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जन्म देकर महिला को पसंद नहीं आई बेटी, रचा खतरनाक खेल

Fri, 07 Aug 2015 03:21 PM IST
Updated Fri, 07 Aug 2015 03:21 PM IST
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woman refused her new born baby girl for another baby boy

झारखंड के जारमुंडी में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक महिला ने बच्ची को जन्म देने के बाद उसे यह कहकर अपनाने से इंकार कर दिया कि उसने एक बेटे को जन्म दिया था।

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हालांकि महिला को जल्द ही अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी, बाद में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने पति और घरवालों की इच्छा पूरी करने के लिए ऐसा किया।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार घर वालों के भी इस मामले में साथ देने के कारण आरोपी महिला ललिता देवी ने बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने का दावा भी कर दिया। उसके इस दावे ने एक बार को अस्पताल अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया।
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अस्पताल प्रबंधन पर ही लगा दिया हेराफेरी का आरोप

woman refused her new born baby girl for another baby boy

घरवालों ने दावा किया कि ललिता देवी ने बीते मंगलवार को जारमुंडी के एक सामुदायिक स्वास्‍थ्य केन्द्र में एक लड़के को जन्म दिया था। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक जन्म के कुछ देर बाद ही ललिता देवी ने अस्पताल के स्टाफ के साथ मिलीभगत कर लड़की को एक अन्य लड़के के साथ बदल दिया।

वहीं जिस महिला का बच्चा बदला गया उसकी सास पीसीया देवी ने बताया कि मेरी बहू को नर्स डिलीवरी के लिए लेबर रूम में लेकर गई थी जहां कुछ देर बाद मुझे बताया गया कि उसने बेटे को जन्म दिया है लेकिन जब हमारे हाथ में बच्चा दिया गया तो वो लड़की थी।

वहीं अस्पताल के अधिकारियों के लिए स्थिति उस समय दुश्वर हो गई जब पता चला कि जरमुंडी ब्लाक के अंतर्गत धामना गांव के रहने वाले ललिता देवी के परिजन काफी संख्या में एकत्र होकर अस्पताल पहुंच गए।

डीएनए टेस्ट की बात पर खींच लिए पांव

woman refused her new born baby girl for another baby boy

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर बच्चों के अदला बदली का गिरोह चलाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामला उस समय कुछ हल होता दिखा जब सामुदायिक स्वास्‍थ्य केन्द्र के इंचार्ज डा. रमेश कुमार ने उस दिन सुबह जन्म लेने वाले चारों बच्चों का डीएनए टेस्ट कराने की बात कही।

वहीं मामला खुलता देख ललिता और उसके परिवार के लोगों ने इससे हाथ खींचना शुरू कर दिया। डा. रमेश कुमार ने बताया कि ललिता और उसके परिजन उससे बेटे की उम्‍मीद कर रहे थे। उसके पहले भी एक बेटी है।

जब उन्हें पता चला कि ललिता के अलावा यहां तीन और महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया है तब उन्होंने गलत दावा करने की प्लानिंग शुरू कर दी। वहीं जब बात डीएनए टेस्ट की आई तो पोल खुलने के डर से पांव पीछे खींच लिए।

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