फोन पर अधिक मैसेजिंग का बड़ा है नुकसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिन का अधिकतर समय अगर आप फोन पर मैसेज टाइप करने में बिताते हैं तो इसका नुकसान आपकी सेहत से जुड़ा हो सकता है।
न्यूयॉर्क के एक शोध की मानें तो फोन पर अधिक मैसेज टाइप करने वाले लोगों को रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं का रिस्क अधिक होता है।
प्रमुख शोधकर्ता व न्यूयॉर्क के ऑर्थोपेडिक सर्जन केनेथ के. हंसराज ने अपने इस शोध के आधार पर दावा किया है कि स्मार्टफोन पर देर तक टेक्सिटिंग करने से रीढ़ की हड्डी पर उतना ही दबाव पड़ता है जितना 23 किलो वजन का भार रखने से पड़ सकता है।
उनके अनुसार, ''अधिक टेक्सिटिंग करने से शरीर को जो मुद्रा होती है उससे रीढ़ की हड्डी के प्राकृतिक आकार को नुकसान पहुंचता है। इससे सर्वाइकल स्पाइन पर तनाव बढ़ता है और स्पाइनल समस्याएं होती हैं।''
कितना पड़ता है तनाव
शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने शरीर की मुद्रा, मुद्रा से बनने वाले कोण और तनाव के प्रभाव पर अध्ययन किया है।
उनके अनुसार सामान्य स्थिति में किसी व्यक्ति के सिर का भार 4.5 किलो से 5.5 किलो तक होता है। हर 15 डिग्री के कोण पर झुकने पर यह भार अधिक दबाव देता है।
मसलन, 15 डिग्री झुकने पर यह 12 किलो का दबाव शरीर को देता है, 30 डिग्री पर 18 किलो और 60 डिग्री झुकने पर 27 किलो का भार शरीर को महसूस होता है।
जो लोग रोज दिन में दो से चार घंटे मोबाइल फोन पर टेक्सटिंग में बिताते हैं यानी वे साल के 700 से लेकर 1400 घंटे बिताते हैं। ऐसे में इतने समय तक वे 27 किलो वजन का दबाव रीढ़ की हड्डी पर डालते हैं।
कैसे बचें इस समस्या से
आज के दौर में तकनीकी का इस्तेमाल न करना संभव नहीं है। ऐसे में क्या तरीका है जिससे तकनीकी के इस्तेमाल के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं से भी बचाव संभव हो सके?
हंसराज इस बारे में बताते हैं कि लगातार स्मार्टफोन पर मैसेजिंग या सर्फिंग से बचना चाहिए और जरूरी हो तो थोड़ा ब्रेक लेकर इससे बचाव संभव है।
उनके अनुसार, जब कान, कंधे और पीठ एक सीध में होते हैं, वह मुद्रा रीढ़ की हड्डी के लिए सबसे अधिक आराम की मुद्रा होती है इसलिए ही सीधे बैठने पर जोर दिया जाता है।
यह शोध सर्जिकल टेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है।