TMC Rift LIVE Updates: CM शुभेंदु की बैठक में पहुंचे बागी टीएमसी MP देव और जून मालिया, ममता गुट का रुख क्या?
TMC Rift LIVE Updates: तृणमूल कांग्रेस में बगावत की चिंगारी लगातार चर्चा में है। पार्टी नेताओं और सांसदों की तरफ से बयानबाजी जारी है। कुछ सदस्य कथित तौर पर भाजपा के संपर्क में हैं। ऐसे में पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी दो-फाड़ होने की कगार पर है। बागी नेताओं-सांसदों का गुट आज प्रेस वार्ता कर सकता है। इस घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं। अमर उजाला के इस लाइव में पढ़ें तृणमूल के राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़े तमाम अपडेट्स
लाइव अपडेट
भाजपा सांसद राजू बिस्ता का टीएमसी पर हमला, कहा- पार्टी का कोई भविष्य नहीं बचा
भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि टीएमसी का अब कोई भविष्य नहीं बचा है और इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है। बिस्ता का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया कि टीएमसी के 20 सांसद केंद्र में एनडीए को समर्थन दे सकते हैं। बिस्ता ने आरोप लगाया कि टीएमसी एक तानाशाही मॉडल पर चलती है और वहां लोकतंत्र खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब टीएमसी के नेता और सांसद खुद पार्टी में नहीं रहना चाहते, इसमें भाजपा का कोई हाथ नहीं है।
सोशल मीडिया पर एक लिस्ट वायरल हो रही है जिसमें यूसुफ पठान, देव और रचना बनर्जी जैसे 20 सांसदों के नाम हैं। दावा है कि इन सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने के लिए अलग गुट बना लिया है। हालांकि, टीएमसी नेता कीर्ति आजाद ने इस लिस्ट को पूरी तरह फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 'ऑपरेशन लोटस' के तहत यह झूठी लिस्ट फैलाई है। आजाद के मुताबिक, लिस्ट में शामिल कई सांसदों ने किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार किया है।
टीएमसी के बागी सांसद देव और जून मालिया मुख्यमंत्री की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के संसदीय दल के भीतर मतभेद की खबरें आ रही हैं। इस बीच बागी माने जाने वाले सांसद जून मालिया और दीपक अधिकारी (देव) मंगलवार को पूर्वी मेदिनीपुर जिले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शुभेंदु की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए।टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने शुभेंदु अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
दिल्ली में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, इसलिए मैं यह जानना चाहता हूं। जब शुभेंदु अधिकारी को पांच लाख रुपये लेते और अपनी जेब में रखते हुए पकड़ा गया था, तो बाद में भाजपा ने उन्हें पद क्यों दिया?
यूसुफ पठान पर क्या बोले टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी?
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि यूसुफ पठान को गृह मंत्री अमित शाह ने फोन किया था। कल्याण बनर्जी के अनुसार, यूसुफ पठान ने खुद यह जानकारी दी है और वे उनसे मिलने दिल्ली आए थे।बागी सांसदों ने ममता को छोड़ मोदी को चुना- कल्याण बनर्जी
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ये सांसद भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर गए, जहां शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। इसका मतलब साफ है कि वे अब भाजपा का हिस्सा बन चुके हैं। कल्याण बनर्जी के अनुसार, इन लोगों ने ममता बनर्जी की जगह नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान लिया है। उन्होंने बागी सांसदों को चुनौती दी कि वे अपने चुनाव क्षेत्रों में जाकर टीएमसी कार्यकर्ताओं का सामना करें और जनता की राय सुनें। कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में अब लोकतंत्र खत्म हो गया है और वहां तानाशाही का राज है।
बागियों के जाने से हम खुश हैं, 20 से ज्यादा सांसद भी गए तो फर्क नहीं पड़ेगा- कल्याण बनर्जी
टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने मीडिया वार्ता में कहा कि वह बागियों के पार्टी छोड़ने से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि अब पार्टी को नए खून यानी नए लोगों की जरूरत है। कल्याण बनर्जी ने साफ किया कि ममता बनर्जी ही उनकी नेता हैं और तृणमूल का चुनाव चिन्ह ही उनकी पहचान है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर 20 से ज्यादा सांसद भी पार्टी छोड़कर चले जाते हैं, तो इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।टीएमसी चोरों और दुष्कर्मियों की पार्टी, पहले इस्तीफा देता तो हो जाती मेरी हत्या- सुखेंदु शेखर रॉय
टीएमसी से इस्तीफा देने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने अपनी पुरानी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, यह को चोरों और दुष्कर्मियों की पार्टी है। रॉय ने कहा कि आरजी कर अस्पताल की घटना ने उन्हें पार्टी छोड़ने का फैसला लेने पर मजबूर किया। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर वह पहले इस्तीफा देते, तो सुपारी किलर उनकी हत्या कर सकते थे। रॉय के अनुसार, आरजी कर घटना के बाद जिस तरह जनता सड़कों पर उतरी, वैसा उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखा था। उन्होंने दोषियों को फांसी देने की मांग की थी। रॉय ने बताया कि विरोध में ट्वीट करने और प्रदर्शन में बैठने की वजह से उन्हें समन भी भेजा गया था।VIDEO | Delhi: Sukhendu Sekhar Ray on quitting the TMC and resigning as Rajya Sabha MP, says, "A party of thieves, rapists... RG Kar incident helped me make up my mind. Had I quit then, could have been murdered by contract killers."#TMC #TrinamoolCongress
— Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026
(Full video available… pic.twitter.com/Cs8cBerWGx
सुखेंदु शेखर रॉय ने की नई सरकार की तारीफ, कल्याण बनर्जी के गद्दार वाले बयान पर साधी चुप्पी
टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने नई सरकार के कामकाज को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक आम नागरिक के तौर पर कहा कि नई सरकार अपने घोषित एजेंडे के साथ मजबूती से आगे बढ़ रही है। जब उनसे टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के गद्दार वाले बयान पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कल्याण बनर्जी ने किसे और क्यों गद्दार कहा है। वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।कीर्ति आजाद का बागी नेताओं पर तीखा हमला
पार्टी में बगावत पर TMC सांसद कीर्ति आजाद कहते हैं, 'हमारे 29 नेता मां, माटी और मानुष के नाम पर जीतकर सांसद बने। मैं इन गद्दारों से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने चुनाव के बाद ही अपनी परेशानियां क्यों बताईं, पहले क्यों नहीं? सुखेंदु शेखर रॉय में कम से कम इस्तीफा देने की राजनीतिक नैतिकता तो थी। अगर आपमें भी राजनीतिक नैतिकता है, तो आप सब भी इस्तीफा दें और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ें।'संदीपान साहा का दावा- हमारे पास दो-तिहाई बहुमत, विधानसभा में हम होंगे मुख्य विपक्ष
कोलकाता में टीएमसी से निकाले गए नेता और विधानसभा में उप-नेता प्रतिपक्ष संदीपान साहा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास 58 विधायकों के हस्ताक्षर हैं, जो दो-तिहाई बहुमत है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। साहा ने कहा कि अब यही विधायी दल विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल बनेगा।संदीपान साहा ने टीएमसी के संविधान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान में किसी को निकालने का कोई नियम नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अगर दो-तिहाई से ज्यादा विधायक अपना नेता चुनते हैं, तो उसे ही आधिकारिक दर्जा मिलेगा, चाहे पार्टी उन्हें निकाल ही क्यों न दे।