हरियाली के बीच रहने वालों को कम होता है अस्थमा और तनाव, जानें क्या कहता है शोध

सुबोध कुमार मिश्रा Updated Thu, 27 Sep 2018 10:28 AM IST
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जिनका बचपन हरियाली की गोद में बीतता है, व्यस्क होने पर उनमें श्वसन संबंधी बीमारियां, यहां तक कि अस्थमा होने की आशंका काफी कम हो जाती है। यूरोपियन रेस्पिरेटरी सोसाइटी इंटरनेशनल कांग्रेस में पेश किए गए एक नए अध्ययन के मुताबिक, जिन बच्चों के घरों के आसपास पेड़-पौधों की संख्या अधिक होती है, उनमें वयस्क होने पर श्वसन संबंधी बीमारियां कम होती हैं।
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इसके विपरीत, वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने वाले बच्चों में युवा अवस्था में श्वसन संबंधी समस्याएं होने की संभावना अधिक होती है। सात यूरोपीय देशों में बच्चों और वयस्कों में फेफड़ों के स्वास्थ्य की जांच के लिए RHINESSA (फेफड़ों से संबंधित बीमारियों पर काम करने वाला अंतरराष्ट्रीय अध्ययन केंद्र) ने कई अध्ययन केंद्रों से बच्चों के आवासीय परिसर के आसपास हरियाली और वायु प्रदूषण से जुड़े आंकड़ों को एकत्र किया। 
 
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