भारत में कोरोना वायरस जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, वैसे में इससे बचने का एकमात्र उपाय वैक्सीन ही दिखाई दे रहा है, लेकिन यह कब तक आएगी, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वैक्सीन बनाने वाली कई कंपनियां तो कह रही हैं कि इस साल के अंत तक वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी, लेकिन भारत में यह कब मिलेगी और आम लोगों के लिए कब तक उपलब्ध हो पाएगी, यह एक बड़ा सवाल है। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने रविवार को सोशल मीडिया संडे संवाद प्लेटफॉर्म पर अपने फॉलोवर्स से बात करते हुए बताया कि कोरोना वैक्सीन अगले साल यानी 2021 की पहली तिमाही में तैयार हो सकती है, लेकिन इसे जारी करने की कोई तारीख निर्धारित नहीं है।
Coronavirus Vaccine: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया- भारत में कब आएगी कोरोना की वैक्सीन?
डॉ. हर्षवर्धन ने बताया, 'वैक्सीन के मानव परीक्षण प्रक्रिया पर सरकार पूरी सावधानी बरत रही है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह जनसंख्या के बड़े हिस्से को कोरोना वैक्सीन देने की विस्तृत रणनीति तैयार कर रहा है।' उन्होंने कहा कि वैक्सीन की सुरक्षा, लागत, वितरण, भंडारण और उत्पादन पर विचार-विमर्श हो रहा है।
सबसे पहले किसे दी जाएगी वैक्सीन?
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैक्सीन सबसे पहले उन लोगों को दी जाएगी, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है और इसके लिए उन्हें कितने पैसे देने पड़ेंगे, यह मायने नहीं रखेगा। उन्होंने कहा कि कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों और उच्च जोखिम वाले जगहों पर काम कर रहे लोगों को आपात वैक्सीन देने पर विचार कर रही है।
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि इस महामारी से निपटने की तैयारियों और अलग-अलग जगहों पर चल रहे ट्रायल में भारत सक्रियता से भागीदार है। उन्होंने कहा कि भारत में कई प्रयोगशालाओं और अस्पतालों में भी वैक्सीन का काम चल रहा है।
क्या स्वास्थ्य मंत्री सबसे पहले खुद लगवाएंगे टीका?
इस सवाल के जवाब में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अगर लोगों को सरकार, वैज्ञानिकों और वैक्सीन से जुड़ी सारी वैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर थोड़ा सा भी संदेह होता है, तो वो इस संदेह को दूर करने के लिए जरूरत पड़ी तो सबसे पहले खुद वैक्सीन की डोज लेंगे।