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वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक: इम्यूनिटी का सबसे पहला बूस्टर है मां का दूध

Wed, 04 Aug 2021 05:00 PM IST
Dr. Neelam Vinay डॉ. नीलम विनय
Updated Wed, 04 Aug 2021 05:00 PM IST
सार

बच्चे के जन्म के तुरंत बाद उसे मां से मिलने वाले पीले रंग के गाढ़े दूध को कोलोस्ट्रम कहते हैं। इस दूध की एक एक बूंद बच्चे के लिए फायदेमंद होती है। इसमें एंटीबॉडीज का खजाना होता है जो बच्चे के नए जीवन की शुरुआत को मजबूत बनाता है। ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनिक
अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में चीफ कंसल्टेंट डॉ. नीलम विनय बता रही हैं मां का दूध बच्चों के लिए क्यों अनिवार्य है?  

 

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breastfeeding week 2021: breastmilk benefits for children
दुनियाभर में 1-7 अगस्त तक ब्रेस्टफीडिंग वीक मनाया जाता है। इसका मुख्य मकसद ब्रेस्टफीडिंग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। - फोटो : iStock

विस्तार

Medically Reviewed by Dr. Neelam Vinay

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डॉ. नीलम विनय
चीफ कंसल्टेंट
ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनिक
अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ 


फिल्मों में या आस-पास किसी झगड़े के दौरान अक्सर आपने ये लाइन सुनी ही होगी-'मां का दूध पिया है तो सामने आ।' बहरहाल, इस लाइन का फिल्मी असर जो भी हो, असल में मां का दूध बच्चे के लिए वह अमृत होता है जो बच्चे को कई बीमारियों से बचाता है। दुनियाभर में 1-7 अगस्त तक ब्रेस्टफीडिंग वीक मनाया जाता है। इसका मुख्य मकसद ब्रेस्टफीडिंग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और स्तनपान के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना है, ताकि हमारा भविष्य मजबूत बन सके। खासकर कोरोना महामारी के दौर में शिशु की सेहत के लिहाज से स्तनपान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। 


इम्यूनिटी का बूस्टर

हमारी इम्यूनिटी का बनना हमारे जन्म के भी पहले से मां के गर्भ में रहते ही शुरू हो जाता है। जन्म के बाद कई सारी चीजें इस इम्यूनिटी को बढ़ाने और बनाए रखने में मदद करती हैं और इसमें सबसे पहला और महत्वपूर्ण साधन होता है, मां का दूध। चाहे भावनाओं की बात करें या विज्ञान की, मां के दूध की तुलना अमृत से की गई है। रिसर्च इस बात को सिद्ध कर चुकी हैं कि जिन बच्चों को मां का दूध पर्याप्त मात्रा में मिलता है, उनमें सामान्य रोगों से लड़ने और बीमारियों से बचने की क्षमता अन्य बच्चों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हो जाती है। इसलिए मां के दूध की कोई तुलना ही नहीं हो सकती। दुनिया का कोई भी मिल्क फॉर्मूला या सप्लीमेंट मां के दूध की बराबरी नहीं कर सकता। यह बच्चे के लिए ईश्वर का अनमोल उपहार है। 

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अमृत की बूंदें

बच्चे के जन्म के तुरंत बाद उसे मां से मिलने वाले पीले रंग के गाढ़े दूध को कोलोस्ट्रम कहते हैं। इस दूध की एक एक बूंद बच्चे के लिए फायदेमंद होती है। इसमें एंटीबॉडीज का खजाना होता है जो बच्चे के नए जीवन की शुरुआत को मजबूत बनाता है। इसके बाद का नियमित स्तनपान भी बच्चे को कई तरह के पोषक तत्व देता है। 

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breastfeeding week 2021: breastmilk benefits for children
माएं नियमित रूप से दूध, पनीर ,छेना, हरी सब्जियां,ताजे फल, अंडे, सूखे मेवे, दालें आदि का सेवन कर सकती हैं।  - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना में भी है जरूरी

कोरोना महामारी को लेकर लोगों में काफी सारी भ्रांतियां हैं। खासकर पहली बार मां बन रही महिलाएं कंफ्यूजन में हैं। इसलिए कुछ बातों को ध्यान रखिए-

  • जन्म से कम से कम छह माह तक बच्चे को मां का दूध मिलना जरूरी है। इसके अलावा डेढ़ से दो साल तक की उम्र तक भी सम्भव हो तो स्तनपान करवाएं। 
  • स्तनपान कराना जरूरी है, कोरोना की स्थिति में भी। चाहे आप नए नए मातृत्व के दौर से गुजर रही हों या कुछ समय पहले मां बनी हों। 
  • जब तक किसी खास मेडिकल स्थिति की वजह से डॉक्टर आपको बच्चे को दूध पिलाने से मना न करें, तब तक नियमित स्तनपान करवाएं।
  • स्तनपान करवाने वाली महिलाएं भी वैक्सीन लगवा सकती हैं। इससे बच्चे तक भी वैक्सीन का फायदा पहुंच सकता है। 
  • जो महिलाएं कोरोना संक्रमण से गुजर रही हैं वे स्तनपान करवा सकती हैं या नहीं यह बीमारी की गम्भीरता के स्तर पर निर्भर करता है। यदि उन्हें माइल्ड सिम्टम्स हैं और मुश्किल ज्यादा नहीं है तो वे मास्क लगाकर और साफ सफाई का पूरा ध्यान रखकर बच्चे को दूध पिला सकती हैं। 
  • अगर मां कोरोना संक्रमण की वजह से गंभीर स्थिति में है तो भी उसका दूध किसी साधन की सहायता से निकालकर बच्चे को चम्मच से पिलाया जा सकता है। आजकल ऐसे कई साधन उपलब्ध होते हैं। इसके लिए अपनी डॉक्टर से सहायता ली जा सकती है। इसे एक्सप्रेस्ड मिल्क कहा जाता है।  
  • यदि मां को दूध नहीं बन रहा हो तो घर या परिवार में हाल ही में बच्चे को जन्म देने वाली कोई भी स्वस्थ महिला उसके बच्चे को स्तनपान करवा सकती है। 
  • हमारे यहां अभी मिल्क बैंक का चलन बहुत कम है। अन्यथा मां के दूध को निकालकर, स्टोर करके भी किसी बच्चे को पिलाया जा सकता है। 
  • स्तनपान करवाने वाली महिला के लिए है प्रोटीन डाइट बहुत जरूरी है। रेयर केसेस में यदि किसी महिला को प्रोटीन के सेवन से ही कोई समस्या हो तो अलग बात है। वरना भरपूर प्रोटीन का सेवन करें। 
  • माएं नियमित रूप से दूध, पनीर ,छेना, हरी सब्जियां,ताजे फल, अंडे, सूखे मेवे, दालें आदि का सेवन कर सकती हैं। 


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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