क्या आप भी दवा को तोड़कर खाते हैं? उससे पहले पढ़ें ये खबर
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आपने कई लोगों को दवाइयां तोड़कर खाते हुए देखा होगा। और शायद आप भी उन्हीं लोगों में शामिल हों जो दवाइयां तोड़कर खाते हैं। ऐसा आप तब करते हैं जब दवाई की डोज आपको कम लेने के लिए कही गई है आप उससे ज्यादा डोज की दवा ले आते हैं। लेकिन दवाइयां तोड़कर खाना कितना सही है ये हम आपको बताएंगे।
सबसे पहले दवा के ऊपर लिखें निर्देशों को पढ़ लें। कई दवाओं में ये लिखा होता है कि उसे तोड़कर खाया जा सकता है या नहीं। अगर ऐसा कोई निर्देश नहीं लिखा गया है तो इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि आपको वो दवा तोड़कर नहीं खानी है।
अगर इसके बावजूद आपको समझ नहीं आ रहा कि दवा को तोड़कर लेना सही है या नहीं तो किसी अच्छे डॉक्टर से जरूर संपर्क कर लें। पिल्स या कैप्सूल को तो भूलकर भी नहीं तोड़ना चाहिए क्योंकि इससे उसका पाउडर का डोज घट सकता है।
कैप्सूल को तो भूलकर भी न तोड़ें
कुछ दवाओं का असर धीरे-धीरे होता है ऐसी दवाओं को तोड़कर खाना खतरे से खाली नहीं। इससे उस दवा का असर भी खत्म हो सकता है।
कुछ दवाओं के ऊपर एक कोटिंग होती है ऐसे में उसे तोड़कर खाने से वो हवा के संपर्क में आकर खराब हो सकती है। इसके अलावा दवाओं को तोड़ने से उसका एक हिस्सा तो आप उसी समय खा लेते हैं लेकिन उसके दूसरे हिस्से को स्टोर करना मुश्किल हो जाता है।
दवाओं को तोड़ने में भले ही आप कितनी भी सावधानी बरतें लेकिन आप ये पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि उसे आपने बराबर भागों में बांटा है। बाद में आप उस दवा का असर न होने की शिकायत करते हैं। ऐसा आपका दवा का सही डोज न लेने की वजह से हो सकता है।