पीठ के दर्द को दूर करने के लिए प्रतिदिन करें इस आसन का अभ्यास
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मार्जरी आसन का नाम शब्द मार्जार से बना है जिसका कि अर्थ बिल्ली होता है। इस आसन में बिल्ली की तरह ही शरीर की मुद्रा बनाते हुए खिंचाव लाना होता है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया। आजकल की दिनचर्या के कारण कई सारे लोग पीठ में दर्द की शिकायत करते हैं, ऐसे में यह आसन उन लोगों के लिए रामबाण से कम नहीं है। आइए जानते हैं मार्जरी आसन को करने की विधि एवं इससे होने वाले लाभ।
विधि-
मार्जरी आसन करने के लिए घुटनों और हाथ के बल आकर घोड़े जैसी मुद्रा लें। कमर को बाहर तरफ की ओर खींचे। इतना खींचे कि पीठ में खिंचाव आने लगे। सांस लेते हुई सिर को ऊपर की तरफ, छत की ओर ले जाएं। ऐसा करने पर आपको छाती में खिंचाव महसूस हो सकता है। अब कमर को थोड़ा ढीला छोड़ें और सिर को छाती की तरफ लाएं। इन दोनों मुद्राओं को लगभग 30 सेकंड के लिए करते रहें।
लाभ-
-मार्जरी आसन करने से पेट और कमर का मोटापा कम होता है।
-दमा के मरीजों के लिए यह आसन बेहद लाभदायक साबित होता है।
-पीठ के दर्द में भी इस आसन के अभ्यास से राहत मिलती है।
-रीढ़ की हड्डी और पेट के अंगों के कार्य को ठीक करता है।
-प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाता है।
सावधानियां-
मार्जरी आसन करते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि अचानक कमर को ऊपर की ओर न खींचे। गर्भावस्था में योग प्रशिक्षक की मौजूदगी में ही इसका अभ्यास करें। गर्दन में यदि चोट आई हो तो आसन का अभ्यास न करें।