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Delhi Police: सीबीएसई भर्ती परीक्षा में प्रॉक्सी रैकेट का भंडाफोड़, दिल्ली पुलिस ने चार को किया गिरफ्तार

Sat, 26 Apr 2025 07:52 PM IST
आकाश कुमार जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sat, 26 Apr 2025 07:52 PM IST
सार

Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है। परीक्षा के दौरान उम्मीदवार और परीक्षा देने आए व्यक्ति का बायोमेट्रिक मेल नहीं हुआ, जिसे एक निरीक्षक ने पकड़ लिया।
 

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Proxy racket busted in CBSE recruitment exam, Delhi Police arrested four
Arrest - फोटो : Freepik

विस्तार

Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले प्रॉक्सी और मूल उम्मीदवार सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक 28 वर्षीय व्यक्ति ने सीबीएसई भर्ती परीक्षा में बैठने के लिए ब्लूटूथ डिवाइस से लैस एक प्रॉक्सी उम्मीदवार को काम पर रखा था। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि दोनों के बीच बायोमेट्रिक मेल नहीं हुआ, जिसे एक निरीक्षक ने पकड़ लिया।

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पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान सचिन (26), प्रॉक्सी और नितिन (28), मूल उम्मीदवार के रूप में हुई है। इसके अलावा, दो बिचौलिए भी पकड़ गए हैं। बिचौलिए बलजिंदर (27) और श्याम सुंदर (29) को शहर के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस ने एक बयान में कहा कि हरियाणा के झज्जर से बीटेक स्नातक नितिन सरकारी नौकरी की तलाश कर रहा था। ऐसे में उसने सिलेक्शन पाने के लिए एक प्रतिरूपणकर्ता को हायर किया। बलजिंदर और श्याम सुंदर, दोनों हरियाणा के टोहाना नगर निगम में ग्रुप डी के कर्मचारी हैं, जो कथित तौर पर बिचौलिए के रूप में काम करते थे।

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15 लाख में हुआ था सौदा

जांच में पता चला कि श्याम ने नितिन के चयन के लिए 15 लाख रुपये में सौदा किया था। पुलिस ने बताया कि श्याम ने बाद में बलजिंदर को शामिल किया, जिसने 12 लाख रुपये में नितिन की जगह सचिन को परीक्षा में बैठाने की व्यवस्था की।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने हताश उम्मीदवारों की पहचान करने के लिए एक नेटवर्क भी बना रखा था। फिर इन उम्मीदवारों से संपर्क किया जाता और उनकी जगह ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य उपकरणों से लैस उनके नकलची की व्यवस्था की जाती।

20 अप्रैल की घटना

यह मामला 20 अप्रैल को तब प्रकाश में आया जब ग्रेटर कैलाश-2 के एक स्कूल में अधीक्षक और जूनियर सहायक के पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। नियमित जांच के दौरान निरीक्षक को एक उम्मीदवार के बायोमेट्रिक डेटा और उसके लिए परीक्षा देने वाले व्यक्ति के डेटा के बीच अंतर मिला। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। 

डीसीपी (दक्षिण) अंकित चौहान ने कहा, "सचिन को सादे कपड़ों में अधिकारियों ने परीक्षा हॉल के बाहर से गिरफ्तार किया, जबकि पास में इंतजार कर रहे नितिन को कुछ ही देर बाद गिरफ्तार कर लिया गया।" 

पूछताछ के दौरान दोनों ने बलजिंदर और श्याम की संलिप्तता का खुलासा किया, जिन्हें थोड़ी तलाशी के बाद ग्रेटर कैलाश इलाके के एक पार्क से गिरफ्तार किया गया। 

हरियाणा के रोहतक से स्नातक सचिन का विभिन्न परीक्षाओं में प्रॉक्सी के रूप में शामिल होने का इतिहास रहा है। डीसीपी ने कहा कि वह राजस्थान के सीकर में दर्ज इसी तरह के एक मामले में वांछित था। अधिकारी ने कहा कि रैकेट में और लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। 

पुलिस ने कहा कि आरोपी के कब्जे से चार जीएसएम ब्लूटूथ डिवाइस, चार मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक कार, एक ओएमआर शीट, दो एडमिट कार्ड और एक उपस्थिति पत्रक जब्त किया गया है। 

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