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कम दोस्त हैं तो जल्दी होगा तनाव का हमला
टीम डीजिटल/ अमर उजाला
Updated Thu, 05 May 2016 12:56 PM IST
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- फोटो : gettyimages
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बहुत ज्यादा दोस्तों के होने का मतलब है कि तनाव आपको छू भी नहीं सकेगा। जी हां! ऐसा हम नहीं बल्कि एक शोध कह रहा है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक टीम ने दिमाग के केमिकल एंडोर्फिन पर शोध किया तो पाया कि किस तरह से एंडोर्फिन दर्द को कम करने में मददगार है।
इस शोध के दौरान 101 स्वस्थ नौजवान लोग जोकि 18 से 34 साल के थे, से सामाजिक रिश्तों पर कई सारे सवाल पूछे गए। इसमें उनसे सवाल किया गया कि कौन से दोस्तों को उन्होंने हफ्ते में एक बार या महीने में एक बार ही संपर्क किया। इसके बाद उन पर दर्द का परीक्षण किया गया जिसके लिए उन्हें लंबे समय तक दीवार के सहारे खड़े रहने को कहा गया। तो नजीता सामने आया वो ये था कि जिनके बहुत सारे दोस्त थे उन्हें कम दर्द हुआ बजाए कि उन्हें जिनके कम दोस्त थे।
इस शोध में एक बात और सामने आई कि जिन लोगों के दोस्त कम थे उनमें तनाव का स्तर भी कम था। वैसे भी इस डीजिटल युग में जिस तरह से सोशल नेटवर्क पर निर्भरता ज्यादा बढ़ी है बजाए कि लोगों से घुलने मिलने के। इस वजह से भी तनाव का स्तर तेजी से बढ़ा है।
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इस शोध के दौरान 101 स्वस्थ नौजवान लोग जोकि 18 से 34 साल के थे, से सामाजिक रिश्तों पर कई सारे सवाल पूछे गए। इसमें उनसे सवाल किया गया कि कौन से दोस्तों को उन्होंने हफ्ते में एक बार या महीने में एक बार ही संपर्क किया। इसके बाद उन पर दर्द का परीक्षण किया गया जिसके लिए उन्हें लंबे समय तक दीवार के सहारे खड़े रहने को कहा गया। तो नजीता सामने आया वो ये था कि जिनके बहुत सारे दोस्त थे उन्हें कम दर्द हुआ बजाए कि उन्हें जिनके कम दोस्त थे।
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इस शोध में एक बात और सामने आई कि जिन लोगों के दोस्त कम थे उनमें तनाव का स्तर भी कम था। वैसे भी इस डीजिटल युग में जिस तरह से सोशल नेटवर्क पर निर्भरता ज्यादा बढ़ी है बजाए कि लोगों से घुलने मिलने के। इस वजह से भी तनाव का स्तर तेजी से बढ़ा है।
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