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पांच खतरों की घंटी है पेट की चर्बी

Fri, 07 Jun 2013 05:28 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 07 Jun 2013 05:28 PM IST
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health effects of belly fats

कम शारीरिक श्रम, फैटी डाइट जैसी कोई भी वजह हो, अगर पेट की बढ़ती चर्बी को सिर्फ अपनी तोंद से जोड़कर देखते हैं तो इस गफलत से निकलिए क्योंकि यह आपके लिए कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ हो सकती है।

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जी हां, पेट की चर्बी का संबंध सिर्फ आपके मोटापे से ही नहीं है बल्कि दिल के दौरे, लिवर से लेकर हड्डियों तक के रोगों की यह बड़ी वजह हो सकती है। आइए जानें, पेट की चर्बी से जुड़े ऐसे रिस्क जो आपके लिए कई बीमारियों का सबब हो सकते हैं।
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1.दिल का दौरा
कई शोधों में यह साबित हो चुका है कि पेट की चर्बी में मौजूद कोशिकाएं दिल के दौरे, धमनियों के ब्लॉकेज आदि का रिस्क बढ़ा देती हैं। इनमें पाया जाने वाला प्रोटीन - रेटिनॉल बाइंडिमग प्रोटीन 4 रक्त में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ा देता है जिससे धमनियों में ब्लॉकेज से दिल का दौरा हो सकता है।
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2.हड्डियों को नुकसान
जानकर अचरज होगा लेकिन पेट की चर्बी की वजह से ऑस्टियोपोरोसिस नामक रोग हो सकता है। शोध के अनुसार प्री मेनोपॉज की अवस्था से गुजरने वाली महिलाओं में, जिनके पेट पर चर्बी अधिक होती है, इस रोग की आशंका अधिक रहती है। पेट पर फैट्स जमा होने की वजह से ऐसे हार्मोन बनते हैं जो हड्डियों को कमजोर करते हैं।

3.लिवर को खतरा
बढ़ती तोंद पर जमा होने वाला फैट न सिर्फ नुकसानदायक रसायन बनाता है बल्कि यह पेट के निचले हिस्से पर होने की वजह से भी खतरनाक है। पेट पर जमा चर्बी जिसमें विसेरल फैट्स होते हैं, लिवर तक प्रवाह होने वाले रक्त को ब्लॉक कर सकते हैं जिससे लिवर डैमेज का रिस्क बढ़ सकता है।


इसके अलावा, फैटी एसिड हेपेटाइटिस बी और लिवर से जुड़े रोगों की आशंका भी बढ़ाते हैं।

4.कैंसर का रिस्क
पेट पर जमा विसेरल फैट मनोपॉज के बाद कैंसर की वजह भी हो सकता है। आमतौर पर मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन बनना बंद हो जाता है लेकिन फैट्स की कोशिकाएं इससे बनाती रहती हैं। इसकी अधिकता से ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है।

5.याददाश्त कम होती है
जी हां, पेट की चर्बी का संबंध आपके दिमाग से भी है। 2005 के एक शोध में यह पाया गया था कि बड़ी तोंद वाले लोगों को भूलने की बीमारी अधिक होती है।

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