फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Healthy Food ›   Of course, living in air-conditioned Read the news

एयरकंडीशन में रहने वाले जरूर पढ़ें इस खबर को

Wed, 21 Aug 2013 07:34 AM IST
चंडीगढ़/अरविंद बाजपेयी
चंडीगढ़/अरविंद बाजपेयी Updated Wed, 21 Aug 2013 07:34 AM IST
विज्ञापन
Of course, living in air-conditioned Read the news

आप एयरकंडीशन में बैठते हैं और जंक फूड के साथ धूम्रपान के आदी हैं, तो आपके शरीर की हड्डियां जल्द जवाब दे सकती हैं। हो भी ऐसा ही रहा है।

विज्ञापन


चंडीगढ़ में हड्डियों के फ्रैक्चर के मामले अब ज्यादा आने लगे हैं।

यह नतीजा है हड्डियों की बीमारी ओस्टीयोपोरोसिस का, जो बदलते लाइफ स्टाइल का नतीजा है। यह बीमारी हर दो में एक महिला और तीन में एक पुरुष को है। डाक्टरों के अनुसार यह साइलेंट किलर है, जिसमें 25 साल तक की लाइफ स्टाइल का प्रभाव 40 की उम्र के बाद दिखाई देता है।
विज्ञापन


वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार हड्डियों की यह समस्या वर्ष 2050 तक अपने चरम पर होगी।

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. रवि गुप्ता ने कहा कि ओस्टीयोपोरोसिस 50 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते हो जाती है। उन्होंने कहा कि बैक बोन, कलाई और कूल्हे में फ्रैक्चर के मामले बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसा इसलिए नहीं है कि एक्सीडेंट ज्यादा हैं या चोट ज्यादा लग रही हैं। बल्कि, ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि हड्डियां कमजोर हो रही हैं। हड्डी के घनत्व में कमी आती जा रही है। हड्डी के घनत्व में कमी की वजह से ओस्टीयोपोरोसिस के मामले ज्यादा आ रहे हैं।

कमजोर हड्डियां जरा सा झटका या दबाव पड़ने से टूट जाती हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2050 तक कूल्हे के फ्रैक्चर की समस्या महिलाओं में 240 फीसदी और पुरुषों में 310 फीसदी तक बढ़ चुकी होगी।


महिलाओं में यह बीमारी मेनोपाज के बाद शुरू हो जाती है, क्योंकि इसकी वजह से कई चेंज आते हैं।

ऐसे जन्म लेती है यह बीमारी
डॉ. रवि गुप्ता के अनुसार अस्थि एक जीवित, गतिशील ऊतक है। पुरानी हड्डियों का मास कोशिकाएं शोषित कर लेती हैं। यह ओस्टेओक्लास्ट शोषित करता है। नई अस्थि बनती है और उसको कोशिकाएं जोड़ती हैं। नई हड्डी का विकास तेजी के साथ होता है।

अस्थियों का मास 25 से चालीस वर्ष के बीच में होता है। कोई हड्डी की बीमारी न हो, इसके लिए शारीरिक एक्सरसाइज, धूप, विटामिन डी और कैल्शियम का उपयोग लाभदायक होता है।  

यह है खतरनाक
1-महिलाओं में स्मोकिंग, शराब।
2-जंक फूड और स्मोकिंग करना।
3-हमेशा एयर कंडीशन में रहना।

इलाज
1-बोन मिनरल डिसेंट्री टेस्ट।
2-प्रोटीन डाइट बेहद जरूरी।
3-सूर्य की रोशनी में समय बिताएं।  
4-ब्रिस्क वाकिंग भी जरूरी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed