फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jobs ›   Other Jobs ›   govt decided to give subsidy for unemployed youth

बेरोजगार युवाओं को मोदी सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, आप भी पढ़िए

Thu, 04 Jun 2015 07:31 PM IST
Updated Thu, 04 Jun 2015 07:31 PM IST
विज्ञापन
govt decided to give subsidy for unemployed youth

पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक व किसानों को सोलर उद्यमी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 4,750 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का फैसला किया है। इस संबंध में नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव उपेन्द्र त्रिपाठी ने सभी राज्यों को पत्र लिखा है।

विज्ञापन


एमएनआरई ने सभी राज्यों के लिए ग्रिड से जुड़ी सोलर फोटो वोल्टिक परियोजना की स्थापना के लिए लक्ष्य भी तय कर दिया है और उस हिसाब से सब्सिडी की राशि तय की गई है।
विज्ञापन


एमएनआरई ने इस योजना के लिए उत्तर प्रदेश को 474 करोड़ रुपये, हरियाणा को 207 करोड़ रुपये, पंजाब को 228 करोड़ रुपये, जम्मू-कश्मीर को 70 करोड़ रुपये तो हिमाचल प्रदेश को 42 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का फैसला किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्यों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बेरोजगार व किसानों को उद्यमी बनाने के लिए सरकार की तरफ से जिन परियोजनाओं के लिए सब्सिडी दी जाएगी उनका आकार 0.5 मेगावाट से लेकर 5 मेगावाट तक होना चाहिए।

बेरोजगार युवक व किसान की बराबर हिस्सेदारी

govt decided to give subsidy for unemployed youth

मंत्रालय ने राज्यों से कहा है अगर दो माह के भीतर कोई राज्य इस तय लक्ष्य के लिए हामी नहीं भरता है तो उसके कोटे के लक्ष्य को किसी अन्य राज्य को आवंटित किया जाएगा।

एमएनआरई ने वर्ष 2022 तक सोलर ऊर्जा की उत्पादन क्षमता को एक लाख मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य के तहत 9,500 मेगावाट क्षमता की स्थापना ग्रिड से जुड़ी पीवी परियोजनाओं से होगी।

0.5 से 5 मेगावाट तक वाली इस परियोजना की स्थापना 11 केवी, 33 केवी, 66 केवी व 132 केवी वाले सब स्टेशन के आसपास की जाएगी, ताकि उनमें इन सोलर परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की आपूर्ति की जा सके। राज्य सरकार इन परियोजनाओं के आवंटन के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगी और परियोजनाओं के आवंटन में बेरोजगार युवक व किसान की हिस्सेदारी बराबर की होगी।

राज्य सरकार की जिम्मेदारी यही पर खत्म नहीं होगी। राज्य सरकार को अपने-अपने राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को इन सोलर परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की खरीदारी के लिए भी कहना होगा। डिस्कॉम को बिजली खरीदने की दरों की भी घोषणा करनी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

 रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed