फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   why new corona mutants are more dangerous

अमर उजाला फाउंडेशन की पहल: डॉक्टरों ने बताया, इस वजह से ज्यादा खतरनाक है कोरोना का नया म्यूटेंट

Tue, 04 May 2021 08:34 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 04 May 2021 08:34 PM IST
विज्ञापन
why new corona mutants are more dangerous
कोरोना वायरस का म्यूटेशन - फोटो : ANI
कोरोना की दूसरी लहर को विशेषज्ञ काफी खतरनाक मानते हैं। पहली लहर की तुलना में इस बार संक्रमितों के मामले में भी काफी इजाफा देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कोरोना के म्यूटेंट वायरस के कारण लोगों में संक्रमण के गंभीर रूप देखे जा रहे हैं। पर म्यूटेशन के बाद वायरस इतना खतरनाक क्यों हो गया है? आइए इस बारे में विशेषज्ञों से जानने की कोशिश करते हैं।
विज्ञापन

अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर मंगलवार को हुई चर्चा में हमने विशेषज्ञों ने इसी विषय के बारे में बातचीत की। इस दौरान एम्स दिल्ली की डॉ आयशी पाल ने तमाम सवालों के जवाब दिए।
विज्ञापन


क्यों ज्यादा खतरनाक है कोरोना का म्यूटेंट वायरस
डॉ आयशी पाल कहती हैं कि सिर्फ कोरोना है नहीं, हर वायरस म्यूटेशन करता है। देश में हाल के दिनों में सबसे ज्यादा यूके स्ट्रेन (B.1.17) के वायरस से होने वाले संक्रमण के मामले देखने को मिले हैं। कोरोना के म्यूटेंट वायरस को इसलिए ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि इसमें लोगों को सांस लेने की दिक्कत महसूस हो रही है, जबकि पिछले साल वाले वायरस में लोगों को सिर्फ बुखार और खांसी जैसी दिक्कतें ही हो रही थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

why new corona mutants are more dangerous
कोरोना का म्यूटेंट कई मामलों में खतरनाक - फोटो : Social media
घर पर ही प्रारंभिक उपचार के तौर पर क्या कर सकते हैं? 
डॉ आयशी कहती हैं कि जिन लोगों को कोविड के लक्षण हैं उन्हें कुछ सामान्य सी दवाइयां हमेशा अपने पास रखनी चाहिए। जिन लोगों का बुखार कम नहीं हो रहा है और सांस की भी दिक्कत है उन्हें अपने पास इन्हेलर भी रखना चाहिए। वहीं जिनका ऑक्सीजन लेवल लगातार कम हो रहा है उन्हें उल्टा लेटने और इन्हेलर के दो से तीन पफ लेने से फौरी तौर पर लाभ मिल सकता है। इसके बाद भी अगर हालत ठीक नहीं हो रही है तो रोगी को अस्पताल लेकर जाना चाहिए।

आगे के म्यूटेशन में क्या हो सकता है?
इस सवाल के जवाब में डॉ आयशी कहती हैं कि ऐसा जरूरी नही है कि कोरोना के अगले म्यूटेशन भी खतरनाक हों। जैसे कि इस म्यूटेशन में लोगों को सांस की दिक्कत हो रही है, हो सकता है वायरस का जब अगला म्यूटेशन हो तो उसके लक्षण बहुत हल्के स्तर के हों। हर स्ट्रेन की गंभीरता दूसरे से भिन्न हो सकती है। 
-----------------------------
नोट: यह लेख एम्स दिल्ली की डॉ आयशी पाल से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed