Chandrayaan 3 Landing: 'मैं मंजिल पर पहुंच गया हूं और भारत भी', चंद्रयान ने भेजा संदेश; लैंडर से बाहर आया रोवर
ISRO Chandrayaan 3 landing Time Live Updates: चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल (एलएम) बुधवार शाम चंद्रमा की सतह पर उतर गया। भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) से युक्त लैंडर मॉड्यूल ने शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग की।
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चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से बेहद खुश प्रवासी भारतीयों ने न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर भारत की इस सफलता का जश्न मनाया। इस मौके पर प्रमुख प्रवासी नेता और जयपुर फुट यूएसए के वॉलंटियर प्रेम भंडारी ने कहा कि यह सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए गर्व की बात है।
#WATCH | US: Members of the Indian diaspora celebrate the successful landing of #Chandrayaan3, at Times Square in New York pic.twitter.com/0kDIGVGD4V
— ANI (@ANI) August 24, 2023
जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रात्रि भोज में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित विश्व के कई नेताओं ने चंद्रयान-3 की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। वहीं, पीएम मोदी ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर शुभकामनाओं के लिए विश्व नेताओं का आभार व्यक्त किया।
South Africa | At the banquet dinner during the BRICS Summit in Johannesburg yesterday, several world leaders congratulated PM Narendra Modi on the success of #Chandrayaan3 pic.twitter.com/8Cs9zZqdL3
— ANI (@ANI) August 24, 2023
भारत का चंद्रयान-3 अभियान चंद्रमा का अहम डाटा जुटाने के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण मिशन है, इसकी सफलता से भारत के साथ अमेरिका अपना सहयोग बढ़ाएगा। नासा के पूर्व अधिकारी माइक गोल्ड ने चंद्रयान-3 मिशन को लेकर यह बयान दिया। उन्होंने कहा, आने वाले समय में अमेरिका व भारत के बीच चंद्रमा को लेकर काम करने के अवसर और बढ़ेंगे। गोल्ड के अनुसार, चंद्रयान-3 मिशन से मिला डाटा चंद्रमा को समझने में काम आएगा। यह मानव जाति को नई क्षमता, संसाधन व समझ देगा, जो भविष्य के चंद्र मिशन और वहां मानव को बसाने में उपयोगी साबित होंगे। सबसे अहम, इसके बाद सहयोग भी बढ़ेगा। इस समय नासा व इसरो पृथ्वी से जुड़े अध्ययनों पर केंद्रित हैं। निसार एक ऐसी है परियोजना है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत नेतृत्वकर्ता
गोल्ड ने कहा कि भारत इस समय नेतृत्व कर रहा है, खासतौर पर अंतरिक्ष क्षेत्र में सरकार की नीतियों के मामले में। उन्होंने पीएम मोदी के विजन व परियोजनाओं को सराहा। कहा, भारत का नजरिया अपनी मानव पूंजी को बेहतर ढंग से उपयोग करने को लेकर साफ है। अंतरिक्ष के व्यावसायिक उपयोग के लिहाज से भी यह बड़े बदलाव ला सकता है।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के महानिदेशक जोसेफ एशबैकर ने कहा, चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के लिए बधाई। चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान की सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग कराने वाला चौथा देश बनने पर सभी भारतीयों को बधाई। हमें इस मिशन में आपका भागीदार बनकर खुशी हो रही है।
रच दिया इतिहास : यूके स्पेस एजेंसी
ब्रिटेन की स्पेस एजेंसी ने इसरो को बधाई देते हुए कहा, भारत ने इतिहास रच दिया है। उम्मीद है जल्द ही रोवर-लैंडर से नई जानकारियां मिलने लगेंगी। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने कहा, रोस्कोस्मोस भारतीय सहयोगियों को बधाई। चंद्रमा की खोज पूरी मानव जाति के लिए अहम है। भविष्य में यह गहन अन्वेषण के लिए मंच बन सकता है।
अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के लिए भारत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मिशन में शामिल सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए यह एक अविश्वसनीय उपलब्धि है। मिशन और अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के साथ अधिक व्यापक रूप से साझेदारी करने पर गर्व महसूस हो रहा है।
Congratulations to India for the historic landing of Chandrayaan-3 on the southern polar region of the moon. It’s an incredible feat for all the scientists and engineers involved. We are proud to partner with you on this mission and space exploration more broadly.
— Vice President Kamala Harris (@VP) August 23, 2023
भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद वीरेंद्र शर्मा ने चंद्रयान-3 की सफलता पर भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की इस सफलता से पूरी दुनिया खुश है। दुनिया भर में फैले भारतीयों में खुशी का माहैल है।
#WATCH | London: Member of British Parliament Virendra Sharma congratulates the Indian scientists on the success of #Chandrayaan3
— ANI (@ANI) August 23, 2023
"The whole world is happy. Indians all over the world are happy, "he says pic.twitter.com/SBsipK6auu
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग के लिए भारत की सराहना की और कहा कि यह ब्रिक्स के सभी देशों के लिए खुशी की बात है। रामाफोसा ने कहा, हम एक ऐसी दुनिया में हैं जिसका कोई अंत नहीं है। इसकी खोज करके और इसके साथ अपने रिश्ते को बढ़ाकर हम इसे और अधिक अपना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह और कई अन्य उपलब्धियां हमें समृद्धि, प्रगति और शांति की ओर आगे बढ़ने में सक्षम बनाती हैं।
चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत रुचिरा कंबोज ने कहा कि भारत न सिर्फ चांद पर कदम रखा है, बल्कि आगे की असीमित संभावनाओं पर भी अपनी नजरें गड़ाए हुए है। कंबोज ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत अपने वैज्ञानिकों के समर्पण और प्रतिभा से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंच गया है, जहां आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंच सका है। उन्होंने कहा, यह उपलब्धि न केवल चंद्रमा पर भारत की उपस्थिति का प्रतीक है, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं का भी प्रतीक है। साथ ही यह मानवता के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास अज्ञात क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।
लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने बुधवार को इसरो के चंद्र मिशन चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग का जश्न मनाया। उच्चायोग में लोगों ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाए। वहीं, भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने भी चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर भारत को बधाई दी। एलिस ने एक्स पर लिखा, दुनिया के लिए भारत के लिए बड़ा लमहा...बधाई हो।
भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने पर भारत, इसरो और इस मिशन में शामिल की पूरी टीम को बधाई दी। एरिक गार्सेटी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर ट्वीट किया, इस तरह भारत ने चांद पर कदम रख दिया है। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर भारत, इसरो और पूरी टीम को बधाई! मैं अमेरिका-भारत अंतरिक्ष सहयोग के लिए आगे रोमांचक अवसर देख सकता हूं।
वहीं, अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में काउंसलर (अंतरिक्ष) क्रुणाल जोशी चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग के बाद भावुक हो गए। उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि चंद्रयान-3 भारत के नेतृत्व में अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण और टिकाऊ अन्वेषण की दिशा में आगे बढ़ेगा।