Basant Panchami Amrit Snan: महाकुंभ का वसंत पंचमी अमृत स्नान जारी, जानें कब होंगे महाकुंभ के अगले स्नान
Basant Panchami 2025 Mahakumbh 3rd Amrit Snan: प्रयागराज महाकुंभ में आज वसंत पंचमी के पावन अवसर पर तीसरा अमृत स्नान जारी है। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, आज सुबह 8 बजे तक 62.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। 2 फरवरी तक 34.97 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं।अमृत स्नान को शुभ मुहूर्त में करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इससे व्यक्ति को जीवन के सभी पापों से मुक्ति मिलती है और विभिन्न प्रकार के कष्टों से भी राहत मिलती है।
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महाकुंभ का चौथा स्नान माघ पूर्णिमा के दिन, अर्थात् बुधवार, 12 फरवरी 2025 को आयोजित किया जाएगा।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर, 26 फरवरी 2025 को के अंतिम स्नान के साथ ही महाकुंभ का समापन होगा।
वसंत पंचमी के पवित्र स्नान के दिन माता सरस्वती के इन मंत्रों का जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन, माता सरस्वती के मूल मंत्र 'ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः' का जप करने से आपको ज्ञान, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त, आप कुछ अन्य मंत्रों का भी जप कर सकते हैं, जैसे 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः' और 'हंसासना ॐ हंसासनायै नमः'। इन मंत्रों का जप करने से भी आपको मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होगी।
सीएम योगी ने दी बधाई
वसंत पंचमी के पावन अवसर पर महाकुंभ 2025 में पवित्र त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान करने वाले पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "महाकुंभ केवल भारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत है।"
VIDEO | Maha Kumbh 2025: Panch Digambar Ani Akhara Shobha Yatra leaves for Triveni Sangam. #MahaKumbh2025 #MahaKumbhWithPTI
— Press Trust of India (@PTI_News) February 3, 2025
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हिंदू धर्म में महाकुंभ के दौरान अमृत स्नान का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाकुंभ में स्नान करने से व्यक्ति का शरीर शुद्ध होता है, सभी पापों से मुक्ति मिलती है, और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त, बसंत पंचमी के दिन संगम तट पर अमृत स्नान करने से मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
आखिरी अमृत स्नान के दिन जातक को कुछ विशेष मंत्रों का जाप भी जरूर करना चाहिए।
शिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।
विष्णु मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
गंगा मंत्र
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।
सूर्य स्त्रोत
प्रात: स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यंरूपं हि मण्डलमृचोऽथ तनुर्यजूंषी।
सामानि यस्य किरणा: प्रभवादिहेतुं ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यचिन्त्यरूपम् ।।1।।
प्रातर्नमामि तरणिं तनुवाऽमनोभि ब्रह्मेन्द्रपूर्वकसुरैनतमर्चितं च।
वृष्टि प्रमोचन विनिग्रह हेतुभूतं त्रैलोक्य पालनपरंत्रिगुणात्मकं च।।2।।
प्रातर्भजामि सवितारमनन्तशक्तिं पापौघशत्रुभयरोगहरं परं चं।
तं सर्वलोककनाकात्मककालमूर्ति गोकण्ठबंधन विमोचनमादिदेवम् ।।3।।
ॐ चित्रं देवानामुदगादनीकं चक्षुर्मित्रस्य वरुणस्याग्ने:।
आप्रा धावाप्रथिवी अन्तरिक्षं सूर्य आत्मा जगतस्तस्थुषश्र्व ।।4।।
सूर्यो देवीमुषसं रोचमानां मत्योन योषामभ्येति पश्र्वात्।
यत्रा नरो देवयन्तो युगानि वितन्वते प्रति भद्राय भद्रम् ।।5।।
सरस्वती मंत्र
सरस्वती ॐ सरस्वत्यै नमः। महाभद्रा ॐ महाभद्रायै नमः। महामाया ॐ महमायायै नमः
संत चिन्मयानंद बापू ने कहा, "आज शुभ अवसर है, सभी अखाड़े और महामंडलेश्वर संगम के लिए रवाना हो रहे हैं। बसंत पंचमी का पर्व विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इस अवसर पर यदि वे संगम में पवित्र डुबकी लगाते हैं, तो उन्हें सफलता अवश्य मिलती है। अच्छी व्यवस्था के लिए मैं प्रशासन को धन्यवाद देता हूं। आज स्थिति सामान्य है।"
VIDEO | Maha Kumbh 2025: Saint Chinmayanand Bapu says, "It is an auspicious occasion today, all the Akharas and Mahamandaleshwar are leaving for Sangam. The festival of Basant Panchami is especially important for students, if they take a holy dip in Sangam on the occasion, then… pic.twitter.com/PcHaW9W9Df
— Press Trust of India (@PTI_News) February 3, 2025
संन्यासियों का स्नान पूरा हो चुका है, अब बैरागी परंपरा के साधु सुबह करीब दस बजे स्नान के लिए आएंगे।
उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अनुसार, आज सुबह 8 बजे तक 62.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई है। 2 फरवरी तक कुल 34.97 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस पवित्र स्नान का लाभ उठा चुके हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के पवित्र स्नान के दिन केवल नागा साधु-संत ही नहीं, बल्कि अदृश्य साधु और पवित्र आत्माएं भी महाकुंभ में स्नान करने आती हैं। इस दिन स्नान करने से पापों का नाश होता है और आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।