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सीजेपी का आंदोलन LIVE: अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत, दोबारा शांति बॉन्ड भरने के बाद किए गए रिहा

Sat, 17 Oct 2026 06:07 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 17 Oct 2026 06:07 PM IST
खास बातें

दिल्ली पुलिस ने 'लहरा दो तिरंगा' विरोध मार्च से पहले हिरासत में लिए गए AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को रिहा किया। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को SEM अदालत में पेश किया गया। हर छोटे-बड़े अपडेट के लिए इस लिंक पर बने रहें...

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सीजेपी के संयोजक अभिजीत दिपके की आज कोर्ट में होगी पेशी - फोटो : पीटीआई

लाइव अपडेट

06:03 PM, 17-Oct-2026

अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत

दिपके को शनिवार को सशर्त जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उन्होंने दोबारा शांति बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए। दीपके को शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित लेहरा दो तिरंगा प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय हिरासत में लिया गया था। शनिवार सुबह उन्हें 10 अक्तूबर को भरे गए शांति बॉन्ड की शर्तों के कथित उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
04:38 PM, 17-Oct-2026

अभिजीत दिपके को जमानत

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी गई है। उन्हें शांति बनाए रखने से संबंधित बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहा किया जाएगा।
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02:49 PM, 17-Oct-2026

मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन लाए गए दिपके

सीजेपी संयोजक अभिजीत दिपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन लाया गया। दिपके को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। सीजेपी और दिपके की लीगल टीम पुलिस स्टेशन में पहले से ही मौजूद है।
02:48 PM, 17-Oct-2026

सीपीआई नेता एनी राजा बोलीं- दिल्ली पुलिस आयुक्त से मांगा मुलाकात का समय

दिल्ली पुलिस द्वारा महिला प्रदर्शनकारियों के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद सीपीआई नेता एनी राजा ने कहा, “हमने अतिरिक्त डीसीपी को इन सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया है। हमने उनसे यह भी मांग की कि वे दिल्ली पुलिस आयुक्त से मुलाकात का समय दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर दिल्ली पुलिस आयुक्त से मुलाकात का समय दिला दिया जाएगा। इसी आश्वासन के आधार पर हम आज अपना प्रदर्शन समाप्त कर रहे हैं। लेकिन अगर उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया, तो हम फिर वापस आएंगे।”

12:49 PM, 17-Oct-2026

कुछ ही देर में एसईएम के सामने पेश होंगे दिपके

सीजेपी संयोजक अभिजीत दिपके को कुछ ही देर में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने पेश किया जाएगा। सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंच चुकी हैं।
12:43 PM, 17-Oct-2026

महिला संगठनों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक क्यों निकाला मार्च?

महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकाला। उन्होंने निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान महिला और ट्रांसजेंडर प्रदर्शनकारियों के कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोपों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वामपंथी महिला संगठनों की सदस्याओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर पुलिसकर्मियों की कथित यौन और लैंगिक हिंसा के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की।

प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास एकत्र हुईं और वहां से पुलिस मुख्यालय की ओर मार्च किया। वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित यौन और लैंगिक हिंसा के मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने पहुंचीं।संगठनों ने अपने अपील पत्र में कहा, “जो लोग दोषी पाए जाएं, उन्हें कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और सजा दी जानी चाहिए।” उन्होंने कथित उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की।

एक आधिकारिक बयान में संगठनों ने कहा कि वीडियो, तस्वीरों और पीड़ितों के व्यक्तिगत बयानों में महिलाओं, ट्रांसजेंडर और नॉन-बाइनरी प्रदर्शनकारियों के कथित यौन उत्पीड़न और शारीरिक हिंसा के मामले सामने आए हैं। उनके मुताबिक, 20 जुलाई से पुलिस कार्रवाई के दौरान ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं और दो अक्तूबर के बाद इनकी शिकायतें बढ़ गईं। संगठनों ने ऐसे वीडियो का हवाला दिया, जिनमें कथित तौर पर पुरुष पुलिसकर्मियों को महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करते देखा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में ले जाने वाली बसों और हिरासत केंद्रों के भीतर भी यौन हिंसा की घटनाएं हुईं।
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10:14 AM, 17-Oct-2026

दिपके की दोपहर 12 बजे होगी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी

सीजेपी के संयोजक अभिजीत दिपके को आज स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने पेश किया जाएगा। इसके चलते मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीजेपी के कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, ''अभिजीत दिपके को दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के समक्ष पेश किया जाएगा।''
09:20 AM, 17-Oct-2026

सीजेपी के तिरंगा मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की कई एफआईआर

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में कई एफआईआर दर्ज कीं। पुलिस ने बताया कि बार-बार घोषणाएं करने के बावजूद कनॉट प्लेस के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
08:36 AM, 17-Oct-2026

सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाया दिपके के अपहरण का आरोप

सीजेपी के नेता अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस पर अभिजीत दिपके के अपहरण का आरोप लगाया है। कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट पर अजिंक्य शिंदे का देर रात ढाई बजे का वीडियो डाला गया। इस वीडियो में शिंदे कह रहे हैं कि दिपके के परिजनों, उनके वकीलों और सीजेपी की टीम को उनके बारे में कोई अपडेट नहीं दिया गया है। हम सभी एक सवाल पूछ रहे हैं कि अभिजीत कहां हैं?
07:30 AM, 17-Oct-2026

रिहाई के बाद नेहा बोरा ने क्या कहा?

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा, ''हर संभव तरीके से कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आम नागरिकों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, मानो वे कोई खूंखार अपराधी हों। देश में लंबे समय से ऐसा होता आ रहा है। मौजूदा आंदोलन ने साफ तौर पर उजागर कर दिया है कि लोगों को किस तरह हिरासत में लिया जा रहा है। चाहे दिन हो या शाम, उन्हें हिरासत में लेकर पूरी रात थाने में रखा जाता है और अगली सुबह या शाम को रिहा किया जाता है। आखिर किस अधिकार के तहत ऐसा किया जा रहा है? किस कानून या आदेश के तहत किसी व्यक्ति को पूरी रात हिरासत में रखना जायज है? कानूनी तौर पर सूर्यास्त के बाद लोगों, खासकर महिलाओं को रिहा कर दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।''

उन्होंने कहा, ''इसके अलावा, अब अराजकता और अव्यवस्था का एक नया नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। कैसी अराजकता और अव्यवस्था? क्या वह, जो आपने मध्य दिल्ली में पैदा की है? दिल्ली के लोग राहत की सांस तक नहीं ले पा रहे हैं। वे काम पर जाने के लिए जिस भी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, वह बंद मिलता है। आप पूरे देश में अराजकता और अव्यवस्था फैला रहे हैं। कृपया भारत के लोगों को बख्श दीजिए। ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कीजिए और एसआईआर पर रोक लगाइए, ताकि देश के आम नागरिक राहत की सांस ले सकें, सुकून महसूस कर सकें और उनके मतदान के अधिकार सुरक्षित रहें।''
उन्होंने आगे कहा, ''पुलिस ने मुझसे मेरा नाम, पता और अन्य जानकारियां मांगीं। काफी देर तक उन्होंने मुझे बोलने या किसी कानूनी सलाहकार यानी वकील से परामर्श करने तक की अनुमति नहीं दी। हमारे वकील मुझ तक पहुंचने के लिए पांच से छह घंटे तक प्रयास करते रहे। जब हम उनसे फोन पर संपर्क करने में सफल हुए, तभी उन्हें मुझसे मिलने की अनुमति दी गई। ये लोग लंबे समय से इसी तरह की हरकतें करते आ रहे हैं।''
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