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काम बिगाड़ भी सकती है कार्डियो एक्सरसाइज

Fri, 05 Apr 2013 11:08 AM IST
तोयज कुमार सिंह
तोयज कुमार सिंह Updated Fri, 05 Apr 2013 11:08 AM IST
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mistakes doing cardio exercise
कार्डियो से काफी कुछ होता है जैसे मसल्स मजबूत होते हैं- मसल्स कमजोर पड़ जाते हैं, वजन घटता है- वजन अड़ा रहता है, खूब पसीना आता है-बहुत वक्त खप जाता है, ग्रोथ हार्मोंस पैदा होते हैं-वक्त बीतते ही बॉडी लो फील करने लगती है।
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कार्डियो जितना देती है उतना ले भी लेती है। साइकिलिंग, क्रॉस ट्रेनर, स्क्वेट थ्रस्ट, बर्पी, जंप वगैरा का जवाब नहीं, बशर्ते आप ये जानते हों कि कैसे खुद को कम खर्च करें और नतीजे बेहतर पाएं। वजन घटाने की जंग में चलिए देखते हैं आप कौन सी गलतियां कर रहे हैं।
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1 मुझे ट्रेड मिल पर जितना मर्जी दौड़ा लो : ये बात सच है और दौड़ना आपका पेशा नहीं है तो मुझे आपसे हमदर्दी है। रनिंग से आपकी बॉडी को जो चैलेंज मिलता था वो खत्म हो गया। अब आप सिर्फ अपने मसल्स को कमजोर कर रहे हैं।
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हम सिर्फ दौड़ की ही बात नहीं कर रहे, कोई भी एक्सरसाइज जो आपके लिए अब चुनौती नहीं रही, आपके काम की नहीं रही (ये बात 70 फीसदी तक सही है)। इसकी वजह ये है कि आपने बहुत ज्यादा कर लिया। खुद को और उस एक्सरसाइज को ब्रेक दें। नए चैलेंज पैदा करें।

2 नाश्ता करता नहीं, लंच की जरूरत नहीं : आप बहुत बहादुर हैं और इसका नुकसान आपकी बॉडी उठाती है। बेशक आप वेट लूज करना चाहते हैं लेकिन खाए बगैर ये भी मुमकिन नहीं। शरीर को ईंधन की जरूरत होती है।

चंद ही ऐसे लोग होते हैं, जो बिना खाए अच्छा परफॉर्म कर पाते हैं। खाएंगे नहीं तो फैट की बजाय मसल्स लॉस होगा। सीधे कहूं तो बुढ़ापा।

3 वेट लगाता हूं तो रैप निकालता चला जाता हूं : वेट ट्रेनिंग के दौरान आप हर एक्सरसाइज में 20-30-50 रैप निकाले जा रहे हैं? इसका सीधा सा मतलब ये कि आप खिलौने उठा कर उनसे खेल रहे हैं।


ज्यादा रैप कभी-कभार के लिए ठीक हैं। वो भी एक साइंस होता है मगर वेट लूज करने की ट्रेनिंग में ये बहुत काम का नहीं है। बढ़िया वेट उठाएं और चार से 12 रैप तक निकालें। जोर लगा के हइशा।

4 मैं तो एक्सरसाइज बदलता ही नहीं :
ऐसा क्यूं करते हैं? सैकड़ों कसरते हैं, क्यूं दो चार के पीछे ही हाथ धोकर पड़े हैं। बदलाव बहुत जरूरी है।

कसरत बदलिए, वक्त बदलिए, कसरतों का शेड्यूल बदलिए, कसरत में लगने वाले वक्त को बदलिए, जिम बदलिए, पार्क बदलिए... अरे भाई जूते बदलिए।
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