बेरोजगार युवाओं को मोदी सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, आप भी पढ़िए
पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक व किसानों को सोलर उद्यमी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 4,750 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का फैसला किया है। इस संबंध में नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव उपेन्द्र त्रिपाठी ने सभी राज्यों को पत्र लिखा है।
एमएनआरई ने सभी राज्यों के लिए ग्रिड से जुड़ी सोलर फोटो वोल्टिक परियोजना की स्थापना के लिए लक्ष्य भी तय कर दिया है और उस हिसाब से सब्सिडी की राशि तय की गई है।
एमएनआरई ने इस योजना के लिए उत्तर प्रदेश को 474 करोड़ रुपये, हरियाणा को 207 करोड़ रुपये, पंजाब को 228 करोड़ रुपये, जम्मू-कश्मीर को 70 करोड़ रुपये तो हिमाचल प्रदेश को 42 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का फैसला किया है।
राज्यों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बेरोजगार व किसानों को उद्यमी बनाने के लिए सरकार की तरफ से जिन परियोजनाओं के लिए सब्सिडी दी जाएगी उनका आकार 0.5 मेगावाट से लेकर 5 मेगावाट तक होना चाहिए।
बेरोजगार युवक व किसान की बराबर हिस्सेदारी
मंत्रालय ने राज्यों से कहा है अगर दो माह के भीतर कोई राज्य इस तय लक्ष्य के लिए हामी नहीं भरता है तो उसके कोटे के लक्ष्य को किसी अन्य राज्य को आवंटित किया जाएगा।
एमएनआरई ने वर्ष 2022 तक सोलर ऊर्जा की उत्पादन क्षमता को एक लाख मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य के तहत 9,500 मेगावाट क्षमता की स्थापना ग्रिड से जुड़ी पीवी परियोजनाओं से होगी।
0.5 से 5 मेगावाट तक वाली इस परियोजना की स्थापना 11 केवी, 33 केवी, 66 केवी व 132 केवी वाले सब स्टेशन के आसपास की जाएगी, ताकि उनमें इन सोलर परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की आपूर्ति की जा सके। राज्य सरकार इन परियोजनाओं के आवंटन के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगी और परियोजनाओं के आवंटन में बेरोजगार युवक व किसान की हिस्सेदारी बराबर की होगी।
राज्य सरकार की जिम्मेदारी यही पर खत्म नहीं होगी। राज्य सरकार को अपने-अपने राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को इन सोलर परियोजनाओं से उत्पादित बिजली की खरीदारी के लिए भी कहना होगा। डिस्कॉम को बिजली खरीदने की दरों की भी घोषणा करनी होगी।