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बड़ा फैसला : उच्च न्यायालय ने रद्द की झारखंड लोक सेवा आयोग की मेरिट सूची, कार्रवाई के भी निर्देश

Mon, 07 Jun 2021 01:19 PM IST
देवेश शर्मा जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 07 Jun 2021 01:19 PM IST
सार

अदालत ने राज्य सरकार को मेरिट सूची में गलती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।

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Jharkhand High Court cancels the merit list of the 6th Jharkhand Public Service Commission Exam
जेपीएससी : झारखंड लोक सेवा आयोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड उच्च न्यायालय ने झारखंड लोक सेवा आयोग की मेरिट सूची को रद्द कर दिया और 8 सप्ताह में एक नई मेरिट सूची तैयार करने का आदेश दिया। अदालत ने राज्य सरकार को मेरिट सूची में गलती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।

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यह अहम फैसला झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने दिया है। पीठ जेपीएससी यानी झारखंड लोक सेवा आयोग की छठवीं लोक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की मेरिट सूची को चुनौती दी जाने के मामले में सुनवाई कर रहा था। पीठ ने 11 फरवरी, 2021 को सुनवाई पूरी होने के बाद के मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। 
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जानकारी के अनुसार, न्यायालय ने कहा था कि झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित छठी संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के परिणामों को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सात जून को फैसला सुनाया जाएगा। अदालत ने इस मामले में सफल अभ्यर्थियों को भी प्रतिवादी बनाया था। 

 

बता दें कि मामले में दायर 16 विभिन्न याचिकाओं पर उच्च न्यायालय की ओर से तीन फरवरी से लगातार सुनवाई की जा रही थी।याचिकाकर्ताओं का कहना था कि छठी जेपीएससी परीक्षा के परिणाम में काफी गड़बड़ियां हैं। याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि जेपीएससी ने क्वालीफाइंग पेपर के अंक जोड़कर फाइनल रिजल्ट तैयार किया था, जो कि गलत है। इसके साथ ही रिजल्ट तैयार करने में और भी हेरफेर की गई है। इस आधार पर, याचिकाकर्ताओं ने रिजल्ट को निरस्त कर दोबारा नए सिरे से परिणाम जारी करने की मांग की थी। 
 

जबकि, झारखंड सरकार की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता राजीव रंजन व जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने याचिकाओं का विरोध किया था। उन्होंने अदालत को बताया कि जेपीएससी ने छठी सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप ही जारी किया था। इस परिणाम के जरिये 326 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया था। परिणाम प्रकाशित करने के बाद नियुक्ति अनुशंसा के लिए नाम राज्य सरकार को भेजे गए थे। 

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