Diwali 2024 Puja Muhurat: दिवाली कुछ जगहों पर कल भी मनाई जाएगी, जानें लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
Diwali Puja Shubh Muhurat Wishes and Quotes in Hindi: दीपावली का त्योहार हिंदू धर्म का एक बहुत ही प्रमुख त्योहार है, जिसे पूरे देशभर में बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को भगवान राम 14 साल के वनवास काटने के बाद और रावण का वध करके वापस अयोध्या आए थे, जिसकी खुशी में अयोध्या वासियों ने पूरे नगर को दीपक जलाकर खुशियां मनाई थी।
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दिवाली 2024 का शुभ मुहूर्त- 01 नवंबर
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त :17:35 से18:18 तक
अवधि :0 घंटे 43 मिनट
प्रदोष काल :17:35 से 20 तक
वृषभ काल :18:21 से 20:17 तक
दिवाली महानिशीथ काल मुहूर्त- 01 नवंबर
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त : कोई नहीं
अवधि :0 घंटे 0 मिनट
महानिशीथ काल: 23:38 से 24:30 तक
सिंह काल : 24:52 से 27:10 तक
दिवाली शुभ चौघड़िया मुहूर्त
प्रातःकाल मुहूर्त्त (चल, लाभ, अमृत): 06:33 से 10:41 तक
अपराह्न मुहूर्त्त (शुभ): 12:04 से 13:27 तक
सायंकाल मुहूर्त्त (चल): 16:12 से 17:35 तक
laxmi puja time: लक्ष्मी पूजा के लिए इतना है समय
देभभर के मंदिरों और घरों में इस समय दिवाली पर लक्ष्मी पूजन जारी है। आज रात 08 बजकर 51 मिनट तक गृहस्थ लोग लक्ष्मी पूजन कर सकते हैं।Ganesh JI Ki Aarti: भगवान गणेश की आरती
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
Diwali 2024 Laxmi Puja Muhurat Time : लक्ष्मी पूजा, प्रदोष काल और निशिता काल पूजा का शुभ मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त - 31 अक्तूबर को शाम 5 बजकर 33 मिनट से 08 बजकर 51 मिनट तक।निशिता काल मुहूर्त - 31 अक्तूबर की रात्रि 11 बजकर 39 मिनट से 01 नवंबर की रात 12 बजकर 31 मिनट तक।
प्रदोष काल - शाम 05 बजकर 48 मिनट से 08 बजकर 21 मिनट तक।
वृषभ काल - शाम 06 बजकर 35 मिनट से 08 बजकर 33 मिनट तक।
Laxmi Puja Time Today: लक्ष्मी पूजा का सबसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
दिवाली के दिन प्रदोष वेला में लक्ष्मी पूजन को सबसे शुभ माना गया है। वहीं स्थिर लग्न में और चौघड़िया मुहूर्त का विचार करते हुए लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त 31 अक्तूबर को शाम 06 बजकर 25 मिनट लेकर 07 बजकर 13 मिनट के बीच का है।Diwali 2024 Laxmi Pujan Time Puja Vidhi: लक्ष्मी पूजन की संपूर्ण विधि
अब से थोड़ी देर बाद दिवाली लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जाएगा। शास्त्रों में अमावस्या तिथि की प्रदोषव्यापिनी मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। दिवाली की शाम को लक्ष्मी पूजन करने पर घर में सुख, शांति और धन-दौलत की कोई कमी नहीं होती है। दिवाली पर कैसे करनी चाहिए लक्ष्मीजी की पूजा ज्यादा जानकारी के लिए यह पढ़ें-
Diwali 2024: दिवाली पर कैसे करें लक्ष्मी-गणेश पूजा, जानिए संपूर्ण पूजन विधि और शुभ मुहूर्त
Laxmi ji Ki Aarti: माता लक्ष्मी जी की आरती
ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
मैया सुख संपत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।
मैया तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
मैया सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
मैया वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
मैया क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता।
मैया जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
Diwali 2024 Laxmi Pujan Vidhi: पान और मेवा का भोग
पान का पत्ता और विभिन्न मेवा जैसे कि बादाम, काजू, किशमिश आदि लक्ष्मी जी को अत्यंत प्रिय हैं। दीपावली की रात में पूजा के समय इन्हें अर्पित करना शुभ माना जाता है। पान और मेवा अर्पित करने से व्यवसाय और करियर में प्रगति होती है। मान्यता है कि यह भोग धन की वृद्धि में सहायक होता है।Today Laxmi Puja Time: दिवाली लक्ष्मी पूजा के लिए आज का शुभ मुहूर्त
कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी की पूजा के लिए प्रदोष काल सबसे उत्तम मुहूर्त माना गया है। प्रदोष काल का समय शाम 05 बजकर 48 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त - 31 अक्तूबर को शाम 5 बजकर 33 मिनट से 08 बजकर 51 मिनट तक।
निशिता काल मुहूर्त - 31 अक्तूबर की रात्रि 11 बजकर 39 मिनट से 01 नवंबर की रात 12 बजकर 31 मिनट तक।
प्रदोष काल - शाम 05 बजकर 48 मिनट से 08 बजकर 21 मिनट तक।
वृषभ काल - शाम 06 बजकर 35 मिनट से 08 बजकर 33 मिनट तक।
Diwali 2024 Laxmi Pujan Vidhi: मां लक्ष्मी को हलवा और माखन-मिश्री का भोग
हलवाहलवा, विशेष रूप से सूजी या आटे का हलवा, लक्ष्मी जी को समर्पित किया जाता है। हलवा बनाते समय उसमें घी का विशेष महत्व होता है, क्योंकि घी का सेवन स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है। इसे भोग लगाने से घर में उन्नति और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती है।
माखन-मिश्री
माखन-मिश्री का भोग भी लक्ष्मी जी को समर्पित किया जा सकता है। यह भोग शुद्धता और सरलता का प्रतीक माना जाता है, और इसके माध्यम से घर में शांति और समृद्धि का संचार होता है। इस भोग को अर्पित करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं और जीवन में सुख-शांति और धन का वरदान देती हैं।