National Herald Case: ईडी दफ्तर से बाहर निकलीं सोनिया, आज तीन घंटे से अधिक हुई पूछताछ
नेशनल हेराल्ड मामले में आज सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ समाप्त हो गई है। सोनिया से तीन घंटे से अधिक की पूछताछ हुई। वहीं इस पूछताछ का विरोध करने के लिए कांग्रेस एक बार फिर सड़क से लेकर संसद तक प्रदर्शन कर रही है। बता दें कि कल राहुल गांधी ने ईडी की कार्रवाई का विरोध करते हुए विजय चौक पर धरना दिया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। ईडी से पूछताछ से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए जुड़े रहें अमर उजाला के साथ...
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कांग्रेस सांसद और नेता किंग्सवे कैंप में दिल्ली पुलिस डिटेंशन सेंटर के अंदर कांग्रेस संसदीय दल की अनौपचारिक बैठक के दौरान मूल्य वृद्धि, अग्निपथ, खाद्य पदार्थों पर GST, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, अब उन्हें छोड़ दिया गया है।
#WATCH | Congress MPs and leaders discussing the price rise, Agnipath, GST on food items, national security, the falling rupee and future course of action during the informal Congress Parliamentary Party meeting at Police detention centre, Kingsway Camp, Delhi
— ANI (@ANI) July 27, 2022
(Source: AICC) pic.twitter.com/Ph1eBpcNsZ
ईडी दफ्तर से बाहर निकलीं सोनिया गांधी
#WATCH | Congress interim president Sonia Gandhi leaves from the ED office in Delhi after the third day of questioning in National Herald case pic.twitter.com/B5zxFIIoJj
— ANI (@ANI) July 27, 2022
मुद्दा किसी एक व्यक्ति का किसी एक दल का नहीं: सचिन पायलट
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि मुद्दा किसी एक व्यक्ति का किसी एक दल का नहीं है। मुद्दा ये है कि भारत सरकार के एजेंसी का जिस तरह दुरुपयोग हो रहा है। उसके विरोध में सब लोग हैं। आज देश में महंगाई पर बेरोजगारी पर सदन में चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को धरना देने से रोका जा रहा है। लोगों को गिरफ़्तार किया जा रहा है। विरोध प्रकट करने का विपक्ष के पास क्या जरिया है? जनता को पता होना चाहिए कि केंद्र सरकार का जिस प्रकार का रवैया है वो लोकतंत्र के हित में नहीं है।
कांग्रेस सांसदों ने विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला
सोनिया से ईडी की पूछताछ के विरोध में कांग्रेस सांसदों ने विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
सोनिया गांधी से पूछताछ जारी
सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ जारी है। वहीं विरोध में कांग्रेस पार्टी लगातार प्रदर्शन कर रही है।मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने की कोशिश
#WATCH Congress workers try to stop a train at Mumbai's Borivali railway station in protest against ED questioning of party's interim president Sonia Gandhi in National Herald case
— ANI (@ANI) July 27, 2022
Some people came to stop the train but they didn't succeed, they've been detained: CPRO W.Railway pic.twitter.com/YPjTAAVENP
बेटी प्रियंका के साथ ईडी दफ्तर पहुंचीं सोनिया
ईडी सरकार गिराने की कोशिश कर रही: कांग्रेस

ईडी कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश कर रही: खड़गे
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ED बार-बार धमकी दे रही है, कांग्रेस को बदनाम और परेशान करने की कोशिश कर रही है। सोनिया गांधी की तबियत ठीक नहीं है लेकिन फिर भी परेशान किया जा रहा है।उन्हें लगता है ऐसा करने से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा लेकिन हम पीछे नहीं हटने वाले हैं।क्या है नेशनल हेराल्ड?
देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने 20 नवंबर 1937 को एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड यानी AJL का गठन किया था। इसका उद्देश्य अलग-अलग भाषाओं में समाचार पत्रों को प्रकाशित करना था। तब AJL के अंतर्गत अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड(National Herald), हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज समाचार पत्र प्रकाशित हुए। भले ही AJL के गठन में पं. जवाहर लाल नेहरू की भूमिका थी, लेकिन इस पर मालिकाना हक कभी भी उनका नहीं रहा। क्योंकि, इस कंपनी को 5000 स्वतंत्रता सेनानी सपोर्ट कर रहे थे और वही इसके शेयर होल्डर भी थे। 90 के दशक में ये अखबार घाटे में आने लगे। साल 2008 तक AJL पर 90 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चढ़ गया। तब AJL ने फैसला किया कि अब समाचार पत्रों का प्रकाशन नहीं किया जाएगा। अखबारों का प्रकाशन बंद करने के बाद AJL प्रॉपर्टी बिजनेस में उतरी।तो विवाद कहां से शुरू हुआ?
2010 में AJL के 1057 शेयरधारक थे। घाटा होने पर इसकी होल्डिंग यंग इंडिया लिमिटेड यानी YIL को ट्रांसफर कर दी गई। यंग इंडिया लिमिटेड की स्थापना उसी वर्ष यानी 2010 में हुई थी। इसमें तत्कालीन कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए। कंपनी में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के पास रखी गई। शेष 24 फीसदी कांग्रेस नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस (दोनों का निधन हो चुका है) के पास थी।
शेयर ट्रांसफर होते ही AJL के शेयर होल्डर्स सामने आ गए। पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण, इलाहाबाद व मद्रास उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू सहित कई शेयरधारकों ने आरोप लगाया कि जब YIL ने AJL का 'अधिग्रहण' किया था तब उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था। यही नहीं, शेयर ट्रांसफर करने से पहले शेयर होल्डर्स से सहमति भी नहीं ली गई। बता दें कि शांति भूषण और मार्कंडेय काटजू के पिता के नाम पर AJL में शेयर था।
सुब्रमण्यम स्वामी ने दर्ज कराया था मामला
2012 में भाजपा के नेता और देश के नामी वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस, पत्रकार सुमन दुबे और टेक्नोक्रेट सैम पित्रोदा के खिलाफ मामला दर्ज कराया। तब केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार थी। सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि YIL ने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और लाभ हासिल करने के लिए "गलत" तरीके से निष्क्रिय प्रिंट मीडिया आउटलेट की संपत्ति को "अधिग्रहित" किया।
स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि YIL ने 90.25 करोड़ रुपये की वसूली के अधिकार हासिल करने के लिए सिर्फ 50 लाख रुपये का भुगतान किया था, जो AJL पर कांग्रेस पार्टी का बकाया था। यह राशि पहले अखबार शुरू करने के लिए कर्ज के रूप में दी गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि AJL को दिया गया कर्ज "अवैध" था, क्योंकि यह पार्टी के फंड से लिया गया था।