Basant Panchami 2024: वसंत पंचमी पर बना शुभ संयोग, मंत्रों और श्लोकों के जाप से प्रसन्न होंगी मां सरस्वती
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Wed, 14 Feb 2024 06:46 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 14 Feb 2024 06:46 PM IST
खास बातें
Basant Panchami 2024 Date And Subh Muhurat News In Hindi: हिंदू धर्म में वसंत पंचमी के त्योहार का विशेष महत्व होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में वसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है यानी इस तिथि पर हर तरह के शुभ और मांगलिक कार्य किया जा सकता है। वसंत पंचमी पर देवी सरस्वती का प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिन देवी को पीला फूल और पीले रंग की मिठाई का भोग लगाया जाता है।
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Happy Basant Panchami 2024
- फोटो : अमर उजाला
लाइव अपडेट
02:53 PM, 14-Feb-2024
Vasant Panchami 2024: देवी सरस्वती के एक हाथ में माला
माता सरस्वती के एक हाथ में माला है, यह बताती है कि हमें हमेशा चिंतन में रहना चाहिए, जो ज्ञान अर्जित कर रहे हैं, उसका लगातार मनन करते रहें, इससे आपकी मेधा बढ़ेगी।02:50 PM, 14-Feb-2024
Vasant Panchami 2024: देवी सरस्वती के हाथों में क्यों होती है वीणा
देवी सरस्वती को वीणावादिनी भी कहा जाता है। वीणा का अर्थ खुश रहने और खुशी बांटने से है। जन्म के बाद माता सरस्वती ने वीणा के तार छेड़ा था, तो सारा संसार आनंद से चहक उठा था, ठीक वैसे ही, व्यक्ति को अपने मन को सदैव खुश रखना चाहिए, इतना खुश कि आपसे मिलकर दूसरे व्यक्ति का मन भी आनंद से भर जाए।
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11:57 AM, 14-Feb-2024
Saraswati Chalisa: वसंत पंचमी पर जरूर पढ़ें मां सरस्वती की संपूर्ण आरती और चालीसा
मां सरस्वती की आरतीजय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता।।
जय सरस्वती माता…
चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी।
सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी।।
जय सरस्वती माता…
बायें कर में वीणा, दूजे कर माला।
शीश मुकुट-मणि सोहे, गले मोतियन माला।।
जय सरस्वती माता…
देव शरण में आये, उनका उद्धार किया।
पैठि मंथरा दासी, असुर-संहार किया।।
जय सरस्वती माता…
वेद-ज्ञान-प्रदायिनी, बुद्धि-प्रकाश करो।।
मोहज्ञान तिमिर का सत्वर नाश करो।।
जय सरस्वती माता…
धूप-दीप-फल-मेवा-पूजा स्वीकार करो।
ज्ञान-चक्षु दे माता, सब गुण-ज्ञान भरो।।
जय सरस्वती माता…
माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
हितकारी, सुखकारी ज्ञान-भक्ति पावे।।
जय सरस्वती माता…
मां सरस्वती चालीसा
दोहा
पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु।
दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥
सरस्वती चालीसा चौपाई
जय श्री सकल बुद्धि बलरासी।
जय सर्वज्ञ अमर अविनासी॥
जय जय जय वीणाकर धारी। करती सदा सुहंस सवारी॥
रूप चतुर्भुजधारी माता। सकल विश्व अंदर विख्याता॥
जग में पाप बुद्धि जब होती। जबहि धर्म की फीकी ज्योती॥
तबहि मातु ले निज अवतारा। पाप हीन करती महि तारा॥
वाल्मीकिजी थे हत्यारा। तव प्रसाद जानै संसारा॥
रामायण जो रचे बनाई। आदि कवी की पदवी पाई॥
कालिदास जो भये विख्याता। तेरी कृपा दृष्टि से माता॥
तुलसी सूर आदि विद्धाना। भये और जो ज्ञानी नाना॥
तिन्हहिं न और रहेउ अवलम्बा। केवल कृपा आपकी अम्बा॥
करहु कृपा सोइ मातु भवानी। दुखित दीन निज दासहि जानी॥
पुत्र करै अपराध बहुता। तेहि न धरइ चित्त सुंदर माता॥
राखु लाज जननी अब मेरी। विनय करूं बहु भांति घनेरी॥
मैं अनाथ तेरी अवलंबा। कृपा करउ जय जय जगदंबा॥
मधु कैटभ जो अति बलवाना। बाहुयुद्ध विष्णू ते ठाना॥
समर हजार पांच में घोरा। फिर भी मुख उनसे नहिं मोरा॥
मातु सहाय भई तेहि काला। बुद्धि विपरीत करी खलहाला॥
तेहि ते मृत्यु भई खल केरी। पुरवहु मातु मनोरथ मेरी॥
चंड मुण्ड जो थे विख्याता। छण महुं संहारेउ तेहि माता॥
रक्तबीज से समरथ पापी। सुर-मुनि हृदय धरा सब कांपी॥
काटेउ सिर जिम कदली खम्बा। बार बार बिनवउं जगदंबा॥
जग प्रसिद्ध जो शुंभ निशुंभा। छिन में बधे ताहि तू अम्बा॥
भरत-मातु बुधि फेरेउ जाई। रामचन्द्र बनवास कराई॥
एहि विधि रावन वध तुम कीन्हा। सुर नर मुनि सब कहुं सुख दीन्हा॥
को समरथ तव यश गुन गाना। निगम अनादि अनंत बखाना॥
विष्णु रूद्र अज सकहिं न मारी। जिनकी हो तुम रक्षाकारी॥
रक्त दन्तिका और शताक्षी। नाम अपार है दानव भक्षी॥
दुर्गम काज धरा पर कीन्हा। दुर्गा नाम सकल जग लीन्हा॥
दुर्ग आदि हरनी तू माता। कृपा करहु जब जब सुखदाता॥
नृप कोपित जो मारन चाहै। कानन में घेरे मृग नाहै॥
सागर मध्य पोत के भंगे। अति तूफान नहिं कोऊ संगे॥
भूत प्रेत बाधा या दुःख में। हो दरिद्र अथवा संकट में॥
नाम जपे मंगल सब होई। संशय इसमें करइ न कोई॥
पुत्रहीन जो आतुर भाई। सबै छांड़ि पूजें एहि माई॥
करै पाठ नित यह चालीसा। होय पुत्र सुन्दर गुण ईसा॥
धूपादिक नैवेद्य चढावै। संकट रहित अवश्य हो जावै॥
भक्ति मातु की करै हमेशा। निकट न आवै ताहि कलेशा॥
बंदी पाठ करें शत बारा। बंदी पाश दूर हो सारा॥
मोहे जान अज्ञनी भवानी। कीजै कृपा दास निज जानी ॥
दोहा
माता सूरज कांति तव, अंधकार मम रूप। डूबन ते रक्षा करहु, परूं न मैं भव-कूप॥
बल बुद्धि विद्या देहुं मोहि, सुनहु सरस्वति मातु। मुझ अज्ञानी अधम को, आश्रय तू ही दे दातु ॥॥
11:34 AM, 14-Feb-2024
Vasant Panchami 2024: वसंत पंचमी पर गजकेसरी योग से इन राशियों पर मेहरबान होंगी देवी लक्ष्मी
पूरे देश में आज वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। मंदिरों और घरों में मां सरस्वती की विशेष पूजा-आराधना की जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज रवि योग और रेवती नक्षत्र के साथ गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है। गजकेसरी योग से मेष, मिथुन, सिंह, धनु और मकर राशि वालों पर मां सरस्वती के साथ देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलेगी।11:03 AM, 14-Feb-2024
Saraswati Puja: धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि वाले ऐसे करें सरस्वती आराधना
धनु राशि - पीले रंग की कोई मिठाई अर्पित करें। इससे आपकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ जाएगी। साथ ही आपकी उच्च शिक्षा की इच्छा भी मां सरस्वती अवश्य पूरी करेंगी।मकर राशि - निर्धन व्यक्तियों को सफेद रंग का अनाज दान करें। ऐसा करने से मां सरस्वती आपके बुद्धिबल में विकास होगा।
कुंभ राशि - गरीब बच्चों में स्कूल बैग और दूसरी जरूरी चीजें दान करें। मां सरस्वती की कृपा आप पर बनी रहेगी और आपका आत्म विश्वास भी बढ़ेगा।
मीन राशि - छोटी कन्याओं में पीले रंग के कपड़े दान करें। इससे आपके करियर में आने वाली समस्याओं का निवारण होगा। आपके ऊपर मां सरस्वती का आशीर्वाद बना रहेगा।
10:52 AM, 14-Feb-2024
Basant Panchami 2024: सिंह,कन्या,तुला और वृश्चिक राशि वाले ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा
सिंह राशि- मां सरस्वती की पूजा के दौरान गायत्री मंत्र का जाप जरूर करें। ऐसा करने से विदेश में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की इच्छा पूरी हो जाएगी।कन्या राशि- गरीब बच्चों में पढ़ने की सामाग्री बांटे, जिसमें पेन, पेंसिल किताबें आदि शामिल हों। अगर आप ऐसा करते हैं तो पढ़ाई में आ रही आपकी परेशानी को दूर किया जा सकता है।
तुला राशि- किसी ब्राह्मण को सफेद कपड़ें दान में दें। यदि छात्र ऐसा करते हैं तो उन्हें वाणी से जुड़ी किसी परेशानी से निजात मिल सकती है और आपकी वाणी में मधुरता आएगी।
वृश्चिक राशि- अगर याद्दाश्त से संबंधित कोई परेशानी है तो इसे आप मां सरस्वती की आराधना करके इसे दूर कर सकते हैं। मां सरस्वती की पूजा के बाद लाल रंग का पेन उन्हें अर्पित करें।
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10:45 AM, 14-Feb-2024
Saraswati Puja 2024: राशि के अनुसार मां सरस्वती की करें पूजा
आज वसंत पंचमी का त्योहार है। वसंत पंचमी के दिन ज्ञान, संगीत, शिक्षा और बुद्धि की प्राप्ति के लिए मां सरस्वती की पूजा की जाती है। ऐसे में राशिनुसार पूजा उपाय करके लाभ अर्जित किया जा सकता है।मेष राशि
वसंत पंचमी के दिन सरस्वती मां की पूजा के दौरान सरस्वती कवच पाठ जरूर करें। ऐसा करने से बुद्धि की प्राप्ति होगी। इसके अलावा एकाग्रता की कमी भी ठीक हो जाएगी।
वृषभ राशि
मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उनको सफेद चंदन का तिलक लगाएं और फूल अर्पित करें। ऐसा करने से ज्ञान में बढ़ोतरी होने के साथ ही जो भी समस्याएं हैं, उनसे राहत मिलेगी।
मिथुन राशि
मां सरस्वती को हरे रंग का पेन (कलम) अर्पित करें और उससे ही अपनी सभी कार्यों को पूरा करें। ये कार्य आपकी लिखने संबंधी समस्याएं को समाप्त करने में मददगार होगा।
कर्क राशि
मां सरस्वती को खीर का भोग लगाना चाहिए। संगीत क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले छात्रों को ऐसा करने से बहुत अधिक फायदा होगा।
10:21 AM, 14-Feb-2024
वसंत पंचमी पर देवी सरस्वती को जरूर अर्पित करें ये पांच चीजें
छात्रों, कलाकारों और आमजन के लिए सरस्वती पूजा का विशेष महत्व होता है। देवी सरस्वती की पूजा करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखें और पूजा में देवी सरस्वती की 5 प्रिय वस्तुएं जरूर भेंट करनी चाहिए।1- देवी सरस्वती को पीले और सफेद रंग के फूल पसंद है। आपको इन फूलों से देवी की पूजा करनी चाहिए।
2- मां सरस्वती को बूंदी का भोग बहुत प्रिय होता है। बूंदी पीले रंग की होती है और यह गुरु से संबंधित वस्तु भी है।
3- वसंत पंचमी के दिन पीले रंग का विशेष महत्व है इसलिए पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें
4- सरस्वती पूजा में पेन और कॉपी जरूर शामिल करें
5- देवी सरस्वती को केसर और पीला चंदन का तिल करें और खुद भी लगाएं।
10:01 AM, 14-Feb-2024
वसंत पंचमी पर बना शुभ योग
आज देशभर में वसंत पंचमी का त्योहार उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-पाठ और सभी पवित्र नदियों में स्नान किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि वसंत पचंमी के दिन ही देवी सरस्वती प्रगट हुईं थीं। पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान ब्रह्राजी ने सृष्टि की रचना की तब उन्हे इसमें कुछ कमी महसूस हुई। तब देवी सरस्वती हाथों में वीणा के लेकर पूरी सृष्टि में स्वर के साथ ज्ञान लेकर प्रगट हुईं। इस बार वसंत पंचमी के दिन कई तरह के शुभ राजयोग का निर्माण हुआ है। वसंत पचंमी के दिन पारिजात, अमल और शश नाम का राजयोग बना हुआ है। इसी के साथ आज सरस्वती पूजा के लिए सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक का समय शुभ रहेगा।09:40 AM, 14-Feb-2024
बसंत पंचमी पूजा मंत्र
- ओम ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः
- ओम ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः
- ओम ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः
- सरस्वती ॐ सरस्वत्यै नमः
- पुस्तकधृत ॐ पुस्त कध्रते नमः।
- ज्ञानमुद्रा ॐ ज्ञानमुद्रायै नमः।
- महाविद्या ॐ महाविद्यायै नमः।