नाखून चबाने की आदत दे सकती है ये 5 समस्याएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चे हों या बड़े, नाखून चबाने की गंदी आदत किसी में भी हो सकती है। इसकी वजह बोरियत हो, तनाव हो या फिर यह सिर्फ एक आदत हो, सेहत से जुड़े इसके कई नुकसान हैं।
जानिए, नाखून चबाने के सेहत से जुड़ी कौन सी पांच समस्याओं का रिस्क अधिक होता है।
बैक्टीरियाई संक्रमण
आप अपने हाथों को कितनी बार भी साफ करें लेकिन नाखूनों के भीतर गंदगी रह ही जाती है। शोधों के अनुसार, नाखून उंगलियों से दोगुने गंदे होते हैं इसलिए इनमें बैक्टीरिया की आशंका भी अधिक होती है। ऐसे में नाखून चबाते वक्त ये मुंह के रास्ते शरीर में प्रवेश करते हैं और संक्रमण हो जाता है।
नाखूनों में संक्रमण
नाखून चबाने से उनके आसपास की त्वची की कोशिकाओं की भी क्षति होती है। इनके जरिए बैक्टीरिया और दूसरे कीटाणु त्वचा में प्रवेश करते हैं।
अधिक नाखून चबाने वाले लोगों को पैरोनिशिया का रिस्क अधिक हो जाता है जो नाखून के आसपास संक्रमण व दर्द की वजह है।
गांठ
बहुत अधिक नाखून चबाने से ह्यूमन पपिलोमावायरस (एचपीवी) का संक्रमण फैलता है जिससे नाखूनों पर गांठ बन जाती है। यह हाथ से होंठों या मुंह में भी हो सकता है।
दांतों से जुड़ी समस्या
नाखूनों से निकलने वाली गंदगी दांतों को समय के साथ-साथ कमजोर बनाने में बड़ा रोल निभाती है। लगातार नाखून चबाते रहने से दांतों की जगह भी शिफ्ट हो सकती है।
खराब स्तर का जीवन
एक शोध के दौरान पाया गया कि 20 से 30 प्रतिशत लोग नाखून चबाते हैं। इस अध्ययन में माना गया कि अधिक नाखून चबाने वाले लोगों को तनाव अधिक होता है और उनका जीवन स्तर अच्छा नहीं होता है।