UPSC Civil Services: अभ्यर्थियों को आवंटित हुए कैडर, जानिए किसे मिला आईएएस, आईपीएस, आईएफएस का पद
UPSC Civil Services 2021: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 के परीक्षा के नतीजे 24 सितंबर 2021 को जारी कर दिए गए थे। परीक्षा को पास कर चुके उम्मीदवारों के कैडरों को आवंटित कर दिया गया है। जानकारी के लिए यूपीएससी की वेबसाइट upsc.gov.in. व कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की वेबसाइट dopt.gov.in.पर जाएं।
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विस्तार
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सेवा परीक्षा 2020 को पास कर चुके उम्मीदवारों को कैडर आवंटित कर दिया गया है। यूपीएससी सेवा परीक्षा 2020 की घोषणा 24 सितंबर 2021 को हुई थी। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की आधिकारिक वेबसाइट dopt.gov.in.पर कुल 668 उम्मीदवारों के कैडर के आवंटन करने की सूचना को जारी कर दिया गया है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में हर वर्ष लाखों उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाते हैं। सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), रेलवे ग्रुप ए ( भारतीय रेलवे लेखा सेवा ) सहित अन्य सेवाओं के लिए चयन किया जाता है। यह परीक्षा प्रत्येक प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार को मिलाकर तीन चरणों में आयोजित की जाती है। सिविल सेवा परीक्षा 2020 की मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंतिम परिणाम 24 सितंबर 2021 को जारी हुए थे।
इन्होंने किया था टॉप
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में टॉप करने वाले बिहार के शुभम कुमार (Shubham Kumar) ने पहली रैंक हासिल की थी। वहीं, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की निवासी जागृति अवस्थी (Jagriti Awasthi) ने दूसरी रैंक प्राप्त की थी। दिल्ली की रहने वाली और उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मी अंकिता जैन (Ankita Jain) ने तीसरी रैंक हासिल की थी। तीनों टॉपर्स को आईएएस कैडर आवंटित किया गया है। इसके साथ ही चौथा स्थान हासिल करने वाले यश जलूका को भी आईएएस का पद दिया गया है।
पूरी मेहनत से करते हैं यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी -
हर वर्ष 700 के करीब उम्मीदवारों का चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में होता है। लेकिन इसके लिए वह पूरी शिद्दत से मेहनत करते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) समेत कई विश्वविद्यालयों के ग्रेजुएट छात्र सिविल सेवा परीक्षा को पास कर रहे हैं। इनमें से कई छात्रों के मन में अपने स्नातक के दिनों से ही सिविल सेवा परीक्षा को पास करने का जज्बा जाग उठता है।