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CAA Rules LIVE: 'एनआरसी आवेदन नहीं करने वाले को नागरिकता मिली, तो इस्तीफा दे दूंगा'; असम सीएम का बड़ा दावा

Tue, 12 Mar 2024 10:20 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 12 Mar 2024 10:20 PM IST
खास बातें

केंद्र सरकार ने सोमवार को सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। भाजपा समर्थक जहां सरकार के इस फैसले पर खुशी जता रहे हैं, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मुखर हो गया है। कांग्रेस ने चुनाव से ऐन पहले सीएए लागू करने को बंटवारे की राजनीति करार दिया। कांग्रेस ने कहा कि सीएए, भेदभाव को बढ़ावा देता है और यह भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। 
 

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CAA implements in india live news updates of protest in assam congress political reaction
सीएए देशभर में हुआ लागू - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

07:31 PM, 12-Mar-2024
सीएए के नियमों को अधिसूचित करने के बाद शुरू हुए विपक्षी दलों के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि सीएए से भारतीय मुसलमानों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। गृहमंत्रालय ने यह भी बताया है कि सीएए के नियमों में भारतीय मुसलमानों की नागरिकता में कोई भी बदलाव या असर डालने वाले कोई भी प्रावधान नहीं किए गए हैं। साथ ही गृहमंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि किसी भी भारतीय नागरिक से नागरिकता साबित करने के लिए कोई दस्तावेज पेश करने के लिए नहीं कहा जाएगा। सरकार ने यह भी कहा है कि सीएए अवैध प्रवासियों वापस भेजने से संबंधित नहीं  है। इसके मुसलमानों के विरूद्ध होने संबंधी एक वर्ग के लोगों की चिंता अनुचित है।
06:36 PM, 12-Mar-2024
 लोकसभा चुनाव से पहले जल्दबाजी में लाया गया सीएए: अभिषेक
टीएमसी नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी लोकसभा चुनाव से पहले सीएए नियमों को अधिसूचित करने को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लाए गए इस कानून के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है।
 
टीएमसी के सूत्रों ने बताया कि बंद कमरे में एक बैठक के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आश्चर्य है कि जब कानून 2019 में पारित किया गया तो नियम बनाने में पांच साल क्यों लग गए। उन्होंने कहा कि अब लोकसभा चुनाव से पहले इसे जल्दबाजी में लाया गया है। 
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05:21 PM, 12-Mar-2024
 एनआरसी आवेदन नहीं करने वाले को नागरिकता मिली, तो इस्तीफा दे दूंगा: हिमंत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि अगर एक व्यक्ति, जिसने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के लिए आवेदन नहीं किया है, को नागरिकता मिलती है तो वह इस्तीफा देने वाले पहले व्यक्ति होंगे। मुख्यमंत्री ने शिवसागर में एक कार्यक्रम से इतर कहा, मैं असम का बेटा हूं और अगर एनआरसी के लिए आवेदन नहीं करने वाले एक भी व्यक्ति को नागरिकता मिलती है, तो मैं इस्तीफा देने वाला पहला व्यक्ति होऊंगा। सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सीएए लागू होने के बाद लाखों लोग राज्य में प्रवेश करेंगे। उन्होंने कहा, अगर ऐसा होता है तो मैं विरोध करने वाला पहला व्यक्ति होऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएए के बारे में कुछ भी नया नहीं है क्योंकि यह पहले लागू किया गया था, और कहा अब पोर्टल पर आवेदन करने का समय आया है। सरमा ने कहा, पोर्टल पर डेटा अब बताएगा, और यह स्पष्ट हो जाएगा कि अधिनियम का विरोध करने वालों के दावे तथ्यात्मक रूप से सही हैं या नहीं।
03:25 PM, 12-Mar-2024
सीपीआई (एम) ने किया सीएए का विरोध 
भाकपा (माओवादी) ने नागरिकता संसोधन अधिनियम को अधिसूचित किए जाने का विरोध किया है। भाकपा ने कहा है कि यह नागरिकता को धार्मिक पहचान से जोड़ता है। इसके कारण इससे संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांत का उल्लंघन होता है। पार्टी ने एक बयान में कहा कि  इस अधिनियम के तहत अधिसूचित नियम पड़ोसी देशों से आने वाले मुसलमानों के प्रति भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण वाले हैं। वहीं, इस अधिनियम का कार्यान्वयन राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से भी जुड़ा हुआ है। इससे यह आशंका पैदा होती है कि इसके जरिए मुस्लिम मूल के नागरिकों को निशाना बनाया जाएगा।
03:25 PM, 12-Mar-2024
ओवैसी ने सीएए को लेकर भाजपा को घेरा
सीएए के नियमों को अधिसूचित करने को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आपको सीएए को एनआरसी और एनपीआर के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में मेरा नाम लिया और कहा कि एनआरसी और एनपीआर लागू किया जाएगा। यह रिकॉर्ड में है। ओवैसी ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य देश में एनपीआर और एनआरसी लागू करना है। 
01:46 PM, 12-Mar-2024

सपा नेता बोले- कानून को धर्म के आधार पर वर्गीकृत करना गलत

सपा सांसद एसटी हसन ने भी भाजपा सरकार के सीएए लागू करने पर कहा कि 'यह सिर्फ लोगों को भ्रमित करने की रणनीति है। हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है कि लोगों को नागरिकता दी जाए, लेकिन इसे धर्म के आधार पर क्यों वर्गीकृत किया गया है? अहमदिया मुस्लिमों को इन देशों में प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। ऐसे में सरकार को सभी प्रताड़ित वर्गों को नागरिकता देनी चाहिए। सीएए सिर्फ एनआरसी का आधार है, जहां लोगों को ये घोषित करना पड़ेगा कि वे भारतीय हैं।'
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01:42 PM, 12-Mar-2024

दिल्लीपुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च

सीएए लागू होने के बाद दिल्ली पुलिस समेत सभी राज्यों की पुलिस अलर्ट है। दिल्ली पुलिस की रैपिड एक्शन फोर्स ने मंगलवार को राजधानी के विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला। 
 
12:52 PM, 12-Mar-2024

शिवसेना यूबीटी ने सीएए लागू करने की टाइमिंग पर उठाए सवाल

शिवसेना (यूबीटी) ने सीएए लागू करने की टाइमिंग पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि चुनाव के चलते यह कदम उठाया गया। शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दूबे ने कहा कि 'अगर आप कानून लाना चाहते हैं तो आपके पास 10 साल थे, जब आचार संहिता लागू करने में 2-4 दिन का समय रह गया है तो आप कानून लेकर आ रहे हैं। आगे चुनाव हैं, तभी ये सब किया जा रहा है।' 
12:07 PM, 12-Mar-2024

'हम धार्मिक आधार पर तुष्टीकरण के खिलाफ'

असम कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष मीरा बोर्थकुर ने कहा कि 'हम धार्मिक तुष्टीकरण के खिलाफ हैं। असम के लोग सीएए का समर्थन नहीं करेंगे और वह लोकसभा में सरकार के खिलाफ वोट करेंगे।'
 
11:56 AM, 12-Mar-2024

मुस्लिम लीग ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

सुप्रीम कोर्ट में सीएए कानून के खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह याचिका इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की तरफ से दायर की गई है, जिसमें सीएए कानून पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में नागरिकता संशोधन कानून 2019 के प्रावधानों को देश में लागू करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि नागरिकता कानून के तहत कुछ धर्मों के लोगों को ही नागरिकता दी जाएगी, जो संविधान का उल्लंघन है।
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