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टैक्स बचाने के लिए आप भी कर सकते हैं शादी!
राजेश प्रियदर्शी/बीबीसी संवाददाता, लंदन
Updated Thu, 03 Oct 2013 01:43 PM IST
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शादी की संस्था को बचाने के लिए टैक्स में कमी का प्रलोभन? या टैक्स बचाने के नाम पर शादी को प्रोत्साहन? आप इसे दोनों कह सकते हैं।
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ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को लगता है कि विवाहित जोड़ों को टैक्स में रियायत दिया जाना एक सही सामाजिक-आर्थिक फ़ैसला है, चर्च ऑफ़ इंग्लैंड के प्रमुख ने भी इस प्रस्ताव का स्वागत किया है।
यह योजना 2015 से लागू हो जाएगी जिसका फ़ायदा चालीस लाख विवाहित जोड़ों को मिलेगा, उन्हें विवाहित होने की वजह से टैक्स में 200 पाउंड यानी तक़रीबन 20 हज़ार रुपए की छूट मिलेगी।
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राजनीति और समाज
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से आधुनिकता का दावा करने वाले देशों में परंपरावादी मूल्यों पर चलने वालों को किस तरह के समझौते करने पड़ते हैं इसकी मिसाल इस प्रस्ताव में देखी जा सकती है।
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वैसे तो टैक्स में छूट का उद्देश्य विवाह की संस्था को मज़बूत बनाना है लेकिन इसका लाभ उन 15 हज़ार से अधिक समलैंगिकों को भी देना पड़ रहा है जिन्होंने एक-दूसरे के साथ रहने का इक़रार यानी सिविल पार्टनरशिप की है।
ज़ाहिर है, चर्च ऑफ़ इंग्लैंड के प्रमुख और डेविड कैमरन समलैंगिकों में विवाह की संस्था को मज़बूत करने के पक्षधर नहीं होंगे लेकिन क़ानूनन उन्हें टैक्स में छूट के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद पूरे देश में शादी को लेकर एक दिलचस्प बहस छिड़ गई है। एक कॉमेडियन ने कहा कि शादी को बढ़ावा देना है तो शादी करने वालों को टैक्स में छूट देने के बदले बिना शादी किए साथ रहने वाले लोगों पर टैक्स लगाया जाना चाहिए।
किसकी ज़िम्मेदारी
मेरी एक तुर्क महिला सहकर्मी जिनका हाल ही में तलाक़ हुआ है, उनका कहना है कि सरकार लोगों को 200 पाउंड का प्रलोभन देकर ऐसा काम करने के लिए उकसा रही है जिसके परिणाम की ज़िम्मेदारी सरकार नहीं लेगी।
फ़ेसबुक पर एक कमेंट देखने को मिला कि ब्रिटेन में औसत शादी का ख़र्च 10 हज़ार पाउंड है, हर साल 200 पाउंड की छूट मिलेगी, यानी सरकार से शादी का ख़र्चा निकलवाने में ही पचास साल गुज़र जाएँगे।
आलोचकों का कहना है कि सरकार ऐसी योजना पर सैकड़ों करोड़ पाउंड क्यों ख़र्च कर रही है जबकि सबको पता है कि सिर्फ़ 200 पाउंड पाने के लिए लोग उन दलीलों को किनारे नहीं कर देंगे जिनकी वजह से शादी एक दुर्लभ घटना हो गई है।
मैं पिछले 16 साल से लंदन में रह रहा हूँ और पिछले कुछ सालों से ऐसा सुनाई देना भी बंद हो गया है फलां की शादी होने वाली है, ऐसी हालत में डेविड कैमरन जैसे हर कंज़रवेटिव आदमी की चिंता समझ में आती है मगर भारत के लोगों को फ़िलहाल ऐसी कोई चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।