फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   New nasal vaccination approach might enhance COVID-19 protection: Study

Study: मौजूदा टीकों से अलग है नई नेजल वैक्सीन, कोविड 19 समेत अन्य बैक्टीरियल रोगों में भी है असरदार

Wed, 16 Nov 2022 04:25 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Wed, 16 Nov 2022 04:25 PM IST
सार

चूहों के अध्ययन के दौरान नए टीके को नाक के जरिए दिया गया, जो श्वसन पथ के माध्यम से नाक गुहा, वायुमार्ग और फेफड़ों तक पहुंच सका।

विज्ञापन
New nasal vaccination approach might enhance COVID-19 protection: Study
कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : iStock

विस्तार

सेंटेनरी इंस्टीट्यूट और सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक नया नेजल टीका तलाश निकाला है, जिसके जरिए फेफड़ों की इम्यूनिटी मजबूत हो सकेगी, साथ ही कोरोनावायरस के खिलाफ सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। शोधकर्ताओं ने नेजल टीके पर जो अध्ययन किया, वह प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, नई वैक्सीन का चूहों में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया और पाया गया कि कोविड 19 संक्रमण के खिलाफ प्रतिरक्षा बढ़ाने व वायरल प्रसार को कम करने में यह वैक्सीन क्षमतावान है।

विज्ञापन


सिडनी विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में एनएचएमआरसी इंवेस्टिगेटर प्रोफेसर रिचर्ड पायने द्वारा सार्स सीओवी-2 स्पाइक प्रोटीन और पाम 2 वाईएस नाम के एक मॉलिक्यूल विकसित किया गया। यह मॉलिक्यूल एक अणु है जो शरीर में मजबूत प्रतिरक्षा को प्रोत्साहित करने में मदद करता है। यह नया टीका केवल नाक से सांस लेकर दिया जा सकता है। इस वैक्सीन ने एंटीबॉडी को बेअसर करने के पर्याप्त स्तर को प्रेरित किया। परीक्षण में पाया गया कि चूहों के फेफड़ों और वायु मार्ग में टी सेल प्रतिक्रियाओं में बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन


मौजूदा टीकों की कुछ सीमाएं हैं

अध्ययन के मुख्य लेखक और सिडनी विश्वविद्यालय के चिकित्सा और स्वास्थ्य संकाय में कार्यरत डॉ. एनेलिस एशहर्स्ट का कहना है कि वर्तमान कोविड 19 के टीके महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसमें कुछ सीमाओं हैं, जैसे टीकाकरण के बाद प्रतिरक्षा में गिरावट होना और नए वायरल वेरिएंट के विकसित होने पर संक्रंण बढ़ना।
विज्ञापन
विज्ञापन


डाॅ एशहर्स्ट के मुताबिक, सार्स सीओवी-2 के खिलाफ मौजूदा टीका मृत्यु दर और गंभीर बीमारी को काफी हद तक कम करता है लेकिन संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा भी कम प्रभावी है। वैक्सीनेशन के बाद भी व्यक्ति कोरोना संक्रमण से ग्रसित हो सकता है और वायरल का प्रसार कर सकता है। इस कारण दुनियाभर में वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमण के मामले आ रहे हैं। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए और वायरस के म्यूटेशन की रोकथाम के लिए नए वैक्सीन की जरूरत है, जो कोविड 19 ट्रांसमिशन को रोक सके।

चूहों पर सफल परीक्षण

चूहों के अध्ययन के दौरान नए टीके को नाक के जरिए दिया गया, जो श्वसन पथ के माध्यम से नाक गुहा, वायुमार्ग और फेफड़ों तक पहुंच सकी। टेस्टिंग में शरीर के वायुमार्ग में उच्च स्तर के सुरक्षात्मक एंटीबॉडी को देखा गया और फेफड़ों में टी-सेल प्रतिक्रियाओं में वृद्धि हुई। बता दें कि परीक्षण के दौरान टीका लगाया गया कोई भी चूहा कोविड 19 से संक्रमित नहीं था।

डाॅ अशर्स्ट कहते हैं कि हमारी वैक्सीन अधिकांश मौजूदा कोविड 19 टीकों से अलग है, जो शरीर को उन क्षेत्रों में सीधे इम्यूनिटी बढ़ाने में सक्षम है जिसके वायरस के संपर्क का पहला बिंदु होने की संभावना है, जैसे नाक, वायुमार्ग और फेफड़े।

वरिष्ठ अध्ययन लेखक प्रोफेसर एमेरिटस वारविक ब्रिटन एओ, जो कि क्षय रोग अनुसंधान कार्यक्रम के प्रमुख हैं, ने बताया कि नई टीका रणनीति कई बीमारियों के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने ये भी बताया कि नई नेजल वैक्सीन कुछ अन्य वायरल व बैक्टीरियल श्वसन रोगों जैसे इन्फ्लूएंजा, एवियन फ्लू, सार्स और मर्स पर भी लागू की जा सकती है।

--------------

नोट: ये रिपोर्ट नेचर कम्यूनिकेशन पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed