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AIIMS: एम्स भुवनेश्वर भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का खुलासा, एम्स अधिकारी समेत छह के खिलाफ केस दर्ज

Sat, 09 Aug 2025 01:06 PM IST
शाहीन परवीन जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sat, 09 Aug 2025 01:06 PM IST
सार

AIIMS Bhubaneswar: सीबीआई ने एम्स भुवनेश्वर भर्ती मामले में फर्जी दस्तावेजों का खुलासा किया है। इस मामले में एम्स के एक अधिकारी समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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एम्स भुवनेश्वर भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का खुलासा - फोटो : https://cbi.gov.in/

विस्तार

AIIMS: सीबीआई ने एम्स-भुवनेश्वर में ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के पदों पर भर्ती में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में एक अधिकारी और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी।

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इस मामले में सीबीआई ने मार्च में अपनी प्रारंभिक जांच की थी, जिसमें अपराध की साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप सामने आए थे।

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नौकरी पाने के लिए चलाया गया जालसाजी का खेल

अधिकारियों ने बताया कि एम्स-भुवनेश्वर के भर्ती प्रकोष्ठ के सहायक प्रशासनिक अधिकारी सुधीर कुमार प्रधान और पांच अन्य - राजश्री पांडा, संग्राम मिश्रा, साई सागर कर, श्री संबित मिश्रा और श्रुति सागर कर - के खिलाफ सीबीआई ने इस मामले में मामला दर्ज किया है।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि बॉम्बे इंटेलिजेंस सिक्योरिटी (इंडिया) लिमिटेड (BIS) की कर्मचारी श्रुति सागर कर ने एम्स-भुवनेश्वर में अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के लिए स्थायी नौकरी हासिल करने की साजिश रची थी।

1 जुलाई, 2023 को विज्ञापित पदों के लिए जाली शैक्षिक और कार्य अनुभव प्रमाण पत्रों का उपयोग करके भर्ती प्रक्रिया से समझौता किया गया।

कॉलेज का बुनियादी ढांचा संदिग्ध

आरोप है कि पांडा (श्रुति सागर कर की पत्नी), संग्राम मिश्रा, साई सागर कर और संबित मिश्रा ने श्री कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज, गाजियाबाद द्वारा जारी किए गए जाली शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरियां हासिल की थीं।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है, "इसके अलावा, वेबसाइट पर दिए गए पतों पर ऐसा कोई कॉलेज या विश्वविद्यालय का बुनियादी ढांचा, यानी कॉलेज और एलाइड हेल्थकेयर काउंसिल ऑफ इंडिया, जिससे कॉलेज संबद्ध है, मौजूद नहीं पाया गया।"

सीबीआई ने कार्य अनुभव से संबंधित अनियमितताओं का भी पता लगाया। गोरखपुर के बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज में स्वच्छता निरीक्षक और मेडिकल रिकॉर्ड तकनीशियन जैसे पदों पर उनकी सेवा दर्शाने वाले प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।

अधिकारी प्रधान की भूमिका और साजिश की गहराई उजागर

अधिकारियों ने बताया कि ये प्रमाण पत्र कथित तौर पर श्रुति सागर कर द्वारा आवेदकों और अन्य लोगों के साथ साजिश रचकर बनाए गए थे।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि प्रधान ने साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई क्योंकि उन्होंने उच्च अधिकारियों को यह जानकारी नहीं दी कि गाजियाबाद संस्थान को भेजा गया सत्यापन पत्र बिना वितरित किए वापस आ गया था, जिससे चारों उम्मीदवार अपनी नौकरी जारी रख पाए।

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