SCO Foreign Ministers Meet Live: 'आतंकवाद को रोकना होगा, टेरर फंडिंग पर लगे रोक', बिलावल के सामने बोले जयशंकर
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Fri, 05 May 2023 10:06 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 05 May 2023 10:06 PM IST
खास बातें
SCO Foreign Ministers Meeting 2023 GOA Live News in Hindi : शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के विदेश मंत्री आज अपने विचार-विमर्श में जुलाई में समूह के शिखर सम्मेलन के विचार के लिए 15 निर्णयों या प्रस्तावों के एक सेट को अंतिम रूप देंगे। प्रस्तावों का उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, सुरक्षा और सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों के क्षेत्रों में एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग का विस्तार करना है।
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S. Jaishankar
- फोटो : Amar Ujala
लाइव अपडेट
10:05 PM, 05-May-2023
आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन ताकतों का संयुक्त मुकाबला करें एससीओ सदस्य: किन
इस बीच, चीन के विदेश मंत्री किन गैंग ने शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से सुरक्षा सहयोग को गहरा करने, आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन ताकतों का संयुक्त रूप से मुकाबला करने और रणनीतिक स्वतंत्रता को बनाए रखने का आह्वान किया। एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में अपने भाषण में, किन ने अमेरिका पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा, दुनिया कई संकटों और चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें बढ़ते आधिपत्यवाद और सत्ता की राजनीति के रूप में शीत युद्ध की मानसिकता का पुनरुत्थान, एकतरफा संरक्षणवाद भी शामिल हैं।
किन गांग ने साझा भविष्य वाला एससीओ समुदाय बनाने के लिए पांच सूत्री प्रस्ताव रखा, जिसमें से एक यह था कि आठ सदस्य देशों को सुरक्षा सहयोग को गहरा करना चाहिए और संयुक्त रूप से आतंकवाद पर नकेल कसनी चाहिए। एससीओ सदस्यों को आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों की तीन ताकतों पर संयुक्त रूप से कार्रवाई करना जारी रखना चाहिए। व्यापक रूप से आधारित और समावेशी राजनीतिक संरचना स्थापित करने में अफगानिस्तान का समर्थन करना चाहिए। आतंकवाद के किसी भी रूप का मुकाबला करना चाहिए। किन के प्रस्ताव में चीन, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान से मिलकर बने एससीओ के रूप को महत्व दिया गया।
इस बीच, चीन के विदेश मंत्री किन गैंग ने शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से सुरक्षा सहयोग को गहरा करने, आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन ताकतों का संयुक्त रूप से मुकाबला करने और रणनीतिक स्वतंत्रता को बनाए रखने का आह्वान किया। एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में अपने भाषण में, किन ने अमेरिका पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा, दुनिया कई संकटों और चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें बढ़ते आधिपत्यवाद और सत्ता की राजनीति के रूप में शीत युद्ध की मानसिकता का पुनरुत्थान, एकतरफा संरक्षणवाद भी शामिल हैं।
किन गांग ने साझा भविष्य वाला एससीओ समुदाय बनाने के लिए पांच सूत्री प्रस्ताव रखा, जिसमें से एक यह था कि आठ सदस्य देशों को सुरक्षा सहयोग को गहरा करना चाहिए और संयुक्त रूप से आतंकवाद पर नकेल कसनी चाहिए। एससीओ सदस्यों को आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों की तीन ताकतों पर संयुक्त रूप से कार्रवाई करना जारी रखना चाहिए। व्यापक रूप से आधारित और समावेशी राजनीतिक संरचना स्थापित करने में अफगानिस्तान का समर्थन करना चाहिए। आतंकवाद के किसी भी रूप का मुकाबला करना चाहिए। किन के प्रस्ताव में चीन, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान से मिलकर बने एससीओ के रूप को महत्व दिया गया।
04:37 PM, 05-May-2023
कजाकिस्तान के विदेश मंत्री से मिले जयशंकर
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पणजी में SCO CFM के बाद कजाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
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04:36 PM, 05-May-2023
बिलावल ने कही यह बात
आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए बिलावल ने कहा कि लोगों की सामूहिक सुरक्षा हमारी संयुक्त जिम्मेदारी है। आतंकवाद वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। हमें आतंकवाद को कूटनीतिक हथियार बनाने के चक्कर में पड़ने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं केवल पाकिस्तान के विदेश मंत्री के रूप में ही नहीं बोल रहा हूं। हमारे लोगों ने हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान उठाया। मैं उस बेटे के रूप में भी बोल रहा हूं, जिसकी मां की आतंकवादियों के हाथों हत्या कर दी गई थी।
आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए बिलावल ने कहा कि लोगों की सामूहिक सुरक्षा हमारी संयुक्त जिम्मेदारी है। आतंकवाद वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। हमें आतंकवाद को कूटनीतिक हथियार बनाने के चक्कर में पड़ने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं केवल पाकिस्तान के विदेश मंत्री के रूप में ही नहीं बोल रहा हूं। हमारे लोगों ने हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान उठाया। मैं उस बेटे के रूप में भी बोल रहा हूं, जिसकी मां की आतंकवादियों के हाथों हत्या कर दी गई थी।
04:36 PM, 05-May-2023
बिना नाम लिए पाकिस्तान पर बरसे जयशंकर
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी, चीन के विदेश मंत्री छिन कांग और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की मौजूदगी में जयशंकर ने एससीओ सम्मेलन में अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद की अनदेखी करना समूह के सुरक्षा हितों के लिए नुकसानदेह होगा। उन्होंने कहा कि जब दुनिया कोविड-19 महामारी और उसके प्रभावों से निपटने में लगी थी, तब भी आतंकवाद की समस्या ज्यों की त्यों बनी रही। माना जा रहा है कि उनका निशाना पाकिस्तान की ओर था।
10:47 AM, 05-May-2023
जयशंकर ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा
गोवा के पणजी में शुक्रवार को विदेश मंत्रियों की एससीओ परिषद की बैठक शुरू हो गई है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने बिलावल भुट्टो की मौजूदगी में आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को हर हाल में रोकना होगा। किसी भी कीमत पर इससे समझौता नहीं किया जा सकता। टेरर फंडिंग पर लगाम लगाने की जरूरत पर भी सभी ध्यान देना होगा।
10:32 AM, 05-May-2023
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव समेत इनका स्वागत
विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने पणजी में विदेश मंत्रियों की SCO परिषद की बैठक के लिए कजाकिस्तान के विदेश मंत्री मुख्तार तिलुबर्दी, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन का स्वागत किया। जयशंकर ने किर्गिस्तान, कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रियों का स्वागत किया।
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10:31 AM, 05-May-2023
चीन के विदेश मंत्री किन गैंग का स्वागत किया
विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने पणजी में विदेश मंत्रियों की SCO परिषद की बैठक के लिए चीन के विदेश मंत्री किन गैंग का स्वागत किया।
#WATCH | EAM Dr S Jaishankar welcomes SCO Secretary-General Zhang Ming for the Meeting of the SCO Council of Foreign Ministers in Goa pic.twitter.com/FQNeOYR79n
— ANI (@ANI) May 5, 2023
10:28 AM, 05-May-2023
जयशंकर ने किया बिलावल का स्वागत
विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने पणजी में विदेश मंत्रियों की SCO परिषद की बैठक के लिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी का स्वागत किया।
#WATCH | EAM Dr S Jaishankar welcomes Pakistan's Foreign Minister Bilawal Bhutto Zardari for the Meeting of the SCO Council of Foreign Ministers in Goa pic.twitter.com/TVe0gzml1U
— ANI (@ANI) May 5, 2023
09:35 AM, 05-May-2023
जयशंकर के बिलावल से हाथ मिलाने की पुष्टि नहीं
जयशंकर ने बीती शाम को रूस, चीन, पाकिस्तान और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के लिए एक भव्य स्वागत समारोह की मेजबानी की। इसके साथ ही समूह के दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। बेनौलिम में समुद्र के किनारे ताज एक्सोटिका रिसॉर्ट में आयोजित इस स्वागत समारोह में पाकिस्तान के बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी भाग लिया। हालांकि, बिलावल के साथ पाकिस्तान से आए कुछ अधिकारियों ने दावा किया कि जयशंकर ने अन्य नेताओं की तरह अपने पाकिस्तानी समकक्ष से हाथ मिलाया, लेकिन भारत की ओर से इस बात को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई।
09:35 AM, 05-May-2023
रूस और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री से मिले बिलावल
बिलावल ने बीते दिन सबसे पहले रूसी विदेश मंत्री के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ भी बैठक की। बिलावल सभी विदेश मंत्रियों के लिए आयोजित रात्रिभोज में शामिल हुए। बिलावल 2011 के बाद से भारत की यात्रा करने वाले पाकिस्तान के पहले विदेश मंत्री हैं। उनसे पहले हिना रब्बानी खार ने 2011 में शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की विदेश मंत्री के रूप में भारत की यात्रा की थी। मई 2014 में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे। इसके बाद दिसंबर 2015 में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान का दौरा किया था। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पड़ोसी देश की संक्षिप्त यात्रा पर गए थे।