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40 प्लस के लिए जिम

Tue, 06 Nov 2012 12:56 PM IST
तोयज कुमार सिंह
तोयज कुमार सिंह Updated Tue, 06 Nov 2012 12:56 PM IST
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gym for 40 plus people

न उम्र की सीमा हो, न वजन का हो बंधन जब जिम जाए तो खुश हो केवल तन। जो लोग 40 की उम्र तक जिम नहीं गए, वो अब इस शौक को पूरा कर सकते हैं।

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आप भी डंबल उठा सकते हैं, बेंच प्रेस लगा सकते हैं और चंद बंदिशों के साथ-साथ वो तमाम कसरतें कर सकते हैं, जो युवा करते हैं। वक्त अभी निकला नहीं है। अब भी आप शरीर को नई शेप दे सकते हैं।
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बंदिशें
अच्छी लगने वाली बातों से पहले रुकावटों पर चर्चा कर लेते हैं। आपका मेटाबॉल्जिम रेट कम हो चुका है। मसल्स कमजोर और स्टेमिना भी घट चुका है। कमर में दर्द भी होगा। मगर ये सब रुकावटें कोई मायने नहीं रखतीं। सबसे बड़ी रुकावट है हिचकिचाहट। अगर इस पर काबू पा लिया तो बाकी दिक्कतें शरीर खुद दूर कर लेगा।
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कैसे करें शुरुआत
अगर पहले कभी जिम नहीं किया है या बहुत लंबा अर्सा हो गया तो शुरुआत पार्क से होगी। आप एक महीने पार्क में खुद को ट्रेन करें। इसके दो फायदे हैं, पहला एक महीने की जिम की फीस बचेगी और दूसरा आप जिम करने के काबिल हो जाएंगे।

30 दिन में ये करें
शुरुआती एक हफ्ता : शुरुआती एक हफ्ते में 30 मिनट की वॉकिंग, सूर्य नमस्कार या स्ट्रेचिंग और 6 वॉल पुश।
दूसरा हफ्ता : 30 मिनट की वॉक दोगुनी स्पीड से, सात बार सूर्य नमस्कार या स्ट्रेचिंग और 10 वॉल पुश।
तीसरा हफ्ता : जॉगिंग, 9 बार सूर्य नमस्कार और 8 बेंच पुश (चित्र देखें, वॉल पुश की तरह ही है बस हाथ अब नीचे हो जाएंगे)।
चौथा हफ्ता : जॉगिंग, 11 बार सूर्य नमस्कार व 10 बेंच पुश।

जिम के लिए तैयार
जो कुछ ऊपर बताया गया है, अगर आप उसका 70 फीसदी भी कर लेते हैं तो आप जिम जाने के लिए तैयार हैं। यहां आप सबसे पहले बेसिक कसरतों पर हाथ आजमाएं। आपको इस बात का पूरा ध्यान रखना है कि 20 मिनट के वार्म अप के बाद ही कसरत शुरू करें और जिस भी पार्ट की कसरत करें उसकी स्ट्रेचिंग अलग से करें।

इन एक्सरसाइज से बचें
अगर बहुत फिट नहीं हैं तो स्क्वेट, डेड लिफ्ट, चिनअप-पुलअप और किसी बहुत छोटे से पार्ट की एक्सरसाइज को एवॉइड करें। पेट की उन कसरतों का चुनें जो सपाट लेटकर की जा रही हों।


कसरतें
चेस्ट के लिए- पुश अप्स, फ्लैट बेंच, फ्लैट डंबल, बटर फ्लाई।
बैक के लिए - पुल डाउन, सीटेड केबल रो
कंधे के लिए - सीटेड डंबल प्रेस, सीटेड ओवर हेड प्रेस, सीटेड लेटरल डंबल रेज, अप राइट बारबेल रो
बाजुओं के लिए - सीटेड डंबल कर्ल, प्रीचर कर्ल, केबल कर्ल, ओवरहेड ट्राइसेप्स एक्सटेंशन, स्कल क्रशर, बेंच ट्राइसेप्स डिप्स (पैर जमीन पर रहेंगे)।
पैरों के लिए : रनिंग, फार्मर्स वॉक, लेग एक्सटेंशन, लेग कर्ल। जिम में मौजूद कोच को इन सबके बारे में पता होगा नहीं तो आप इंटरनेट पर इन नामों से तस्वीरों को खोज लें समझ में आ जाएगा।

जरा ध्यान दें
चोट तो पैदल चलते वक्त भी लग जाती है, पर हम पैदल चलना नहीं छोड़ते। कुछ करे बिना भी दर्द रहता है तो कुछ करके दर्द उठाने में क्या हर्ज, बस हद पार न हो। दूसरी बात, कसरत करने के 20 मिनट के भीतर दूध या प्रोटीन शेक के साथ तगड़ा नाश्ता जरूर कर लें। हाई बीपी वाले लोग एक बार डॉक्टर से जरूर बात कर लें।

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