10:55 PM, 17-Aug-2021
अफगानिस्तान से सेना बुलाने का फैसला सही: बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइ़डन ने मंगलवार को एक बार फिर अफगानिस्तान से सेना वापस बुलाने के फैसले को सही बताया। ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, मैं चौथा ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति हूं जिसने अफगानिस्तान में युद्ध की स्थिति देखी है। ऐसे दो डेमोक्रेट और दो रिपब्लिकन राष्ट्रपति रहे हैं। मैं यह जिम्मेदारी पांचवें राष्ट्रपति के लिए नहीं छोड़ूंगा। मैं यह दावा करके अमेरिकी लोगों को धोखा नहीं दूंगा कि अफगानिस्तान में थोड़ा समय और गुजार कर हम परिवर्तन ले आएंगे।
09:16 PM, 17-Aug-2021
पहले से अधिक अनुभवी हुए हैं: तालिबान
टोलो न्यूज के अनुसार 1990 के तालिबान और आज के तालिबान के बीच अंतर के सवाल पर तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि हमारी विचारधारा और विश्वास वही है क्योंकि हम मुसलमान हैं, लेकिन अनुभव के मामले में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अब हम अधिक अनुभवी हैं और अलग नजरिया रखते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हम ऐसी सरकार स्थापित करना चाहते हैं जो सभी पक्षों को समाहित करे।
09:02 PM, 17-Aug-2021
महिलाओं के साथ नहीं होगा भेदभाव: तालिबान
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि काबुल में दूतावासों की सुरक्षा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम सभी देशों को आश्वासन देना चाहते हैं कि सभी दूतावासों, मिशनों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मदद एजेंसियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे बल यहां मौजूद हैं। एएनआई ने टोलो न्यूज के हवाले से बताया कि मुजाहिद ने एक बयान में कहा कि तालिबान इस्लाम के आधार पर महिलाओं को उनके अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाएं स्वास्थ्य और अन्य ऐसे क्षेत्रों में काम कर सकती हैं, जहां जरूरत है। महिलाओं के खिलाफ कोई भेदभाव नहीं होगा।
08:30 PM, 17-Aug-2021
तालिबान से खतरा नहीं: पेंटागन
अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन के संकट के बीच अमेरिका के पेंटागन ने बड़ा बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पेंटागन ने कहा है कि तालिबान से हमें कोई खतरा नहीं है।
08:15 PM, 17-Aug-2021
अमरुल्लाह सालेह ने खुद को घोषित किया कार्यवाहक राष्ट्रपति
अफगानिस्तान के पहले उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा कि मैं सभी नेताओं से उनके सहयोग और समर्थन के लिए संपर्क कर रहा हूं।
07:55 PM, 17-Aug-2021
भारत-अफगानिस्तान सांस्कृतिक सप्ताह कार्यक्रम स्थगित
सितंबर में होने वाले भारत-अफगानिल्तान सांस्कृतिक सप्ताह को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। रायसीना हाउस के प्रबंध निदेशक राहुल बनर्जी ने बताया कि कुछ दिन पहले हमने भारत-अफगानिस्तान सांस्कृतिक सप्ताह की घोषणा की थी। चार दिन का (दो से पांच सितंबर) यह कार्यक्रम अफगान संस्कृति मंत्रालय के सहयोग के साथ होना था। बनर्जी ने कहा कि ताजा हालात को देखते हुए हमने कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है।
06:49 PM, 17-Aug-2021
भारत के लिए स्थिति खतरनाक: शशि थरूर
अफगानिस्तान में हालात को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि वहां हमें निशाना बनाने वाला पाक समर्थित आतंकी माहौल तैयार हो सकता है। यहां एक बड़ा भर्ती बेस भी बन सकता है जहां से लड़ाके हम पर हमला करने के लिए भेजे जा सकते हैं। इसलिए हमें स्थिति को बहुत ध्यान से देखने की जरूरत है। थरूर ने कहा कि मैं इसे लेकर आश्वस्त नहीं हूं कि पाकिस्तान इस बात से 100 फीसदी खुश होगा कि तालिबान सत्ता में आ गया है। क्योंकि, जरूरी नहीं है कि जो भी सत्ता में आए वह पाकिस्तान का समर्थन करे। उन्होंने कहा कि स्थिति बहुत खतरनाक है, विशेष तौर पर हमारे लिए।
06:38 PM, 17-Aug-2021
तालिबान को प्रभाव में लेने की कोशिश कर सकती है आईएसआई
सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई तालिबान को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करेगी। फिर भी, इसका असर बहुत सीमित रहेगा क्योंकि तालिबान ने ने ताकत की स्थिति में सत्ता हासिल की है। आईएसआई केवल कमजोर तालिबान को ही प्रभावित कर सकती है। ऐसे में वर्तमान स्थिति में इसकी संभावना कम ही दिखती है।
06:29 PM, 17-Aug-2021
कश्मीर में सख्त की जाएगी सुरक्षा निगरानी
सूत्रों ने कहा कि कश्मीर को लेकर तालिबान अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। वह इसे द्विपक्षीय और आतंरिक मामला मानता है और उसका ध्यान कश्मीर पर रहने की उम्मीद नहीं है। सूत्रों ने आगे कहा कि कश्मीर में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन सुरक्षा निगरानी और सख्त की जाएगी। अफगानिस्तान में मौजूद पाकिस्तानी आतंकी संगठन हालात का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
06:21 PM, 17-Aug-2021
अफगानिस्तान में मौजूद हैं पाकिस्तानी आतंकी गुट
एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी आतंकवादी गुट जैसे लश्कर-ए-तैयबा और लश्कर-ए-झांगवी की अफगानिस्तान में मौजूदगी है। उन्होंने कुछ गांवों में और काबुल के हिस्सों में तालिबान के साथ अपने चेकपोस्ट बनाए हैं।