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अमर उजाला संवाद: 'तेल कम, चीनी कम और नमक कम' अच्छी सेहत का ये है मूल मंत्र, जानिए क्या हैं इसके लाभ

Thu, 26 Jun 2025 07:40 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 26 Jun 2025 07:40 PM IST
सार

  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अमर उजाला के विशेष कार्यक्रम 'संवाद' के मंच से देश में बढ़ते मोटापे की समस्या को लेकर चिंता जताई। 
  • केंद्रीय मंत्री ने कहा 'तेल कम, चीनी कम और नमक कम' इस मूल मंत्र के साथ हम कई प्रकार की बीमारियों से बचाव कर सकते हैं। 

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अमर उजाला संवाद में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल - फोटो : Amarujala.com

विस्तार

अमर उजाला के विशेष कार्यक्रम 'संवाद' का आयोजन 26 जून (गुरुवार) को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किया गया। इस कार्यक्रम में देश की तमाम हस्तियों ने शिरकत की है। इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा, जब 2047 में हम विकसित भारत की बात करते हैं तो ये लाजमी हो जाता है देश जब आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तो लोगों की सेहत बेहतर होनी चाहिए। मैं यह मानती हूं कि ''स्वस्थ भारत ही, समृद्ध भारत-विकसित भारत की नींव'' है। 

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केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमने दशकों पुरानी स्वास्थ्य नीति बदली। अब हमारी नीति सिर्फ बीमारियों की रोकथाम और उपचार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब हम समग्र स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली पर काम कर रहे हैं। बीमारी होने से पहले ही हमें इसपर ध्यान देने की आवश्यकता है, इस दिशा में हम सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है।
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अच्छी सेहत के लिए हमें भी कुछ कदम उठाने होंगे। खान-पान और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के चलते गैर संचारी रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जैसे डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर आदि। इनसे बचाव के लिए उपाय जरूरी हैं।

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खाने के तेल में करिए कटौती - फोटो : freepik.com

अच्छी सेहत के लिए दिए तीन मंत्र

केंद्रीय मंत्री ने कहा, मोटापे की समस्या हमारे लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। आंकड़े बताते हैं कि 2050 तक 44 करोड़ से अधिक लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं। देश में 23 प्रतिशत पुरुष और 24 फीसदी महिलाएं मोटापे से ग्रस्त हैं। 

इस समस्या से बचाव के लिए पहले से ही प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी संदेश देते रहे हैं कि सभी लोगों को खाने के तेल में 10 फीसदी की कटौती करनी चाहिए। 'तेल कम, चीनी कम और नमक कम' इस मूल मंत्र के साथ हम कई प्रकार की बीमारियों से बचाव कर सकते हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी भी देते रहे हैं तेल में 10% की कटौती की सलाह

23 फरवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी तेजी से बढ़ते मोटापे की समस्या से बचने के लिए तेल में 10% की कटौती की सलाह थी। वह कई मंचों से भी लोगों से ये अपील कर चुके हैं।

उन्होंने कहा, हर महीने 10 प्रतिशत कम तेल का उपयोग करेंगे। इसका सबसे अच्छा तरीका है कि आप तेल खरीदते समय ही पहले की तुलना में 10 प्रतिशत कम तेल खरीदें। ये मोटापे को कम करने की दिशा में एक अहम कदम होगा।

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मोटापा और इसका खतरा-कैसे करें बचाव? - फोटो : Adobe stock photos

क्यों जरूरी है तेल में कटौती?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खान-पान में तेल का अधिक इस्तेमाल हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी कई बीमारियां बढ़ रही हैं। अपने खान-पान में छोटे-छोटे बदलाव करके, हम, हमारे फ्यूचर को स्ट्रांगर, फिटर और डिजीज-फ्री बना सकते हैं।

अध्ययनों से पता चलता है कि वनस्पति तेल का वजन बढ़ाने वाले टॉक्सिन HNE (4-हाइड्रॉक्सिनोनेनल) में ब्रेक डाउन होता है, जिसके कारण मोटापे का खतरा हो सकता है। तेल का सेवन कम करके वजन को कंट्रोल करना आसान हो सकता है। 

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नमक की अधिकता - फोटो : Freepik

नमक और चीनी का सेवन कम करने से क्या होगा?

इसके अलावा नमक और चीनी दोनों का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। नमक का अधिक मात्रा में सेवन करने से उच्च रक्तचाप हो सकता है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। वहीं चीनी, विशेष रूप से ऐडेड शुगर का अधिक सेवन वजन बढ़ाने-मोटापे, टाइप 2 मधुमेह और संभावित रूप से हृदय रोगों में योगदान कर सकती है। इनकी मात्रा भी अगर हम आहार में कम कर लें तो कई गंभीर गैर संचारी बीमारियों से बचे रह सकते हैं।




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नोट: यह लेख अमर उजाला के विशेष कार्यक्रम 'संवाद' में हुई बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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