Parliament Session: रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस; लोकसभा में वित्त विधेयक पारित
Parliament Budget Session Live Update In Hindi: संसद की अब तक कार्यवाही हंगामेदार रही है। भाजपा और कांग्रेस अलग-अलग मुद्दों पर एक-दूसरे को घेर रही हैं। इस बीच 'एक देश-एक चुनाव' वाले विधेयक के लिए बनी जेपीसी का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। आइए जानते हैं लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही की पल-पल की अपडेट्स...
लाइव अपडेट
संसदीय समिति ने सांस्कृतिक प्रत्यावर्तन के लिए राजनयिकों, कानूनी विशेषज्ञों, पुरातत्वविदों और कला इतिहासकारों की एक हेरिटेज रिकवरी टास्क फोर्स की स्थापना का सुझाव दिया। परिवहन, पर्यटन और संस्कृति विभाग से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने रिपोर्ट में कहा कि भारत को अपने बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक प्रभाव का लाभ उठाकर अमेरिका के साथ हाल ही में किए गए समझौते की तरह ही अधिक देशों के साथ सांस्कृतिक संपत्ति समझौतों पर बातचीत करनी चाहिए। इन समझौतों में लूटी गई कलाकृतियों की पहचान करने, विवादों को सुलझाने और वापसी की सुविधा के लिए स्पष्ट तंत्र स्थापित किए जाने चाहिए। टास्कफोर्स दुनिया भर में चोरी की गई भारतीय कलाकृतियों की पहचान, दस्तावेज़ीकरण और उनके दावों को आगे बढ़ाने का काम करेगी।
#BudgetSession2025
— SansadTV (@sansad_tv) March 25, 2025
The Boilers Bill 2024 passed in Lok Sabha.@PiyushGoyal @LokSabhaSectt @loksabhaspeaker@DoC_GoI pic.twitter.com/QbN7FccLEO
केंद्र सरकार ने अपनी पीएम-किसान योजना के तहत 2019 से अब तक अयोग्य किसानों से 416 करोड़ रुपये की वसूली की है। यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी। मंत्री ने बताया कि इस योजना की शुरुआत से अब तक केंद्र सरकार ने 19 किस्तों में 3.68 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों को वितरित की है।
फरवरी 2019 में शुरू की गई पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। जिसे तीन समान किस्तों में आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से भेजा जाता है। अब तक पूरे देश में अयोग्य लाभार्थियों से 416 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई है।
राज्यसभा सांसद फौजिया खान (एनसीपी शरद) ने मंगलवार को सुरक्षा बलों में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए संस्थागत सुधारों और क्रेच सहित बेहतर कार्यस्थल सुविधाओं की वकालत की। एनसीपी-शरद की सदस्य ने कहा कि 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के बाद एक तस्वीर वायरल हुई थी। इसमें एक महिला आरपीएफ कांस्टेबल अपने एक साल के बच्चे को सीने से बांधे हुए स्टेशन पर गश्त करती हुई दिखाई दे रही थी। जब आरपीएफ ने नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में इसका महिमामंडन किया है, मेरा मानना है कि यह तस्वीर वास्तव में असुरक्षा बलों में महिला कर्मियों के सामने आने वाली प्रणालीगत चुनौतियों और कामकाजी माताओं को बुनियादी सहायता प्रदान करने में प्रणाली की विफलता को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि हर जगह शौचालय, पालनाघर, शिशु देखभाल या स्तनपान कक्ष की आवश्यकता है ताकि महिलाएं अपनी पेशेवर और मातृत्व संबंधी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें।
35 सरकारी संशोधनों के साथ लोकसभा में वित्त विधेयक 2025 को पारित किया गया।
#LokSabha में वित्त विधेयक 2025 पारित किया गया.
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विपक्षी सांसदों के तमाम संशोधन मतदान के दौरान गिरे.#BudgetSession2025 #FinanceBill2025 @FinMinIndia @nsitharamanoffc pic.twitter.com/o3h6HSCyve
वक्फ संशोधन विधेयक जेपीसी के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि सरकार व्यापक हित के लिए वक्फ बोर्ड में संशोधन कर रही है, उन्होंने आश्वासन दिया कि कानून के माध्यम से किसी भी धार्मिक स्वतंत्रता को नहीं छीना जा रहा है। एएनआई से बात करते हुए पाल ने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
पाल ने कहा, 'अगर यह सरकार वक्फ में संशोधन कर रही है, तो यह केवल भलाई के लिए है। किसी भी धार्मिक स्वतंत्रता को नहीं छीना जा रहा है, वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है, न कि धार्मिक निकाय। भाजपा सांसद ने कहा कि ओवैसी देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। जेपीसी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को बुलाया था, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। बिल केवल उनके अपने भले के लिए होगा, यह देश के मुसलमानों और अल्पसंख्यकों को गुमराह करने का एक प्रयास है।'
उन्होंने कहा, 'भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए बाड़, सीमा चौकियों, फ्लडलाइट और सड़कों जैसे महत्वपूर्ण सीमा बुनियादी ढांचे के निर्माण और आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय सीमा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए निष्पादन एजेंसियों और राज्य सरकारों या केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के साथ नियमित समीक्षा करता है। इसके अतिरिक्त समर्पित राज्य-स्तरीय संचालन समितियां समय-समय पर भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं पर सीमा कार्यों की प्रगति की समीक्षा करती हैं ताकि सुचारू निष्पादन की सुविधा मिल सके।