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तामसिक भोजन करने से शरीर को नहीं मिलती है शक्ति और ऊर्जा
डॉ. विनोद वर्मा, आयुर्वेद विशेषज्ञ
Updated Wed, 05 Sep 2018 10:56 AM IST
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तामसिक गुण वाले भोजन में प्राण ऊर्जा नहीं होती। इससे वह शक्ति और ऊर्जा नहीं आती, जिसे आयुर्वेद में ओजस कहा जाता है।भोजन प्रमुख रूप से तीन तरह का होता है। सात्विक भोजन में दूध, दही,
चावल, हरी सब्जियां मीठे फल, नारियल, सौंफ, इलायची आ आती हैं। बढ़िया किस्म का मांस, शराब, अधिकांश मसाले और फल आदि राजसिक गुण वाले होते हैं।
तेज गंध वाले तथा नींद लाने वाले खाद्य पदार्थ तामसिक गुण वाले होते हैं। प्याज, तेल या चर्बी वाले खाद्य, शराब, दवाइयां, कॉफी, तंबाकू आदि ऐसे पदार्थ हैं, जिन्हें तामसिक गुण वाला माना जाता है। डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ और रासायनिक पदार्थों से तैयार रस (फलों से निकाले रस नहीं) तामसिक गुण वाले होते हैं।
इसी प्रकार रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशक दवाओं से उगाए गए खाद्य पदार्थों की प्रकृति तामसिक होती है। इन खाद्य पदार्थों के उपयोग से व्यक्ति आलसी बनता है। ऐसे भोजन में प्राण ऊर्जा नहीं होती। इससे वह शक्ति और ऊर्जा नहीं आती, जिसे आयुर्वेद में ओजस कहा जाता है।
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संसार भर में औद्योगिक रूप से प्रॉसेस्ड तथा तुरंत खाने के लिए तैयार भोजनों की दुकानें चल रही हैं, जहां अस्वास्थ्यकर भोजन परोसा जाता है। हालांकि लोग अब खाद्य टेक्नोलॉजी के हानिकारक प्रभाव से परिचित होते जा रहे हैं।
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चावल, हरी सब्जियां मीठे फल, नारियल, सौंफ, इलायची आ आती हैं। बढ़िया किस्म का मांस, शराब, अधिकांश मसाले और फल आदि राजसिक गुण वाले होते हैं।
तेज गंध वाले तथा नींद लाने वाले खाद्य पदार्थ तामसिक गुण वाले होते हैं। प्याज, तेल या चर्बी वाले खाद्य, शराब, दवाइयां, कॉफी, तंबाकू आदि ऐसे पदार्थ हैं, जिन्हें तामसिक गुण वाला माना जाता है। डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ और रासायनिक पदार्थों से तैयार रस (फलों से निकाले रस नहीं) तामसिक गुण वाले होते हैं।
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इसी प्रकार रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशक दवाओं से उगाए गए खाद्य पदार्थों की प्रकृति तामसिक होती है। इन खाद्य पदार्थों के उपयोग से व्यक्ति आलसी बनता है। ऐसे भोजन में प्राण ऊर्जा नहीं होती। इससे वह शक्ति और ऊर्जा नहीं आती, जिसे आयुर्वेद में ओजस कहा जाता है।
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संसार भर में औद्योगिक रूप से प्रॉसेस्ड तथा तुरंत खाने के लिए तैयार भोजनों की दुकानें चल रही हैं, जहां अस्वास्थ्यकर भोजन परोसा जाता है। हालांकि लोग अब खाद्य टेक्नोलॉजी के हानिकारक प्रभाव से परिचित होते जा रहे हैं।