पैनक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे हैं मनोहर पर्रिकर, जानें कैसे होती है यह बीमारी और क्या है बचाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमारी बदलती लाइफस्टाइल में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी तेजी से फैल रही है। इस बीमारी के शिकार आम लोग ही नहीं देश के बड़े-बड़े सेलिब्रिटी और राजनेता भी हो रहे हैं। कुछ दिन पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे कैंसर की चपेट में आईं थीं। बॉलीवुड डायरेक्टर राकेश रोशन से लेकर एक्टर इरफान खान भी इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर भी कैंसर से जूझ रहे हैं। उन्हें पैनक्रियाटिक कैंसर है और एम्स से उनका इलाज चल रहा है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि यह घातक बीमारी कैसे होती है और इससे बचने के लिए आपको किन चीजों का ख्याल रखना जरूरी है।
क्या होता है पैनक्रियाटिक कैंसर
पैनक्रियाटिक कैंसर शरीर के पैनक्रियाज यानी अग्नाशय में होता है जो कि मानव शरीर का प्रमुख अंग है।बहुत ही कम लोगों में इस तरह के कैंसर की बीमारी होती है। अग्नाशय में कैंसर की कोशिकाओं के जन्म के बाद पैनक्रियाज कैंसर होता है। इस बीमारी के शिकार ज्यादातर 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग होते हैं। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को ज्यादा पैनक्रियाटिक कैंसर होता है।
रेड मीट के सेवन से ज्यादा होती है यह बीमारी
पैनक्रियाज कैंसर रेड मीट और चर्बी वाले आहार के ज्यादा मात्रा में सेवन से होता है। ऐसे में अगर आपको इस बीमारी से बचना है तो अपने आहार में कम मात्रा में रेड मीट और वसा वाले आहार का सेवन करें। इस तरह के आहार की जगह अपने भोजन में फल और सब्जियों का सेवन ज्यादा करें।
पैनक्रियाटिक कैंसर के लक्षण
इस बीमारी के लक्षणों में पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द रहना, स्किन, आंख और यूरिन का कलर पीला होना।
भूख ना लगना, जी मचलना और उल्टियां होना शामिल है। इसके अलावा कमजोरी महसूस होने और भूख कम लगना भी इस बीमारी के लक्षणों में शामिल है।
ज्यादा सिगरेट पीने से भी होता है पैनक्रियाटिक कैंसर का खतरा
इसके अलावा ज्यादा सिगरेट पीने वाले लोगों को भी पैनक्रियाटिक कैंसर का खतरा होता है। यह बीमारी वंशानुगत भी है। यानी कि अगर आपके पूर्वजों को यह बीमारी है तो यह आपको भी हो सकती है। मोटापा बढ़ने से भी यह बीमारी होती है।