Chandra Grahan 2025: साल का पहला चन्द्र ग्रहण समाप्त, इसके बाद करें इन चीज़ों का दान
Chandra Grahan 14 March 2025 In India: आज, 14 मार्च 2025 को लगा पहला खंडग्रास चंद्र ग्रहण अब समाप्त हो गया है। इस ग्रहण की शुरुआत आज सुबह 9:29 बजे से हुई थी और दोपहर 3:29 बजे इसका समापन हुआ। हालाँकि यह भारत में नहीं नज़र आया।
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Chandra Grahan: राशि अनुसार दान
राशि अनुसार दान के कुछ विशेष उपाय दिए गए हैं, जो चंद्र ग्रहण के बाद करने से लाभ हो सकता है:मेष राशि: मंगल देव की कृपा पाने के लिए चंद्र ग्रहण के बाद लाल रंग की मिठाई का दान करें।
वृषभ राशि: सुखों में वृद्धि के लिए होली के दिन ग्रहण के बाद चावल, आटा या मैदा का दान करें।
मिथुन राशि: कारोबार में सफलता पाने के लिए चंद्र ग्रहण के बाद हरी सब्जियों का दान करें।
कर्क राशि: तनाव से निजात पाने के लिए चंद्र ग्रहण के बाद दूध, दही और चीनी का दान करें।
सिंह राशि: करियर में सफलता पाने के लिए ग्रहण के बाद गेहूं, मूंगफली और शहद का दान करें।
कन्या राशि: कारोबार में तरक्की पाने के लिए ग्रहण के बाद लोगों में गन्ने के रस का वितरण करें।
तुला राशि: आर्थिक तंगी दूर करने के लिए चंद्र ग्रहण के बाद सफेद रंग के वस्त्र का दान करें।
वृश्चिक राशि: जॉब में प्रमोशन पाने के लिए ग्रहण के बाद आलू, शकरकंद और गेहूं का दान करें।
धनु राशि: गुरु कृपा पाने के लिए ग्रहण के बाद केला, मकई और पपीता का दान करें।
मकर राशि: शनिदेव की कृपा पाने के लिए चमड़े के जूते-चप्पल और सरसों के तेल का दान करें।
कुंभ राशि: शनि बाधा दूर करने के लिए काले तिल, रागी, काली सरसों और धन का दान करें।
मीन राशि: पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि पाने के लिए ग्रहण के बाद पीले रंग के वस्त्र का दान करें।
Chandra Grahan 2025 Ke baad Kya Karein: चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें
स्नान करें: चंद्र ग्रहण के समाप्त होने के बाद स्नान करना आवश्यक है। घर में पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें, ताकि शारीरिक और मानसिक शुद्धि हो सके।
गंगाजल का छिड़काव करें: घर के हर कोने में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में शांति बनी रहती है।
इन उपायों से ग्रहण के बाद की नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सकता है और घर में सकारात्मक वातावरण बन सकता है।
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Chandra Grahan Sutak Kaal Samay: चंद्र ग्रहण के दोष को दूर करने के उपाय
चंद्र ग्रहण के दोष को दूर करने के लिए कुछ सरल उपाय हैं। सबसे पहले, कुंवारी लड़कियों को सफेद वस्त्र या खीर दान करना चाहिए। यह उपाय चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है।- पूर्णिमा के दिन व्रत करना और चंद्रमा को अर्घ्य देना भी एक प्रभावी उपाय है, जिससे ग्रहण के दोष से मुक्ति मिल सकती है।
- गायत्री और मृत्युंजय मंत्र का जाप करना चंद्र ग्रहण के समय बहुत लाभकारी होता है, यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है।
- पूर्णिमा की रात चांदी के बर्तन में दूध, हल्दी और शहद मिलाकर पीने से भी शांति मिलती है और ग्रहण के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
- सोमवार के दिन अन्न का दान करना और शिवलिंग पर जल चढ़ाना भी चंद्र ग्रहण के प्रभाव को नष्ट करने में सहायक है।
- प्रत्येक सोमवार को ॐ चन्द्राय नमः का 108 बार जाप करने से चंद्र दोष दूर हो सकता है।
- आखिरकार, जरूरतमंदों को दूध का दान करना भी एक अच्छा उपाय है, जिससे चंद्र ग्रहण के दोष से मुक्ति मिलती है।
Chnadra Grahan Time: चन्द्र ग्रहण के दौरान करें इन मंत्रो का जाप
चंद्रदेव का मंत्र
ऊँ ऐं ह्रीं सोमाय नमः
इसके अलावा, विश्वेदेवों का ध्यान भी करना चाहिए, जिनमें दस प्रमुख देवता होते हैं:
ऊँ इन्द्राय नमः (इन्द्र)
ऊँ अग्नये नमः (अग्नि)
ऊँ सोमाय नमः (सोम)
ऊँ त्वष्ट्राय नमः (त्वष्ट्रा)
ऊँ रुद्राय नमः (रुद्र)
ऊँ पूखनाय नमः (पूखन्)
ऊँ विष्णुवे नमः (विष्णु)
ऊँ अश्विनीये नमः (अश्विनी)
ऊँ मित्रावरूणाय नमः (मित्रावरूण)
ऊँ अंगीरसाय नमः (अंगीरस)
इन मंत्रों का उच्चारण चंद्र ग्रहण के दौरान मानसिक शांति और सकारात्मकता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
Chandra Grahan Sutak Timing: सूतक काल के दौरान कुछ सावधानियाँ
चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से पहले शुरू होता है और इसे विशेष ध्यान से पालन करने की आवश्यकता होती है। इस दौरान नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को बढ़ने का डर रहता है, इसलिए कई लोग धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, और ध्यान की साधना करते हैं, ताकि मानसिक शांति बनी रहे।
सूतक काल के दौरान कुछ सावधानियाँ रखनी चाहिए, जैसे:
- भोजन: कुछ लोग इस समय भोजन नहीं करते, जबकि कुछ लोग हल्का भोजन करते हैं।
- धार्मिक कार्य: इस समय पूजा या अन्य धार्मिक कार्यों से बचना चाहिए।
- दैनिक कार्यों में सावधानी: इस समय किसी भी प्रकार के विवाद या नकारात्मक कार्यों से बचना चाहिए।
- मानसिक शांति: मानसिक शांति बनाए रखने की कोशिश करें और नकारात्मक विचारों से बचें।
- घर की सफाई: ग्रहण से पहले घर की सफाई कर लेना शुभ माना जाता है।
Chandra Grahan 2025 Timing in India: गर्भवती महिलाएं क्या करें
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष उपाय करने चाहिए, जिनसे नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सकता है:
- मंत्रों का जप करें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष मंत्रों का जप करना चाहिए। इससे नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और शांति बनी रहती है।
- गोबर का लेप लगाएं: आप पेट पर गोबर का लेप भी लगा सकती हैं। यह उपाय शारीरिक और मानसिक सुरक्षा के लिए किया जाता है।
- शांत बैठें: ग्रहण के दौरान शांत वातावरण में बैठना चाहिए। इस दौरान आप ईश्वर का ध्यान कर सकती हैं, जो मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
- स्नान करें: चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें, ताकि आप ग्रहण के अशुभ प्रभाव से मुक्त हो सकें।
- दान करें: ग्रहण के समय पहने हुए वस्त्रों का दान करना चाहिए। इसके अलावा, चना, गेहूं, गुड़ और दाल का भी दान करना शुभ माना जाता है।
Chandra Grahan 2025: चन्द्र ग्रहण पर गर्भवती महिलाएं न करें ये काम
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यहां कुछ महत्वपूर्ण कार्य हैं, जिन्हें गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय नहीं करना चाहिए:
- रसोई का कार्य न करें: ग्रहण के दौरान रसोई में कोई भी कार्य न करें, क्योंकि यह अशुभ हो सकता है।
- भोजन न करें: ग्रहण के समय भोजन न करना चाहिए। इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- सुई और नुकीली चीजें न इस्तेमाल करें: सुई में धागा डालना या किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। इससे गर्भवती महिला और शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- काटना और छीलना न करें: ग्रहण के समय किसी भी प्रकार का छीलने या काटने का कार्य न करें।
- मंदिर को न छूएं: ग्रहण के दौरान मंदिर की मूर्तियों या पूजास्थल को न छूना चाहिए।
- गृहकार्य न करें: ग्रहण के समय घर की खिड़कियां बंद रखें और बाहर आना-जाना न करें।
- सोने से बचें: ग्रहण के दौरान सोना न चाहिए, क्योंकि इससे मां और बच्चे की सेहत प्रभावित हो सकती है।
- आभूषण न पहनें: पिन, चूड़ियां या कोई भी आभूषण पहनने से बचें, क्योंकि यह ग्रहण के प्रभाव से असंवेदनशील हो सकते हैं।
Chandra Grahan 2025 Live: राशि अनुसार उपाय
चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए हर राशि के लिए अलग-अलग उपाय हैं
मेष राशि: इस समय शिवजी की पूजा करना लाभकारी रहेगा। इसके साथ ही, शहद का सेवन करें और चांदी के बर्तन में पानी रखें, उसका सेवन करें।
वृषभ राशि: इस दौरान हल्दी का तिलक करें और तुलसी के पत्ते जल में डालें। घर में सफाई बनाए रखें और गाय के बछड़े को रोटी खिलाएं।
मिथुन राशि: भगवान विष्णु की पूजा करें और गाय के दूध से स्नान करें। यह चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव को दूर करने में सहायक होगा।
कर्क राशि: चंद्र देव की पूजा करना इस समय शुभ रहेगा। इसके साथ ही, चांदी के बर्तन में जल भरकर रखें और तुलसी के पत्तों को घर में रखें।
सिंह राशि: इस दौरान सूर्य देव की पूजा करें और तांबे के बर्तन में जल रखें। कपूर जलाकर पूरे घर में शांति फैलाएं।
कन्या राशि: चंद्र देव को जल अर्पित करें और ओम नमः शिवाय का जाप करें। पवित्र नदी में स्नान करना भी इस दौरान लाभकारी होगा।
तुला राशि: पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए। इसके अलावा चंद्र ग्रहण के समय संकल्प लेकर पूजा करें और घर में शांति बनाए रखें।
वृश्चिक राशि: चांदी की अंगूठी पहनें और चंद्र देव को जल अर्पित करें। घर के कोनों में कपूर जलाना भी लाभकारी रहेगा।
धनु राशि: महालक्ष्मी की पूजा करें और कपूर जलाकर घर में स्वच्छता बनाए रखें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
मकर राशि: घर में स्वच्छता बनाए रखें और चांदी की वस्तु का उपयोग करें। चंद्रमा को जल अर्पित करना भी शुभ रहेगा।
कुंभ राशि: सफेद रंग के फूलों से पूजा करें और चांदी के बर्तन का उपयोग करें। घर की हर जगह को साफ रखें और नकारात्मकता को दूर करने के उपाय करें।
मीन राशि: हल्दी का तिलक करें और गाय के बछड़े को रोटी खिलाएं। घर में शांति बनाए रखें और चंद्र ग्रहण के प्रभाव को कम करें।
Shubh Yog On Chandra Grahan: चंद्र ग्रहण पर बनने वाले शुभ योग
- लक्ष्मी नारायण योग: चंद्र ग्रहण के दौरान कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है। यह योग धन, समृद्धि और ऐश्वर्य में वृद्धि का संकेत देता है। इस समय धार्मिक कार्यों और लक्ष्मी पूजा से विशेष लाभ मिल सकता है।
- त्रिग्रही योग: त्रिग्रही योग का निर्माण भी इस ग्रहण के दौरान हो रहा है, जिससे तात्पर्य है कि इस समय ग्रहों का सामंजस्य आपको कार्यक्षेत्र और व्यक्तिगत जीवन में सफलता दिला सकता है। यह योग मानसिक शांति और समृद्धि का कारक है।
- ग्रहण योग: ग्रहण योग के प्रभाव से आत्मसाक्षात्कार और आंतरिक शांति प्राप्त होने की संभावना होती है। यह योग आस्था और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए अच्छा समय है।
- बुधादित्य योग: बुध और सूर्य का मिलन होने से बुधादित्य योग का निर्माण होता है। यह योग बुद्धिमत्ता, शिक्षा और संवाद कौशल में वृद्धि का प्रतीक है। इस समय शिक्षा से संबंधित कार्यों में सफलता मिल सकती है।
- शुक्रादित्य योग: शुक्र और सूर्य के संयोग से शुक्रादित्य योग बनता है, जो सौंदर्य, कला, प्रेम और रोमांटिक रिश्तों में सकारात्मक प्रभाव डालता है। इस योग के प्रभाव से समृद्धि और सुख-शांति प्राप्त होती है।
- नीचभंग राजयोग: जब कोई ग्रह नीच स्थिति में होता है और उसका बंधन टूटता है, तो नीचभंग राजयोग बनता है। यह राजयोग आपके जीवन में अचानक बदलाव, सफलता और उन्नति का संकेत देता है।