UP Police Exam 2021: आखिर कब एक DSP को ACP बनाया जा सकता है, कैसे अलग हो जाती कार्य प्रणाली, समझें पूरे बड़े बदलाव
उत्तर प्रदेश पुलिस में हाल ही दरोगा भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अनुमान है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जल्दी ही इसकी लिखित परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर एग्जाम ई शुरुआत कर दी जाएगी।
विस्तार
क्या आपको पता है कि SP, SSP, CO, SO, SHO, ACP, DCP, आदि पुलिस विभाग के ही अधिकारी होते हैं लेकिन इनकी कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों का दायरा कम और अधिक होता है। आखिर कब एक DSP को ACP बनाया जा सकता है या किसी शहर में एसीपी की पोस्ट कब लागू होती है और क्या इनकी कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों में कोई बदलाव होता है ऐसे तमाम सवालों के जवाब आज हम आपको इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं। साथ ही पुलिस विभाग के कई पदों का विस्तार से वर्णन भी किया जाएगा। इसके साथ ही इस परीक्षा की तैयारी के लिए सफलता के फ्री कोर्स से जुड़ सकते हैं।
ऐसे समझें DSP व ACP के पद में अंतर
आपको बता दें कि जिन शहरों में कमिशनरी प्रणाली लागू होती है उन सिटी में ACP की पोस्ट का सृजन किया जाता है। हालांकि इन पदों में कोई अंतर नहीं होता है लेकिन कमिशनरी प्रणाली के लागू हो जाने के बाद इनके पदनामों में बदलाव कर दिया जाता है। आपको बता दें कि यहा तक कि इनके बैज भी समान होते हैं। ACP यानी जिसका शाब्दिक अर्थ असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस होता है जबकि DSP का मतलब डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस होता है।
कैसे करें यूपी पुलिस एसआई की तैयारी
यूपी एसआई भर्ती के लिखित परीक्षा की पक्की तैयारी और सभी विषयों के कंप्लीट रिवीजन के लिए आज ही Safalta द्वारा चलाए जा रहे फ्री Safalta Class ज्वॉइन कर सकते हैं और अपने बचे हुए समय में कंप्लीट रिवीजन और प्रैक्टिस कर सकते हैं जहां सभी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSI, UP-ASI, PET. CTET, UPTET, पॉलिटेक्निक, NDA/NA, CDS, AFCAT समेत लगभग एग्जाम की दिल्ली की बेस्ट फैकल्टी द्वारा लाइव क्लासेस के साथ तैयारी कराई जा रही है।