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जालंधर के 200 साल पुराने अखाड़े में मिले पैर के लंबे-चौड़े निशान, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Mon, 14 Sep 2020 12:12 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, जालंधर
अमर उजाला, जालंधर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 14 Sep 2020 12:12 PM IST
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पैरों के निशान
- फोटो : अमर उजाला
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जालंधर में पुरानी जेल रोड पर स्थित नाथा बगीची में 200 साल पुराने कुश्ती के अखाड़े में रविवार सुबह बड़े आकार के पैरों के निशान देखे गए। शनिवार शाम को जाने से पहले पहलवान मिट्टी में सुहागा फेर (समतल) कर गए थे। इसके बाद वहां कोई नहीं जाता। रविवार सुबह यहां स्थित हनुमान मंदिर के प्रबंधकों और पुजारी ने मिट्टी में डेढ़ फुट लंबे और चौड़े पैर के निशान देखे।
उन्होंने दावा किया कि यह पैरों के चिन्ह बालाजी के हो सकते हैं। जैसे ही खबर फैली, लोगों की भीड़ उमड़ने लगी और वहां पूजापाठ शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने अखाड़े में पड़े कुल 15 पद चिन्हों पर पुष्प अर्पित किए और माथा टेका। जानकारी के अनुसार, करीब 25 साल पहले भी इस अखाड़े में ऐसे पद चिन्ह देखे गए थे।
उस समय भी पद चिन्ह का आकार काफी चौड़ा व बड़ा था, जिसमें रविवार की ही तरह अंगुलियों और अंगूठे की छाप मिट्टी में बराबर दिख रही थी। मंदिर के प्रधान राजेश खन्ना और उपप्रधान टोनू जिंदल ने बताया कि यह पदचिन्ह बालाजी महाराज के पद चिन्हों की तरह है।
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उन्होंने दावा किया कि यह पैरों के चिन्ह बालाजी के हो सकते हैं। जैसे ही खबर फैली, लोगों की भीड़ उमड़ने लगी और वहां पूजापाठ शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने अखाड़े में पड़े कुल 15 पद चिन्हों पर पुष्प अर्पित किए और माथा टेका। जानकारी के अनुसार, करीब 25 साल पहले भी इस अखाड़े में ऐसे पद चिन्ह देखे गए थे।
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उस समय भी पद चिन्ह का आकार काफी चौड़ा व बड़ा था, जिसमें रविवार की ही तरह अंगुलियों और अंगूठे की छाप मिट्टी में बराबर दिख रही थी। मंदिर के प्रधान राजेश खन्ना और उपप्रधान टोनू जिंदल ने बताया कि यह पदचिन्ह बालाजी महाराज के पद चिन्हों की तरह है।
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