेवन भूलकर भी न करें। आप चाहें तो फलों का सेवन कर सकते हैं।08:34 PM, 23-Apr-2024
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता’ पंक्ति हनुमानजी के बारे में ही है। पुराणों के अनुसार, केवल वही ऐसे देव हैं, जो अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों से सम्पन्न हैं। अणिमा, महिमा, लघिमा, गरिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, इशित्व तथा वशित्व ‘अष्टसिद्धियां’ कहलाती हैं। नव रत्नों को ही नौ निधि कहा जाता है। ये हैं— पद्म, महापद्म, शंख, मकर, कच्छप, मुकुंद, कुंद, नील और खर्व। सांसारिक जगत के लिए ये निधियां भले ही बहुत महत्व रखती हों, लेकिन भक्त हनुमान के लिए तो केवल राम नाम की मणि ही सबसे ज्यादा मूल्यवान है।
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08:25 PM, 23-Apr-2024
हनुमान जी विवाह के बाद भी थे ब्रह्मचारी
पाराशर संहिता में हनुमान जी और सुवर्चला के विवाह की कथा मिलती है। कथा के अनुसार हनुमान जी सूर्य देव से विद्या हासिल कर रहे थे। सूर्य देव के पास 9 विद्याएं थीं जिसमें से उन्होंने 5 विद्याएं हनुमान जी को सिखा दीं । लेकिन बाकी 4 विद्याओं को सीखने के लिए विवाहित होना ज़रूरी था। बिना विवाह के ये विद्याएं हासिल नहीं हो सकती थी। हनुमान जी तो बाल-ब्रह्मचारी थे। इस समस्या का सूर्य देव ने हल निकाला। उन्होंने अपनी शक्ति से एक कन्या को जन्म दिया,जिसका नाम सुवर्चला था। इसके बाद सूर्यदेव ने हनुमान जी सुर्वचला से विवाह करने का प्रस्ताव दिया। सूर्यदेव ने कहा विवाह के बाद सुवर्चला तपस्या में लीन हो जाएगी और वह ब्रह्मचारी का जीवन ही व्यतीत करेंगे। पवन पुत्र से विवाह के बाद सुवर्चला तपस्या में चली गई। इस तरह श्री राम भक्त के ब्रह्मचर्य में कोई रुकावट नहीं आई।
08:15 PM, 23-Apr-2024
हनुमान जयंती पर महिलाएं करें पूजा, तो रखें इन बातों का ध्यान
हनुमान जन्मोत्सव पर यदि महिलाएं बजरंगबली की पूजा अर्चना करती हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- महिलाओं को हनुमान जी के सामने सिर नहीं झुकाना चाहिए क्योंकि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी थे और उन्होंने माता सीता को अपनी मां माना था । कहते है पवनपुत्र हनुमान स्वयं महिलाओं के आगे झुक सकते हैं। '
- हनुमान जी की प्रतिमा पर महिलाओं को ना कभी जल और ना कभी भी वस्त्र चढ़ाने चाहिए।
- महिलाओं को हनुमान जी की पूजा में कभी सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए और ना ही उनके चरण छूने चाहिए। हनुमान जी को कुछ भी अर्पित करते समय उनके सामने रखना चाहिए।
08:05 PM, 23-Apr-2024
हनुमान जी की पूजा का दूसरा शुभ मुहूर्त
हनुमान जन्मोत्सव पर श्रीराम भक्त हनुमान के पूजन का दूसरा मुहूर्त समीप आ गया है। आज हनुमान जी की विधि विधान से पूजा करने के 2 मुहूर्त निकाले गये थे। इसमें पहला मुहूर्त सुबह 9:03 बजे से दोपहर 1:58 बजे तक था। अब कुछ ही देर में रात्रि 8 बजकर 14 मिनट पर पूजन का दूसरा शुभ मुहूर्त आरम्भ हो जाएगा और रात्रि 09 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।07:54 PM, 23-Apr-2024
पूजा विधि
रात आठ बजे से हनुमान जी की पूजा का दूसरा शुभ मुहूर्त शुरू होने जा रहा है। पूजा करने से पहले स्नान करना चाहिए और इसके बाद लाल रंग के साफ सुथरे वस्त्र धारण करें। फिर हनुमान जी को लाल रंग का पुष्प अर्पित करें। देसी घी का दीपक जला लें। सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर और चोला चढ़ाएं। गुड़, चना और नारियल भी अर्पित करें। बजरंगबली को बेसन या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। इसके बाद आखिरी में बजरंगबली की आरती करें।
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07:33 PM, 23-Apr-2024
रोगों से मुक्ति के लिए करें ये उपाय
आज रात गंगा जल से स्नान करें। बजरंगबली को चमेली का तेल अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। रोगों से मुक्ति के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करें। ऐसा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है। जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
आज रात गंगा जल से स्नान करें। बजरंगबली को चमेली का तेल अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। रोगों से मुक्ति के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करें। ऐसा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है। जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
07:24 PM, 23-Apr-2024
कुछ ही देर में हनुमान जी की पूजा का दूसरा शुभ मुहूर्त, पढ़िए शक्तिशाली स्तुति
जय बजरंगी जय हनुमाना,
रुद्र रूप जय जय बलवाना,
पवनसुत जय राम दुलारे,
संकट मोचन सिय मातु के प्यारे॥
जय वज्रकाय जय राम केरू दासा,
हृदय करतु सियाराम निवासा,
न जानहु नाथ तोहे कस गोहराई, राम भक्त तोहे राम दुहाई॥
विनती सुनहु लाज रखहु हमारी,
काज कौन जो तुम पर भारी,
अष्टसिद्धि नवनिधि केरू भूपा,
बखानहु कस विशाल अति रूपा॥
धर्म रक्षक जय भक्त हितकारी,
सुन लीजे अब अरज हमारी,
भूत प्रेत हरहु नाथ बाधा,
सन्तापहि अब लाघहु साधा॥
मान मोर अब हाथ तुम्हारे,
करहु कृपा अंजनी के प्यारे,
बन्दतु सौरभ दास सुनहु पुकारी,
मंगल करहु हे मंगलकारी॥
जय बजरंगी जय हनुमाना,
रुद्र रूप जय जय बलवाना,
पवनसुत जय राम दुलारे,
संकट मोचन सिय मातु के प्यारे॥
जय वज्रकाय जय राम केरू दासा,
हृदय करतु सियाराम निवासा,
न जानहु नाथ तोहे कस गोहराई, राम भक्त तोहे राम दुहाई॥
विनती सुनहु लाज रखहु हमारी,
काज कौन जो तुम पर भारी,
अष्टसिद्धि नवनिधि केरू भूपा,
बखानहु कस विशाल अति रूपा॥
धर्म रक्षक जय भक्त हितकारी,
सुन लीजे अब अरज हमारी,
भूत प्रेत हरहु नाथ बाधा,
सन्तापहि अब लाघहु साधा॥
मान मोर अब हाथ तुम्हारे,
करहु कृपा अंजनी के प्यारे,
बन्दतु सौरभ दास सुनहु पुकारी,
मंगल करहु हे मंगलकारी॥
06:48 PM, 23-Apr-2024
कोर्ट-कचहरी या अन्य कष्टों से मुक्ति के लिए
शास्त्रों में हनुमान जी को मंगलवार और शनिवार के दिन चोला चढ़ाना शुभ माना जाता है। बजरंगबली को चोला चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती और ढैया से छुटकारा मिलता है। हनुमानजी को विधि-विधान से चोला चढ़ाने से जीवन में भूत-पिशाच, शनि व ग्रहबाधा, रोग-शोक, कोर्ट-कचहरी के विवाद, दुर्घटना या कर्ज, चिंता आदि परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
06:43 PM, 23-Apr-2024
हनुमान जन्मोत्सव के दिन करें ये 3 कार्य
राम नाम चढ़ाएं
हनुमान जी की पूजा के दौरान हमेशा राम नाम चढ़ाना चाहिए। आप भी इस दिन पीपल के पत्ते पर चमेली के तेल और सिन्दूर से 'राम' नाम लिखें। बाद में उसे हनुमान जी को चढ़ा दें।
आटे का दीपक
हनुमान जन्मोत्सव पर पूजा के दौरान बजरंगबली के सामने आटे का दीपक जलाएं। ऐसा करने से कर्ज से मुक्ति मिल सकती है।
पान का बीड़ा
हनुमान जन्मोत्सव के दिन मंदिर में पूजा-पाठ के बाद बजरंगबली को पान का बीड़ा अर्पित करें। ऐसा करने से हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते हैं।
राम नाम चढ़ाएं
हनुमान जी की पूजा के दौरान हमेशा राम नाम चढ़ाना चाहिए। आप भी इस दिन पीपल के पत्ते पर चमेली के तेल और सिन्दूर से 'राम' नाम लिखें। बाद में उसे हनुमान जी को चढ़ा दें।
आटे का दीपक
हनुमान जन्मोत्सव पर पूजा के दौरान बजरंगबली के सामने आटे का दीपक जलाएं। ऐसा करने से कर्ज से मुक्ति मिल सकती है।
पान का बीड़ा
हनुमान जन्मोत्सव के दिन मंदिर में पूजा-पाठ के बाद बजरंगबली को पान का बीड़ा अर्पित करें। ऐसा करने से हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते हैं।