High Blood Pressure: हाई बीपी के मरीजों के लिए खुशखबरी, ये एक टेस्ट खोज निकालेगी बीमारी की छिपी हुई वजह
- उच्च रक्तचाप वाले लगभग एक चौथाई लोगों में एल्डोस्टेरोन नाम के हार्मोन की मात्रा अधिक देखी जाती है। ये एड्रिनल ग्रंथि द्वारा उत्पादित होती है। यह हार्मोन शरीर में नमक के स्तर को नियंत्रित करता है।
- शोधकर्ताओं ने एक कारगर स्कैन तैयार किया है जो एड्रिनल ग्रंथि की समस्या और एल्डोस्टेरोन हार्मोन के असंतुलन का आसानी से पता लगाने में मदद कर सकती है।
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वैश्विक स्तर पर कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। हृदय रोग हो या डायबिटीज, किडनी हो या लिवर की बीमारियां, समय के साथ ये काफी आम होती जा रही हैं। मसलन जो बीमारियां पहले केवल उम्र बढ़ने के साथ हुआ करती थीं, वह अब कम उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही हैं। इनमें से एक बड़ी समस्या जो साइलेंटली बढ़ती जा रही है, वह है हाई ब्लड प्रेशर।
ब्लड प्रेशर का सामान्य से अधिक रहना हृदय ही नहीं, किडनी-लिवर, तंत्रिका तंत्र से लेकर आंखों को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है। सबसे चिंताजनक बात ये है कि बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें हाई बीपी की दिक्कत होती है पर उन्हें इसका पता ही नहीं चल पाता।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट कहती है कि हाई ब्लड प्रेशर एक ग्लोबल हेल्थ प्रॉब्लम है, जिससे 1.4 बिलियन (140 करोड़) से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। ये स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा समस्याओं का प्रमुख कारण भी है। समय पर इसका निदान और इलाज न हो पाने की स्थिति में ब्लड प्रेशर की समस्या गंभीर हो सकती है। इस साइलेंट किलर रोग के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए वैज्ञानिकों की टीम ने एक 10 मिनट का नया स्कैन तैयार किया है जो हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में मदद कर सकती है।
एड्रिनल ग्रंथि की गड़बड़ी से बढ़ता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उच्च रक्तचाप वाले लगभग एक चौथाई लोगों में एल्डोस्टेरोन नाम के हार्मोन की मात्रा अधिक देखी जाती है। ये एड्रिनल ग्रंथि द्वारा उत्पादित होती है। यह हार्मोन शरीर में नमक के स्तर को नियंत्रित करता है। आमतौर पर लोगों में इस तरह के हार्मोनल असुंतलन का पता ही नहीं चल पाता है।
अब यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने एक कारगर स्कैन तैयार किया है जो एड्रिनल ग्रंथि की समस्या और एल्डोस्टेरोन हार्मोन के असंतुलन का आसानी से पता लगाने में मदद कर सकती है। अब तक के टेस्ट में एड्रिनल ग्रंथि की इस दिक्कत का पता नहीं चल पाता था। समय रहते समस्या का निदान होने से ब्लड प्रेशर का सही तरीके से इलाज करने में आसानी हो सकती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस टेस्ट की मदद से ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए सर्वोत्तम उपचार निर्धारित करने में मदद मिल सकती है। यदि ग्रंथि बहुत अधिक हार्मोन का उत्पादन कर रही है तो दवाओं के माध्यम से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। अब तक ब्लड प्रेशर के उपचार में लाइफस्टाइल और आहार में सुधार पर ज्यादा जोर दिया जाता रहा है पर इस हार्मोन पर लोगों का ध्यान कम जाता है।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में मेडिसिन के प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक ब्रायन विलियम्स कहते हैं, हम कई दशकों से इस तरह के टेस्ट का इंतजार कर रहे थे। यह कई मरीजों में हाई ब्लड प्रेशर के लिए एक जरूरी और छिपे हुए कारणों का पता लगाने में मदद कर सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना और आसान हो सकेगा।
मरीजों का इलाज होगा आसान
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कहा, इससे हमारे डायग्नोसिस करने के तरीके को पूरी तरह से बदलने और हमें मरीजों को बेहतर टारगेटेड इलाज देने में मदद मिलने की संभावना है। प्रारंभिक अध्ययन में विशेषज्ञों ने मरीजों पर किए इस टेस्ट में पाया कि स्कैन ने मरीजों में हार्मोन के अत्यधिक उत्पादन को आसानी से ढूंढ लिया।
प्रोफेसर विलियम्स कहते हैं, हाई ब्लड प्रेशर के जिन मरीजों का इलाज मुश्किल होता है, उनके लिए ये स्कैन रामबाण साबित हो सकती है। फिलहाल इस स्कैन का फेज-2 क्लिनिकल ट्रायल किया जा रहा है।
हाई ब्लड प्रेशर के कारण होती हैं गंभीर दिक्कतें
हाई ब्लड प्रेशर के मामले जिस तरह से कम उम्र के लोगों में बढ़ते जा रहे हैं, ये काफी चिंता का कारण बना हुआ है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अगर इसे नियंत्रित न किया गया तो आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र पर हृदय-किडनी और लिवर से संबंधित रोगियों का अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
डॉक्टर कहते हैं, ब्लड प्रेशर हाई रहना किस तरह से खतरे की घंटी हो सकती है। दिल के साथ दिमाग पर भी हाई ब्लड प्रेशर के गंभीर दुष्प्रभावों को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है।
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स्रोत
Adrenal Aldosterone Synthase Expression Imaging in Primary Aldosteronism
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