डाइटिंग की जरूरत नहीं, दवा से कम होगी चर्बी
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लगातार बढ़ते वजन को कम करने के लिए अगर लाख कोशिशों के बाद भी आपको सफलता नहीं मिल पा रही है तो अब वजन पर नियंत्रण इतना भी मुश्किल नहीं होगा।
हॉवर्ड मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिकों ने ऐसे हार्मोन की खोज की है जिसकी मदद से वे अगले दो साल के भीतर ऐसी दवा तैयार करने का दावा कर रहे हैं जिससे मोटापे को दूसरी बीमारियों की तरह ही खत्म करना संभव हो सकेगा।
फैट्स घटाने वाला हार्मोन
शोधकर्ताओं ने इरसिन नामक हार्मोन की खोज की है जिसकी मदद शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले व्हाइट फैट्स को ऊर्जा देने वाले ब्राउन फैट्स में बदलना संभव हो सकेगा। इससे न सिर्फ चर्बी घटेगी बल्कि ऊर्जा का स्तर भी अधिक होगा।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि यह हार्मोन शरीर में कसरत के दौरान अधिक होता है। इस आधार पर यह भी एक वजह हो सकती है जिससे कसरत के कारण लोग फैटस घटाते हैं।
मोटापे से जुड़े रोगों का उपचार
शोधकर्ताओं का दावा है कि इस हार्मोन से वे न सिर्फ ऐसी दवा तैयार कर सकते हैं जो मोटापा कम करने में मददगार होंगी बल्कि मोटापे से संबंधित कई रोग - मधुमेह, दिल की बीमारियां, कैंसर के उपचार में भी मदद मिल सकती है।
शोधकर्ता प्रोफेसर ब्रूस स्पीगलमैन के अनुसार, ''इरसिन शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है, व्हाइट फैट्सर घटाता है, ऊर्जा देता है और रक्त में ग्लूकोज के स्तर को संतुलित रखता है। इसकी मदद से हम ऐसी दवाओं पर काम कर रहे हैं जो मोटापा व इससे संबंधित रोगों के उपचार में मददगार हो सकती हैं।''
कसरत का विकल्प नहीं
यह शोध फिलहाल चूहों पर किया गया है और पहले चरण में सफल भी है पर इस हार्मोन से बनने वाली दवा को कसरत का विकल्प कहना गलत होगा।
ब्रूस के अनुसार, ''भले ही इरसिन से बनने वाली दवा शरीर में फैट्स घटाने में मददगार होगी लेकिन इसे कसरत का विकल्प नहीं मान सकते हैं। इससे शरीर में फैट्स तो कम होता है लेकिन मासंपेशियां मजबूत नहीं होती हैं। इसलिए यह कसरत के साथ उपाचर का एक हिस्सा जरूर हो सकता है।''