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रमजान में रोजा रखने से शरीर पर पड़ता है ये असर

Sat, 02 Jun 2018 10:14 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 02 Jun 2018 10:14 AM IST
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 Is Ramadan fasting harmful OR GOOD to your health

हर साल रमजान के दिनों में लाखों मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक 30 दिनों के लिए रोजा रखते हैं। हाल के दिनों में, उत्तरी गोलार्ध में रमजान गर्मियों के दिनों में पड़ा, जो बहुत लंबे और गर्म होते हैं। इसका मतलब है कि नॉर्वे जैसे कुछ देशों में लोग हर दिन 20 से अधिक घंटे रोजा करते देखे जाएंगे।

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क्या रोजा आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?

चलिए देखते हैं कि जब आप 30 दिनों के लिए रोजा रखते हैं तो आपके शरीर पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

सबसे कठिन हैं- शुरुआती कुछ दिन

तकनीकी रूप से अंतिम बार भोजन करने के आठ घंटे या उसके भी कुछ समय बाद तक आपका शरीर उपवास की दशा में नहीं आता है। यह आपकी आंत के भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करने का समय है। इस अवधि के तुरंत बाद, हमारा शरीर लीवर में जमा ग्लूकोज और मांसपेशियों से ऊर्जा पाने लगता है। उपवास के दौरान या बाद में, ग्लूकोज के भंडार खत्म होने के बाद, शरीर के लिए ऊर्जा का अगला स्रोत वसा बन जाता है।

जब शरीर से वसा कम होना शुरू होता है, तो इससे वजन घटता है, कोलेस्ट्रोल की मात्रा घटती है और यह डायबिटीज के जोखिम को भी कम करता है। हालांकि, ब्लड शुगर का स्तर कम होना कमजोरी और सुस्ती का कारण बन सकती है। आपको सिर में दर्द, चक्कर आना, उल्टी और सांस की कमी जैसा भी अनुभव हो सकता है।यह तब होता है जब आपकी भूख अपने सबसे तीव्र स्तर पर होती है।

3 से 7 दिनः शरीर में पानी की कमी से रहें सावधान
आपके खाने में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेड और कुछ वसा जैसे एनर्जी फूड होने चाहिए। इस दौरान कुछ प्रोटीन, नमक और पानी युक्त संतुलित आहार का लेना जरूरी है।तीसरा चरण आने तक आपको अपनी मनोदशा में सुधार दिखने लगेगा क्योंकि अब आपके शरीर को रोज़ा रखने की आदत पड़ गई है। कैम्ब्रिज में एडेनब्रूक के एक अस्पताल के एनेस्थेसिया और इंटेंसिव केयर मेडिसीन में सलाहकार रजीन महरूफ कहते हैं कि इसके अन्य फायदे भी हैं।

 

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डॉ. महरूफ कहते हैं, "रोजाना हम अपने दैनिक जीवन में बहुत अधिक कैलरी खाते हैं और यह आपके शरीर को अन्य कार्यों को करने से रोक सकता है, जैसे कि खुद की मरम्मत करना"। "रोजा के दौरान इसे सही किया जाता है, जिससे कि शरीर अन्य कार्यों पर ध्यान दे सके।"तो रोजा स्वस्थ बनाने, संक्रमण रोकने और इससे लड़ने के लिए शरीर को फायदा पहुंच सकता है।"

16 से 30 दिनः डीटॉक्सिंग
रमजान के आखिरी आधे हिस्से के दौरान, आपका शरीर उपवास प्रक्रिया के अनुरूप ढल जाता है। इस दौरान आपके मलाशय, लीवर, किडनी और त्वचा डीटॉक्सिफिकेशन के दौर से गुजरते हैं।

डॉ. महरूफ कहते हैं, "स्वास्थ्य के मामले में इस चरण में शरीर के अंगों को कार्य करने की अधिकतम क्षमता पर लौट आना चाहिए। आपकी याददाश्त और एकाग्रता बढ़ सकती है और आपमें और अधिक एनर्जी आ सकती है।"

"ऊर्जा के लिए आपके शरीर को प्रोटीन का रुख नहीं करना चाहिए। ये वो वक्त है जब वह भुखमरी के मोड़ में आने लगता है और ऊर्जा के लिए आपकी मांसपेशियों का इस्तेमाल करने लगता है। यह तब होता है जब आपका उपवास कई दिनों या हफ़्तों तक चलता रहता है।"

"चूंकि रमजान में रोजा केवल सुबह से शाम तक चलता है, इसलिए हमारे पास ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों और तरल पदार्थों से खुद को भरने का पर्याप्त अवसर होता है। यह मांसपेशियों को बरकरार रखता है लेकिन साथ ही वजन घटाने में भी मदद करता है।"

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तो, क्या रोज़ा रखना हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?

डॉ. महरूफ कहते हैं, "हां, लेकिन एक शर्त के साथ।" "उपवास हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा है क्योंकि इससे हमें क्या और कब खाते हैं, इस पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। हालांकि, एक महीने का रोजा तो ठीक हो सकता है लेकिन इसे लंबी अवधि के लिए करते रहने की सलाह देना उचित नहीं है।"

"लगातार उपवास रखना लंबे समय तक वजन घटाने के लिए अच्छा साधन नहीं है क्योंकि अंत में आपका शरीर वसा को ऊर्जा में बदलने के प्रक्रिया को रोक देगा और इसके बजाय उन्हें मांसपेशियों में बदल देगा। यह अस्वास्थ्यकर है और इसका मतलब है कि आपका शरीर अब 'भुखमरी मोड' में जा रहा है।"

डॉ. महरूफ सलाह देते हैं कि रमजान के अलावा कुछ अवधि का उपवास या 5:2 डाइट (स्वस्थ खाने के दिनों के बीच, हफ़्ते में कुछ दिनों के लिए उपवास) एक स्वस्थ विकल्प होगा।

वो कहते हैं, "रमजान के दौरान सही तरीके से किया गया रोजा, आपको हर दिन अपने शरीर में ऊर्जा भरने की अनुमति देता है, जिसका मतलब यह हो सकता है कि आप अपने शरीर में महत्वपूर्ण मांसपेशियों को जलाए बिना अपना वजन कम कर सकते हैं."

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