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अग्निसार क्रिया: अब नहीं होंगे पेट में होने वाली गैस की समस्या से परेशान
Sun, 30 Dec 2018 12:15 PM IST
मोना नारंग
ऊर्जा डेस्क, अमर उजाला
ऊर्जा डेस्क, अमर उजाला
Published by: मोना नारंग
Updated Sun, 30 Dec 2018 12:15 PM IST
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जिन्हें गैस या वायुजनित रोग है, उनके लिए अग्निसार क्रिया बहुत उपयोगी है। यदि यह क्रिया मूलबंध लगाकर यानी गुदामार्ग सिकोड़कर की जाए, तो ऊर्जा बहुत तेजी से ऊपर बढ़ती जाती है।
इस तरह करें:
पूरी सांस भरें और अच्छी तरह से सांस बाहर निकालने के बाद पेट को अन्दर की तरफ खींचे और फिर बाहर की ओर ढीला छोड़ें। जब पेट को आगे-पीछे करते हुए मांसपेशियां दुखने लगें और सांस रोकना मुश्किल हो जाए, तब पेट को ढीला छोड़ दें और सांस भरकर आराम से सीधे खड़े हो जाएं। थोड़े विश्राम के बाद इस क्रिया को फिर से दोहराएं। शुरुआत में इसे लगभग 10 बार करें।
ये लोग न करें:
पेप्टिक अल्सर, कोलाइटिस, हर्निया, पेट के ऑपरेशन,मासिक धर्म, गर्भावस्था आदि में न करें।
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इस तरह करें:
पूरी सांस भरें और अच्छी तरह से सांस बाहर निकालने के बाद पेट को अन्दर की तरफ खींचे और फिर बाहर की ओर ढीला छोड़ें। जब पेट को आगे-पीछे करते हुए मांसपेशियां दुखने लगें और सांस रोकना मुश्किल हो जाए, तब पेट को ढीला छोड़ दें और सांस भरकर आराम से सीधे खड़े हो जाएं। थोड़े विश्राम के बाद इस क्रिया को फिर से दोहराएं। शुरुआत में इसे लगभग 10 बार करें।
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ये लोग न करें:
पेप्टिक अल्सर, कोलाइटिस, हर्निया, पेट के ऑपरेशन,मासिक धर्म, गर्भावस्था आदि में न करें।