World Lion Day 2021: कब हुई इस दिन को मनाने की शुरुआत? यहां जानिए शेरों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
जहां एक तरफ दुनिया भर में शेरों की घटती संख्या को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ गुजरात सरकार के वन विभाग के मुताबिक, प्रदेश में गिर के जंगलों और सौराष्ट्र के अन्य कुछ हिस्सों में पाए जाने वाले एशियाई शेरों की संख्या में वृद्धि दर्ज़ की गई है।
विश्व शेर दिवस हर साल 10 अगस्त को मनाया जाता है और इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को शेरों के प्रति जागरूक करना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इस धरती पर इंसानों के अलावा कई तरह के जीव-जंतु रहते हैं, जिसमें कई प्रजाति के पक्षी से लेकर कई प्रजातियों के शेर तक शामिल हैं। हर साल 10 अगस्त को विश्व शेर दिवस मनाया जाता है। इस दिन शेरों को लेकर लोगों के मन में जागरूकता बढ़ाने और शेरों की घटती आबादी और संरक्षण पर जोर दिया जाता है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए शेरों के संरक्षण के प्रति उत्साही लोगों को बधाई दी है।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'शेर राजसी और साहसी होता है। भारत को एशियाई शेरों के घर होने पर गर्व है। विश्व शेर दिवस पर, मैं शेर संरक्षण के प्रति उत्साही सभी लोगों को बधाई देता हूं। आपको यह जानकर खुशी होगी कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की शेरों की आबादी में लगातार वृद्धि हुई है।' लेकिन आप शेरों के बारें में कितना जानते हैं, शायद बेहद कम? तो चलिए हम आपको शेर से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में आपको बताते हैं।
The lion is majestic and courageous. India is proud to be home to the Asiatic Lion. On World Lion Day, I convey my greetings to all those passionate about lion conservation. It would make you happy that the last few years have seen a steady increase in India’s lion population. pic.twitter.com/GaCEXnp7hG
विज्ञापन विज्ञापन— Narendra Modi (@narendramodi) August 10, 2021
प्रधानमंत्री ने अपने एक और ट्वीट में कहा, ‘‘शेर राजसी और साहसी होते हैं। भारत को एशियाई शेरों का घर होने पर गर्व है। विश्व शेर दिवस पर मैं उन सभी को बधाई देता हूं जो इसके संरक्षण को लेकर गंभीर हैं। आपको यह जानकर खुशी होगी कि पिछले कुछ सालों में भारत में शेरों की आबादी में धीमे-धीमे वृद्धि देखी गई है।’’
When I was serving as Gujarat CM, I had the opportunity to work towards ensuring safe and secure habitats for the Gir Lions. A number of initiatives were taken which involved local communities and global best practices to ensure habitats are safe and tourism also gets a boost. pic.twitter.com/0VEGmh7Ygj
— Narendra Modi (@narendramodi) August 10, 2021
कब हुई इस दिन की शुरुआत?
विश्व शेर दिवस को मनाने की शुरुआत साल 2013 में की गई, ताकि शेरों की दुर्दशा और इन मुद्दों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके और जो लोग जंगली शेरों के पास रहते हैं, उन्हें शिक्षित किया जा सके। साल 2013 से लेकर अब तक हर साल इस दिन को 10 अगस्त के दिन मनाया जाता है।
ये हैं रोचक तथ्य:-
प्रजातियां
-उत्तर पूर्व कांगो शेर
-अफ्रीकी शेरनी
-कटंगा सिंह यानी दक्षिण-पश्चिम अफ्रीकी शेर
-सफेद शेर यानी क्रूगर उप-प्रजाति का उत्परिवर्तन
-मसाई शेर या सेरेन्गेटी शेर
-एशियाई शेर
-एबिसिनिया शेर
-पश्चिम अफ्रीकी शेर या सेनेगल शेर
-सोमाली शेर
-कालाहारी शेर।
ये भी जानें:-
-एक शेर का वजन 190 किलो तक और शेरनी का वजन 130 किलो तक होता है
-जहां पर शेर होता है, वहां से आठ किलोमीटर की दूरी तक आप शेर की दहाड़ सुन सकते हैं
-एक शेर की उम्र लगभग 16 से 20 साल की होती है
-90 प्रतिशत से ज्यादा शिकार शेर नहीं बल्कि शेरनिया करती हैं।
-लगभग दो हजार साल पहले पृथ्वी पर 10 लाख से ज्यादा शेर पाए जाते थे।