{"_id":"1823e876704ab4d1d1a2b04d887ac81a","slug":"blood-test-will-tell-tendency-of-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुदकुशी करने वालों के बारे में बताएगा ब्लडटेस्ट","category":{"title":"Healthy Food ","title_hn":"हेल्दी फूड","slug":"healthy-food"}}
खुदकुशी करने वालों के बारे में बताएगा ब्लडटेस्ट
इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 21 Aug 2013 11:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घरेलू समस्या, करियर में असफलता या प्यार में नाकामी के चलते आए दिन आत्महत्या की घटनाएं सामने आती रहती हैं। मुश्किल यह है कि आत्महत्या करने वाले के घरवालों तक को इसका अंदाजा नहीं लग पाता। पीड़ित की मनोस्थिति को समझना कठिन होता है।
विज्ञापन
लेकिन एक शोध के मुताबिक अब आत्महत्या की प्रवृत्ति वाले लोगों की पहचान की जा सकेगी। ब्लडटेस्ट से पता लगाया जा सकेगा की किन लोगों में आत्महत्या करने का खतरा ज्यादा है।
विज्ञापन
शोधकर्ताओं ने खून में आरएनए बायो मार्कर्स की एक सीरीज की खोज की है जोकि लोगों में आत्महत्या करने के खतरे की पहचान करने में मदद करेगा।
अधिक बायो मार्कर्स तो आत्महत्या की प्रवृत्ति ज्यादा
यह शोध मॉलीक्यूलर साइकाइअट्री में प्रकाशित हुआ है। इंडियाना यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि सुइसाइड के बारे में सोचने वाले और बाइपोलर विकार के मरीजों, दोनों के ही खून में बायो मार्कर्स उच्च स्तर पर पाया गया।
विज्ञापन
प्रिंसिपल जांचकर्ता एलेक्जेंडर बी नीकूलेस्कू तृतीय ने कहा कि उनका मानना है कि इस परीक्षण के नतीजे प्रधान सिद्धांत का सुबूत उपलब्ध कराता है। ये नतीजे किसी व्यक्ति में आत्महत्या के उच्च खतरे के बारे में पूर्व चेतावनी देता है।
उन्होंने कहा कि आत्महत्या करने के लिए तत्पर व्यक्ति कभी इस बारे में खुलासा नहीं करता है और जब वह कर लेता है तो हम कुछ नहीं कर सकते हैं।
ऐसे में किसी व्यक्ति में आत्महत्या की सोच के बारे में जानने के लिए बेहतर तरीके की जरूरत है ताकि इन दुखद मामलों को रोका जा सके।
निकलेस्कू और उनके सहयोगियों ने बाइपोलर विकार से ग्रस्त मरीजों पर तीन से अधिक बार शोध किया। हर तीसरे से छह महीने में उनका रक्त परीक्षण किया गया और इंटरव्यू लिए गए।